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असम में बाढ़ राहत न मिलने पर अखिल गोगोई का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरूअसम
3 अक्तू॰ 2026, 8:42 pm (43 मिनट पहले)· 0

असम में बाढ़ राहत न मिलने पर अखिल गोगोई का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू

शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने चार जिलों के बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि न मिलने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

असम के शिवसागर क्षेत्र से विधायक और राइजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने राज्य सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन छेड़ दिया है। उनका कहना है कि राज्य के चार जिलों में बाढ़ का दंश झेलने वाले परिवारों को अब तक तय की गई एकमुश्त अंतरिम आर्थिक सहायता पूरी तरह नहीं मिल पाई है। इसी देरी के विरोध में उन्होंने 2 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से अपना सत्याग्रह आरंभ किया, क्योंकि प्रशासन को दी गई अंतिम समयसीमा बिना किसी ठोस समाधान के बीत गई थी।

बाढ़ पीड़ितों के लिए वित्तीय मदद की मांग

इस आंदोलन के केंद्र में चार प्रमुख जिले शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट शामिल हैं। विधायक का कहना है कि इन चार जिलों के बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को 15,000 रुपये की एकमुश्त अंतरिम सहायता तत्काल दी जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने शिवसागर और चराइदेव के आपदा पीड़ितों के लिए अतिरिक्त 10,000 रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराने की मांग भी उठाई है। उनका दावा है कि निर्धारित व्यवस्था के बावजूद जमीनी स्तर पर पीड़ितों को उनका हक नहीं मिल पाया है।

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राहत वितरण में भारी खामियों का आरोप

विधायक ने दावा किया है कि चारों चिन्हित जिलों में लगभग 30 से 40 प्रतिशत प्रभावित लोग अब तक 15,000 रुपये की मूल सहायता राशि से वंचित हैं। इसके साथ ही, शिवसागर और चराइदेव के मामले में स्थिति और भी खराब बताई गई है, जहाँ उनके अनुसार अतिरिक्त 10,000 रुपये की राशि किसी भी बाढ़ पीड़ित परिवार तक नहीं पहुंची है। इन विसंगतियों को देखते हुए उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र और आंदोलन की चेतावनी

आंदोलन शुरू करने के अगले दिन, यानी 3 अक्टूबर को उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को पत्र भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस पत्र की प्रति असम के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है। पत्र में विधायक ने कहा,

“मैं दोहराना चाहता हूं कि जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, मेरा सत्याग्रह जारी रहेगा।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में सीधे हस्तक्षेप करने और बिना किसी देरी के राहत राशि जारी करवाने का आग्रह किया।

गुवाहाटी प्रदर्शन के बाद तय की गई थी समयसीमा

इस अनिश्चितकालीन सत्याग्रह की नींव 23 सितंबर को गुवाहाटी के चंचल धरना स्थल पर आयोजित एक जनसभा में रखी गई थी। उस बैठक में तत्काल अंतरिम राहत के साथ-साथ चारों जिलों के प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग उठाई गई थी। उसी दिन एक सरकारी प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें मांगों को पूरा करने के लिए 1 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। उस ज्ञापन में स्पष्ट कर दिया गया था कि यदि समयसीमा के भीतर कदम नहीं उठाए गए, तो 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

सवाल-जवाब

अखिल गोगोई ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह क्यों शुरू किया है?
उन्होंने असम के चार जिलों में बाढ़ पीड़ितों को घोषित अंतरिम राहत राशि का समय पर भुगतान न होने के विरोध में यह सत्याग्रह शुरू किया है।
यह सत्याग्रह कब और किस समय शुरू हुआ?
यह विरोध प्रदर्शन 2 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे शुरू किया गया।
बाढ़ राहत के तहत कौन-से चार जिले शामिल हैं?
इन मांगों में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिले शामिल हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए कितनी आर्थिक सहायता की मांग की जा रही है?
चारों जिलों के लिए 15,000 रुपये की एकमुश्त सहायता और शिवसागर व चराइदेव के पीड़ितों के लिए अतिरिक्त 10,000 रुपये की मांग की गई है।
अखिल गोगोई के अनुसार कितने प्रतिशत लोगों को सहायता राशि नहीं मिली है?
उनके दावे के अनुसार चारों जिलों के 30 से 40 प्रतिशत प्रभावित लोगों को 15,000 रुपये की सहायता नहीं मिली है, और शिवसागर व चराइदेव में अतिरिक्त 10,000 रुपये किसी को नहीं मिले हैं।
अखिल गोगोई ने सरकार को क्या समयसीमा दी थी?
23 सितंबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ज्ञापन सौंपकर सरकार को मांगें पूरी करने के लिए 1 अक्टूबर तक का समय दिया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 मिनट पहले

बाढ़ पीड़ितों को अब तक पैसा क्यों नहीं मिला, जबकि प्रशासन को पहले ही चेतावनी दी गई थी? क्या अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी?

Ravikash Gupta@ravikash·1 मिनट पहले

करण, तुम्हारी बात सही है, लेकिन क्या सरकार के पास इस देरी की कोई ठोस वजह होगी या सिर्फ लापरवाही है?

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