शेयर बाजार में जब भी अनिश्चितता का माहौल गहराता है या जोखिम बढ़ता है, तब पारंपरिक तौर पर निवेशक सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं। मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण सोने से भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी स्थिति के चलते निवेशकों ने अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने और संतुलित रिटर्न पाने के लिए एक नया निवेश ठिकाना तलाश लिया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) के हालिया आंकड़े बताते हैं कि निवेशक अब मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अगस्त के महीने में ब्रॉडर हाइब्रिड फंड कैटेगरी के तहत पूंजी जुटाने के मामले में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड दूसरे स्थान पर रहे और वे आर्बिट्राज फंड के बेहद करीब पहुंच गए।
अगस्त महीने में निवेश के आंकड़े और रुझान
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में 3,671 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) दर्ज किया गया। इसी अवधि में आर्बिट्राज फंड्स में 3,789 करोड़ रुपये का निवेश आया था। इन आंकड़ों से साफ झलकता है कि बाजार की वर्तमान परिस्थितियों में निवेशक मल्टी एसेट एलोकेशन फंड को एक मजबूत 'डिफेंसिव ग्रोथ' विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इस रणनीति की मदद से निवेशकों को बाजार की तीव्र उठापटक के सीधे झटकों से सुरक्षा मिलती है और साथ ही वे लंबी अवधि में इक्विटी के जरिए अपनी वेल्थ क्रिएशन का लक्ष्य भी पूरा कर पाते हैं।
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड के नियम और कार्यप्रणाली
बाजार की मौजूदा उथल-पुथल के बीच मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स को एक बेहतरीन रणनीतिक संतुलन बनाने वाले साधन के तौर पर स्वीकार किया जा रहा है। नियमों के अनुसार, इन फंड्स के लिए कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में पूंजी लगाना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही प्रत्येक चुनी गई एसेट क्लास में न्यूनतम 10% निवेश बनाए रखना जरूरी है। आमतौर पर इन योजनाओं में इक्विटी, डेट और सोना या चांदी जैसी संपत्तियों का मिश्रण शामिल किया जाता है। जोखिम प्रबंधन के साथ-साथ इन योजनाओं ने शानदार रिटर्न भी डिलीवर किया है, जिसकी वजह से निवेशकों का भरोसा इस कैटेगरी पर लगातार मजबूत हो रहा है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले फंड्स और रिटर्न का विवरण
अगर बीते तीन वर्षों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो निप्पॉन मल्टी एसेट एलोकेशन फंड 18.50% के सीएजीआर (CAGR) रिटर्न के साथ इस पूरी कैटेगरी में सबसे शीर्ष पर रहा है। इसके अलावा अन्य प्रमुख फंड हाउसों ने भी निवेशकों को बेहतरीन मुनाफा दिया है। व्हाइट ओक कैपिटल के इसी प्रकार के फंड ने 3 साल में 16.70% का रिटर्न हासिल किया है। वहीं एसबीआई के फंड ने 14.80% और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के फंड ने 14.10% का रिटर्न दर्ज किया है। इक्विटी बाजारों में ऊंचे वैल्यूएशन, व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं और समय-समय पर आने वाले शॉर्ट-टर्म करेक्शन के दौर में फिक्स्ड इनकम वाला हिस्सा पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है, जबकि सोने की तेजी पूरे निवेश को किसी बड़ी गिरावट से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती है।
हर मौसम के अनुकूल पोर्टफोलियो की सुविधा
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड निवेशकों को एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम के माध्यम से एक तैयार और हर मौसम के अनुकूल (ऑल-वेदर) पोर्टफोलियो का लाभ मुहैया कराते हैं। इन योजनाओं में पेशेवर फंड मैनेजर बाजार के वैल्यूएशन और रुझानों के आधार पर विभिन्न एसेट क्लास के मिश्रण को एक्टिवली मैनेज और रीबैलेंस करते रहते हैं। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आम निवेशकों को अलग-अलग संपत्तियों की लगातार ट्रैकिंग करने, ऑपरेशनल उलझनों से जूझने और मैन्युअल रीबैलेंसिंग के झंझट से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है। निवेशक केवल एक स्कीम में पूंजी लगाकर एक पूर्णतः डाइवर्सिफाइड और संतुलित पोर्टफोलियो प्राप्त कर लेते हैं।

















