बुधवार के कारोबारी सत्र के लिए पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की दैनिक केंद्रीय संदर्भ दर 6.7468 निर्धारित की है। यह नया स्तर पिछले कारोबारी सत्र के दैनिक निर्धारण 6.7459 से थोड़ा अधिक है, जबकि इसके लिए 6.6971 का पूर्व अनुमान लगाया गया था। विदेशी मुद्रा बाजार में युआन के दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा तय करने के लिए चीन का केंद्रीय बैंक हर कारोबारी दिन इस संदर्भ दर की घोषणा करता है, जिसके इर्द-गिर्द तय सीमा के भीतर ही बाजार में मुद्राओं का लेन-देन संभव होता है।
मूल्य स्थिरता और आर्थिक विस्तार का दोहरा लक्ष्य
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना की मौद्रिक नीति का मुख्य आधार घरेलू स्तर पर कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और साथ ही विनिमय दर में स्थायित्व सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही बैंक व्यापक आर्थिक वृद्धि को गति देने की दिशा में भी काम करता है। सामान्य मौद्रिक प्रबंधन के अतिरिक्त चीन का केंद्रीय बैंक वित्तीय सुधारों को लागू करने, वित्तीय बाजारों को वैश्विक निवेशकों के लिए खोलने और घरेलू बाजार के आधार को निरंतर विकसित करने की जिम्मेदारियां भी निभाता है।
प्रशासनिक ढांचा और निर्णय प्रक्रिया
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का पूर्ण स्वामित्व पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की सरकार के पास है, जिसके कारण यह पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों की तरह किसी स्वायत्त संस्था के रूप में कार्य नहीं करता है। बैंक के प्रबंधन और रणनीतिक दिशा तय करने में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की समिति के सचिव का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव होता है, जिनका नामांकन स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। नीतिगत ढांचे में यह पद सामान्य गवर्नर की तुलना में अधिक प्रभाव रखता है। इस समय पैन गोंगशेंग ही इन दोनों प्रमुख जिम्मेदारियों को एक साथ संभाल रहे हैं।
नीतिगत साधन और लोन प्राइम रेट का महत्व
अपनी प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पारंपरिक पश्चिमी केंद्रीय बैंकों की तुलना में मौद्रिक नीति उपकरणों के एक व्यापक समूह का उपयोग करता है। इनमें सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी, प्रत्यक्ष विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और बैंकों के लिए आवश्यक रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो शामिल हैं।
चीन की वित्तीय व्यवस्था में लोन प्राइम रेट को आधार ब्याज दर माना जाता है। इस बेंचमार्क दर में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा असर बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक ऋणों, आवास ऋणों और बैंक बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ता है। इस महत्वपूर्ण दर को घटाकर या बढ़ाकर केंद्रीय बैंक चीनी युआन की विनिमय दरों को भी सीधे तौर पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
निजी बैंकिंग क्षेत्र की मौजूदगी और भूमिका
चीन की संपूर्ण बैंकिंग प्रणाली में निजी बैंकों की संख्या केवल 19 है, जो वहां के विशाल वित्तीय तंत्र का एक बहुत छोटा हिस्सा है। इन निजी वित्तीय संस्थानों में वेबैंक और मायबैंक सबसे प्रमुख डिजिटल ऋणदाता हैं, जिन्हें तकनीकी क्षेत्र की दो दिग्गज कंपनियों टेनसेंट और एंट ग्रुप का मजबूत वित्तीय समर्थन हासिल है। चीन में मुख्य रूप से सरकारी नियंत्रण वाले वित्तीय क्षेत्र के भीतर वर्ष 2014 में पूर्ण रूप से निजी पूंजी द्वारा संचालित वाणिज्यिक बैंकों को कार्य करने की विधिवत अनुमति दी गई थी।
वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर 0.7100 के दायरे में सीमित रही। ऑस्ट्रेलिया के हालिया पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र में संकुचन दर्ज किया गया, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार हुआ। इसके साथ ही गुरुवार को निर्धारित ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी डॉलर में मजबूती बनी रही, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव दिखाई दिया।
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जो पिछले शुक्रवार को देखे गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में किए गए ब्याज दर बदलाव के बाद येन में कमजोरी का रुख बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिल रहा है, हालांकि जापानी बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंका से डॉलर की बढ़त सीमित बनी हुई है।
सोने की कीमतें और केंद्रीय बैंकों के अन्य कदम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,300 डॉलर से नीचे के स्तर से सुधरने के बाद बुधवार के एशियाई सत्र में मिले-जुले संकेतों के बीच सीमित दायरे में बनी रही। अमेरिकी डॉलर के 30 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने से पीली धातु की रफ्तार थमी रही। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से महंगाई की चिंताएं कम हुईं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल पर दबाव रहा और गैर-उपज वाले सोने को निचली कीमतों पर सहारा मिला।
बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है, जो काफी हद तक वित्तीय बाजारों की पूर्व अपेक्षाओं के अनुरूप ही रहा।
















