सुनीता आहूजा अपने बेबाक बयानों और बेलाग बातचीत के लिए लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई हैं। गोविंदा के साथ उनके वैवाहिक रिश्तों के उतार-चढ़ाव पहले ही सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं, लेकिन इस बार वह एक चैट शो में दिए गए अपने दिलचस्प जवाब को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। एक टॉक शो के दौरान जब उनसे एक काल्पनिक स्थिति को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने बिना किसी संकोच के तुरंत जवाब देकर सभी को चौंका दिया। बातचीत का यह हिस्सा सामने आते ही इंटरनेट पर तेजी से फैल गया और लोग उनकी हाजिरजवाबी की तारीफ कर रहे हैं।
रैपिड फायर राउंड में खुला शाहरुख खान के प्रति लगाव
सुनीता आहूजा हाल ही में टॉक शो वाय नॉट विद एमएनएल के तीसरे सीजन में खास मेहमान बनकर पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान आयोजित एक रैपिड फायर दौर में होस्ट ने उनसे एक हल्का-फुल्का और मनोरंजक सवाल पूछा। उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें एक काल्पनिक वन नाइट स्टैंड के लिए शाहरुख खान, शाहिद कपूर और हर्षवर्धन राणे में से किसी एक शख्सियत को चुनना पड़े, तो उनकी पसंद कौन होगा। इस अप्रत्याशित सवाल पर उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की और सीधे किंग खान का नाम आगे कर दिया।
शाहरुख खान के प्रति अपनी पुरानी पसंद को खुलकर जाहिर करते हुए सुनीता ने साफ कहा कि सवाल चाहे कुछ भी हो, उनकी पहली प्राथमिकता हमेशा शाहरुख खान ही रहेंगे। उनका यह त्वरित और स्पष्ट जवाब बातचीत के सबसे चर्चित पलों में बदल गया, जिसे देखकर दर्शक और प्रशंसक हैरान रह गए।
रिश्तों में पसेसिवनेस और 1993 की चर्चित फिल्म
सुनीता आहूजा का यह आकर्षण अचानक सामने नहीं आया है। इससे पूर्व इंस्टेंट बॉलीवुड के साथ हुई एक बातचीत में भी उन्होंने वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों की बनावट पर गहराई से बात की थी। उस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया था कि किसी भी मजबूत रिश्ते की असल बुनियाद आपसी विश्वास, सच्चा प्यार और बच्चों के जुड़ाव पर टिकी होती है।
इसी सिलसिले में आगे बात करते हुए उन्होंने पसेसिवनेस यानी अधिकार की भावना को सच्चे प्यार का एक अनिवार्य पहलू करार दिया था। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने 1993 में रिलीज हुई शाहरुख खान की मशहूर फिल्म डर का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें वैसा ही प्यार पसंद है जैसा डर में दिखा था, जिसमें प्यार की खातिर एक पागलपन भरा जुनून नजर आता है। सुनीता का मानना है कि वह अपने पति और बच्चों को लेकर बेहद संवेदनशील और पसेसिव हैं और उन्हें किसी और के साथ साझा नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार, अगर किसी रिश्ते में इस तरह की पसेसिवनेस मौजूद न हो, तो वह रिश्ता प्यार का न रहकर महज एक आपसी समझौता बनकर रह जाता है।
अभिनय की जगह पारिवारिक जीवन चुनने की वजह
सुनीता आहूजा ने इस बारे में भी विस्तार से चर्चा की कि शादी के बाद उन्होंने अभिनय को अपना पेशा बनाने के बजाय पारिवारिक जिम्मेदारियों को क्यों चुना। उन्होंने बताया कि उनकी मां की हमेशा से यह चाहत थी कि वह एक समर्पित गृहिणी बनें। उनकी मां स्वयं परिवार को सर्वोपरि मानती थीं और चाहती थीं कि सुनीता भी समय पर विवाह करें, बच्चों को जन्म दें और पूरे समर्पण के साथ घर संभालें।
जब सुनीता के मन में अभिनय की दुनिया में कदम रखने का विचार आया, तो उनकी मां ने उनसे सीधा सवाल किया था कि एक अभिनेत्री बनकर आखिर उन्हें क्या हासिल होगा। अपनी मां के इस सुझाव और सोच का सम्मान करते हुए उन्होंने फिल्मी पर्दे पर करियर बनाने की महत्वाकांक्षा को छोड़ दिया। इसके स्थान पर उन्होंने अपना पूरा ध्यान अपनी शादीशुदा जिंदगी को संवारने और बच्चों के पालन-पोषण पर केंद्रित किया। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी शादी को अब 38 साल का लंबा अरसा बीत चुका है। इस तरह, जिस एक फैसले ने उनके शुरुआती करियर की राह बदली, वही उनकी पूरी जिंदगी का सबसे बड़ा आधार बन गया।
टेलीविजन और रियलिटी शोज में बनाई स्वतंत्र पहचान
दशकों तक सुनीता आहूजा को मुख्य रूप से अभिनेता गोविंदा की पत्नी के रूप में ही पहचाना जाता रहा। हालांकि, हाल के समय में उन्होंने मनोरंजन जगत में अपनी एक स्वतंत्र और मजबूत पहचान स्थापित की है। टेलीविजन और रियलिटी कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। लाफ्टर शेफ्स और विभिन्न टेलीविजन प्रोजेक्ट्स में भाग लेने के बाद वह चर्चित शो लॉकअप 2 में भी दिखाई दी थीं। अपने बेबाक अंदाज और साफगोई से उन्होंने छोटे पर्दे के दर्शकों के बीच अपनी एक खास जगह बनाई है।



















