लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने की सोच रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का फायदा उठाते हुए एयर इंडिया ने अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों पर लगाया गया अस्थायी फ्यूल सरचार्ज घटा दिया है। नई दरें 1 जुलाई से अमल में आ चुकी हैं। हालांकि यह छूट सिर्फ इन्हीं रूट्स तक सीमित है, घरेलू उड़ानों और बाकी अंतरराष्ट्रीय रास्तों पर शुल्क पहले जैसा ही बना रहेगा।
किस रूट पर कितनी कम हुई दर
उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की उड़ानों पर अब यात्रियों को प्रति टिकट 200 डॉलर फ्यूल सरचार्ज देना होगा, जो पहले 280 डॉलर था। इसी तरह यूरोप और यूनाइटेड किंगडम की उड़ानों के लिए यह शुल्क 205 डॉलर से घटाकर 125 डॉलर कर दिया गया है। जो लोग इन रास्तों पर सफर की तैयारी में जुटे हैं, उनकी जेब पर बोझ थोड़ा हल्का होगा।
दाम घटाने की असली वजह
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों की वजह से अप्रैल में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के दाम तेजी से चढ़ गए थे। बढ़ती लागत को देखते हुए एयर इंडिया ने 7 अप्रैल को अस्थायी फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला लिया था और इसकी नई दरें 10 अप्रैल से लागू हुई थीं। बीते कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आई हैं, जिससे एयरलाइन की परिचालन लागत घटी और अब यात्रियों को यह छूट दी जा रही है।
घरेलू उड़ानों का क्या
अभी यह राहत केवल अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की उड़ानों के लिए है। देश के भीतर की उड़ानों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर पुरानी दरें ही चलती रहेंगी। यानी इन रास्तों पर सफर करने वालों को फिलहाल कोई बड़ी बचत हाथ नहीं लगेगी।
टिकट कितना सस्ता पड़ेगा
फ्यूल सरचार्ज घटने से इन रूट्स के टिकट की कुल कीमत में कुछ कमी जरूर दिख सकती है। लेकिन आखिरी किराया सिर्फ इसी पर टिका नहीं होता, इसमें बेस फेयर, टैक्स, मांग और सीटों की उपलब्धता जैसी कई बातें भी जुड़ती हैं। ऐसे में आपका टिकट कितना सस्ता होगा, यह बुकिंग के वक्त बनने वाले कुल किराये से ही साफ होगा।













