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एशियन पेंट्स वाले मुनाफे का असर, जून तिमाही में रिलायंस का शुद्ध लाभ 22% फिसला पर रेवेन्यू 25.4% उछलाव्यापार
18 जुल॰ 2026, 10:23 am (45 दिन पहले)· 2

एशियन पेंट्स वाले मुनाफे का असर, जून तिमाही में रिलायंस का शुद्ध लाभ 22% फिसला पर रेवेन्यू 25.4% उछला

जून तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू 25.4% बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, लेकिन एशियन पेंट्स के एकमुश्त फायदे के ऊंचे बेस के चलते शुद्ध मुनाफा 22% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया, जबकि EBITDA रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

देश की सबसे बड़ी और सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के ताजा तिमाही नतीजों में एक दिलचस्प विरोधाभास दिखा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच कंपनी की कमाई तो जोरदार रफ्तार से बढ़ी, लेकिन शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 22 प्रतिशत लुढ़क गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया, जो बीते साल की इसी तिमाही में 26,994 करोड़ रुपये था। शुक्रवार को जारी इन आंकड़ों में सबसे अहम बात यह रही कि टेलीकॉम और ऑयल-टू-केमिकल कारोबार के दमदार प्रदर्शन के दम पर कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट और EBITDA अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर जा पहुंचा।

मुनाफा क्यों गिरा, जबकि कारोबार बढ़ा

पहली नजर में मुनाफे की यह गिरावट चौंकाती है, लेकिन इसकी असली वजह पिछले साल के आंकड़ों में छिपी है। दरअसल बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 8,924 करोड़ रुपये का एकमुश्त (वन-टाइम) फायदा हुआ था। यह असाधारण लाभ रिलायंस को एशियन पेंट्स में रखी अपनी हिस्सेदारी बेचने से मिला था। इसी ऊंचे बेस की वजह से इस बार तुलना में मुनाफा कमजोर नजर आ रहा है। अगर इस एकमुश्त कमाई को हटाकर देखें तो जून तिमाही में रिलायंस का असली कारोबारी प्रदर्शन कहीं ज्यादा मजबूत रहा है। यही वजह रही कि रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने शानदार छलांग लगाई और यह 25.4 प्रतिशत बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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EBITDA और मुनाफा दोनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर

तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देखें तो कंपनी का EBITDA 10.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 54,067 करोड़ रुपये हो गया, वहीं इसी आधार पर शुद्ध मुनाफा 6.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 23,196 करोड़ रुपये पर पहुंचा। हालांकि कंपनी के अलग-अलग कारोबारी हिस्सों की चाल एक जैसी नहीं रही। जहां ऑयल-टू-केमिकल (O2C) और टेलीकॉम ने तेज ग्रोथ दर्ज कराई, वहीं रिटेल कारोबार तुलनात्मक रूप से सुस्त रहा। रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 7.4 प्रतिशत बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये तो हुआ, लेकिन डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म में लगातार पैसा लगाए जाने के चलते इसका EBITDA 1.1 प्रतिशत घटकर 6,309 करोड़ रुपये रह गया और मार्जिन सिकुड़कर 7.9 प्रतिशत पर आ गया।

तेल से केमिकल तक और टेलीकॉम का जोर

ऑयल-टू-केमिकल कारोबार की मुख्य आय सालाना आधार पर 17.2 प्रतिशत उछलकर 17,010 करोड़ रुपये हो गई। बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मजबूत मांग ने इस बढ़ोतरी को सहारा दिया। दूसरी ओर टेलीकॉम कारोबार कंपनी की ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बना रहा। जियो प्लेटफॉर्म्स का मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ा और इसके ग्राहकों की संख्या 53.3 करोड़ के पार निकल गई। तकनीक में किए जा रहे निवेश की बदौलत रेवेन्यू में भी लगातार इजाफा देखने को मिला।

जियो का रिकॉर्ड मुनाफा और IPO की तैयारी

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 20,865 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत ज्यादा है। इसका EBITDA मार्जिन 1.50 प्रतिशत अंक चढ़कर 53.3 प्रतिशत पर पहुंच गया। इससे भी बड़ी बात यह रही कि जून तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी (SEBI) के पास अपने मसौदा दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। इसे कंपनी के बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है, जिस पर निवेशकों की खास नजर बनी रहेगी।

सवाल-जवाब

जून तिमाही में रिलायंस का शुद्ध मुनाफा कितना रहा?
कंपनी का नेट प्रॉफिट 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 26,994 करोड़ रुपये था।
मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से मिले 8,924 करोड़ रुपये के एकमुश्त फायदे के ऊंचे बेस के कारण इस बार तुलना में मुनाफा कम दिखा।
कंपनी का रेवेन्यू कितना बढ़ा?
रिलायंस का रेवेन्यू 25.4 प्रतिशत बढ़कर 3.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
क्या EBITDA रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा?
हां, तिमाही आधार पर EBITDA 10.1 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 54,067 करोड़ रुपये हो गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन कैसा रहा?
जियो का मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ा, ग्राहक संख्या 53.3 करोड़ के पार गई और उसने 20,865 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कर-पूर्व लाभ दर्ज किया।
जियो के IPO को लेकर क्या अपडेट है?
जून तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स ने सेबी के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, जिसे IPO की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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