मैक्सिकन पेसो शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ गया। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव से घबराए निवेशकों ने एक बार फिर डॉलर की शरण ली, जिसका सीधा असर पेसो पर पड़ा। नॉर्थ अमेरिकन कारोबारी सत्र के दौरान पेसो 0.65% से ज्यादा फिसल गया और USD/MXN जोड़ी चढ़कर करीब 17.53 पर पहुंच गई। इससे पहले यह जोड़ी दिन के निचले स्तर 17.41 से वापस लौटी थी। लाइव बाजार आंकड़े भी इसी तस्वीर की पुष्टि करते हैं, जिनके मुताबिक USD/MXN करीब 17.53 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 17.41 से लगभग 0.69% ऊपर है।
डॉलर की मांग फिर क्यों बढ़ी
इस पूरे उतार-चढ़ाव की जड़ में डर है। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी लड़ाई के खत्म होने के कोई साफ संकेत नहीं दिख रहे। भले ही दोनों पक्ष जंग रोकने के लिए बातचीत की मेज पर बैठे हों, लेकिन बाजार को अभी भरोसा नहीं है कि कोई हल नजदीक है। जब भी भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ता है, बड़ा पैसा उन संपत्तियों की ओर भागता है जिन्हें मुश्किल वक्त की पनाह माना जाता है, और डॉलर आज भी निवेशकों की पहली पसंद है। सुरक्षा की यही तलाश पेसो को दबा रही है और USD/MXN को ऊपर धकेल रही है।
चिंता को और बढ़ा रहा है होर्मुज जलडमरूमध्य का तनाव। वॉशिंगटन और तेहरान इस रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री रास्ते पर टकराव जारी रखने के मूड में दिख रहे हैं, जहां से दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यहां किसी भी बड़ी रुकावट से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से भड़क सकती हैं, और इसी आशंका भर से कारोबारी सतर्क हैं। तेल में नई उछाल दुनिया भर में महंगाई की उम्मीदों और जोखिम लेने की भूख पर असर डालेगी।
महंगाई के नरम आंकड़ों से फेड पर दबाव घटा
दिलचस्प बात यह है कि डॉलर के लिए हालात पूरी तरह एकतरफा नहीं हैं। इस हफ्ते अमेरिका के अनुमान से नरम महंगाई आंकड़ों का निवेशकों ने स्वागत किया, और इन आंकड़ों ने सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को घटा दिया है। जून का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महीने-दर-महीने 0.4% गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ी गिरावट है। इससे सालाना दर मई के 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई और लगातार तीन महीने से बढ़ती कीमतों का सिलसिला टूट गया। उतार-चढ़ाव वाली चीजों को हटाकर देखी जाने वाली कोर कीमतें महीने के दौरान स्थिर रहीं और सालाना आधार पर घटकर 2.6% पर आ गईं। हेडलाइन और कोर, दोनों आंकड़े अर्थशास्त्रियों के अनुमान से नीचे रहे।
आम तौर पर नरम महंगाई डॉलर पर दबाव कम करती है, फिर भी मध्य पूर्व से जुड़ी सुरक्षा की मांग इस बार ज्यादा भारी पड़ी और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद घटने के बावजूद डॉलर पेसो के मुकाबले मजबूत बना रहा।
डॉलर इंडेक्स और फेड की सख्त आवाजें
डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख मुद्राओं की टोकरी के मुकाबले डॉलर की चाल मापता है, 0.05% बढ़कर 100.76 पर पहुंच गया, जिसने USD/MXN को हल्का सहारा दिया। इस बीच फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों ने कारोबारियों को चौकन्ना रखा। क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमक का रुख साफ तौर पर सख्त रहा और उन्होंने जिद्दी ऊंची महंगाई को अपनी चिंताओं में सबसे ऊपर रखा। उन्होंने दो टूक कहा, ''महंगाई बहुत ज्यादा है।'' हैमक ने यह भी कहा कि नौकरियों का बाजार मजबूत बना हुआ है, विकास के आंकड़े अच्छे हैं और उपभोक्ता खर्च स्थिर है, ऐसा संयोजन जो उनकी नजर में कीमतों को लेकर बेफिक्र होने की गुंजाइश नहीं छोड़ता।
USD/MXN की तकनीकी तस्वीर
दैनिक चार्ट पर यह जोड़ी करीब 17.53 पर कारोबार कर रही है और 50, 100 तथा 200 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के करीब 17.3856 के गुच्छे के ऊपर टिकी है। मूविंग एवरेज के इस आधार से ऊपर बने रहना नजदीकी अवधि के लिए सकारात्मक रुझान की ओर इशारा करता है। फिलहाल कीमत 18.1651 के ऊंचे स्तर से खिंची नीचे की ओर ढलती अवरोध रेखा को छू रही है, जो इस समय 17.5456 पर है।
गति के संकेतक हल्की सकारात्मक तस्वीर पेश कर रहे हैं। 14 अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) करीब 54.8 पर घूम रहा है, और लाइव आंकड़ों में RSI करीब 55 पर है, जो बिना ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंचे हल्की तेजी का संकेत देता है।
अगर खरीदार आगे बढ़ते हैं तो पहली रुकावट 17.5456 पर यही ढलती अवरोध रेखा है, इसके बाद 21.0808 की चोटी से खींची एक ऊंची संरचनात्मक छत है जो फिलहाल करीब 18.1200 पर है। नीचे की ओर पहला सहारा 17.3856 पर तीनों मूविंग एवरेज का गुच्छा है। जब तक जोड़ी इस आधार के ऊपर टिकी रहती है, तेजी का झुकाव बना रहेगा, लेकिन इसके नीचे दैनिक बंद भाव कमजोर पड़ते दबाव का संकेत देगा और गहरी गिरावट का रास्ता खोल सकता है। लाइव आंकड़े लंबी अवधि को लेकर सावधानी की ओर भी इशारा करते हैं, क्योंकि 200 दिन के औसत छोटी अवधि के औसतों से ऊपर हैं, जो बताता है कि जोड़ी अब भी एक बड़े गिरावट के दौर के भीतर है।
मैक्सिकन पेसो को कौन चलाता है
पेसो लैटिन अमेरिका की सबसे ज्यादा कारोबार वाली मुद्रा है, और इसकी कीमत कई ताकतों के जाल से तय होती है। इनमें सबसे अहम है खुद मैक्सिको की अर्थव्यवस्था की सेहत, देश के केंद्रीय बैंक का नीतिगत रुख, देश में आने वाला विदेशी निवेश, और विदेशों में खासकर अमेरिका में रह रहे मैक्सिकन लोगों की ओर से भेजा गया पैसा।
भू-राजनीति भी मायने रखती है। नियरशोरिंग, यानी कंपनियों का अपने कारखाने और सप्लाई चेन अपने घरेलू बाजारों के करीब ले जाने का चलन, पेसो के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि मैक्सिको को अमेरिकी महाद्वीप का एक अहम विनिर्माण केंद्र समझा जाता है। तेल एक और बड़ा कारक है, क्योंकि मैक्सिको इस कमोडिटी का बड़ा निर्यातक है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों का मौजूदा जोखिम इस मुद्रा के लिए इतना अहम है।
बैंक्सिको, ब्याज दरें और आर्थिक आंकड़े
मैक्सिको के केंद्रीय बैंक, जिसे बैंक्सिको कहा जाता है, का एक ही सबसे बड़ा मकसद है, महंगाई को कम और स्थिर बनाए रखना, अपने 3% के लक्ष्य पर या उसके करीब, जो 2% से 4% के दायरे का मध्य बिंदु है। इसके लिए वह ब्याज दरों में बदलाव करता है। जब महंगाई तेज होती है, बैंक्सिको दरें बढ़ाता है, जिससे परिवारों और कारोबारों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है और मांग तथा पूरी अर्थव्यवस्था ठंडी पड़ती है। ऊंची दरें आम तौर पर पेसो के लिए अच्छी होती हैं, क्योंकि इससे यील्ड बढ़ती है और मैक्सिको निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनता है, जबकि कम दरें इसका उल्टा असर डालती हैं और मुद्रा को कमजोर करती हैं।
अर्थव्यवस्था की सेहत आंकने में मैक्रो-इकोनॉमिक आंकड़े पैमाना होते हैं और ये पेसो को तेजी से हिला सकते हैं। मजबूत विकास, कम बेरोजगारी और ऊंचा भरोसा, ये सब मुद्रा को सहारा देते हैं, विदेशी पूंजी खींचते हैं और बैंक्सिको को दरें बढ़ाने की ओर धकेल सकते हैं, खासकर तब जब यह मजबूती ऊंची महंगाई के साथ आए। इसके उलट कमजोर आंकड़े आम तौर पर पेसो को नीचे ले जाते हैं। यही वजह है कि मैक्सिको के आने वाले महंगाई, रोजगार और खुदरा बिक्री के आंकड़े मुद्रा के लिए अगला बड़ा मोड़ बनकर सामने खड़े हैं।
जोखिम की भूख और आगे की राह
एक उभरते बाजार की मुद्रा होने के नाते पेसो तब फलता-फूलता है जब निवेशक जोखिम लेने के मूड में हों और ज्यादा रिटर्न वाली, ज्यादा जोखिम भरी संपत्तियों की ओर बढ़ने में सहज हों। जब बाजार में उथल-पुथल या अनिश्चितता होती है, तो उल्टा होता है, कारोबारी जोखिम भरे सौदे बेचकर सुरक्षित ठिकानों की ओर लौटते हैं और पेसो को नुकसान होता है। इस वक्त माहौल बचाव का है। चिप शेयरों में बिकवाली और तेल के झटके का लगातार बना रहने वाला जोखिम धारणा पर भारी पड़ रहा है, और अमेरिकी शेयर बाजार एक अहम इम्तिहान के लिए तैयार हैं क्योंकि ध्यान अब टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर टिक रहा है। पेसो के लिए आगे की राह इस पर टिकी है कि मध्य पूर्व का तनाव ठंडा होता है या भड़कता है, तेल कैसा बर्ताव करता है, और आने वाले दिनों में मैक्सिको के अपने आंकड़े क्या तस्वीर पेश करते हैं।




















