प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के जन्मदिन पर उन्हें आत्मीय बधाई संदेश भेजा और उनके कामकाज की खुलकर तारीफ की। मोदी ने अपने पोस्ट में वैष्णव को देश के विकास कार्यों में योगदान के लिए सराहा।
मोदी ने पोस्ट में क्या लिखा
मोदी ने लिखा कि वैष्णव देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के मोर्चे पर सबसे आगे खड़े हैं, जिसका सीधा फायदा विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में मिलेगा। प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े भविष्य के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में भी वैष्णव की भूमिका उतनी ही उल्लेखनीय रही है। पोस्ट के अंत में मोदी ने वैष्णव के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।
तारीफ के पीछे की अहमियत
मोदी का यह संदेश सीधे तौर पर सरकार के विकसित भारत अभियान से जुड़ता है, जिसे प्रधानमंत्री बार-बार आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ मजबूत तकनीक और इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने के नजरिए से पेश करते रहे हैं। पोस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की तकनीक, दोनों क्षेत्रों का अलग-अलग जिक्र करके मोदी ने यह संकेत दिया कि वैष्णव का कामकाज इस बड़े एजेंडे के केंद्र में है, न कि दो अलग-अलग दायरों में बंटा हुआ।
नेताओं के बीच जन्मदिन की बधाई की परंपरा
यह पहला मौका नहीं है जब मोदी ने किसी सहयोगी मंत्री को सार्वजनिक रूप से जन्मदिन की बधाई दी हो। इससे पहले वे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी उनके जन्मदिन पर एक्स के जरिए शुभकामनाएं दे चुके हैं। दिलचस्प यह भी है कि अश्विनी वैष्णव खुद उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के अपने जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जैसे कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी उस मौके पर मोदी को शुभकामनाएं दी थीं। इससे साफ पता चलता है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को सार्वजनिक रूप से बधाई देना एक आम चलन बन चुका है।
जनता की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कई यूज़र्स ने अश्विनी वैष्णव को बधाई देते हुए उनके कामकाज की सराहना की और उनके स्वस्थ व लंबे जीवन की कामना की, जबकि कुछ यूज़र्स ने इसी पोस्ट के जवाब में सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दे और अन्य सामाजिक विषयों की ओर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की।
























