दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों, अमेरिका और चीन के बीच तनातनी का असर अब सीधे कंप्यूटर चिप्स पर दिख रहा है. अमेरिका ने अपने सबसे एडवांस AI चिप्स को चीन भेजने पर रोक लगा दी है, लेकिन चीनी कंपनियों के लिए ये चिप्स किसी ऑक्सीजन से कम नहीं हैं. नतीजा यह है कि चीन के ब्लैक मार्केट में इन प्रतिबंधित चिप्स की मांग आसमान छू रही है और कीमतें पिछले छह महीनों में दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी हैं.
दिलचस्प सवाल यह है कि एनवीडिया के AI चिप्स में आखिर ऐसा क्या है, जिनके लिए चीन का अंडरग्राउंड बाजार दीवाना हुआ जा रहा है. असल बात यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में टिके रहने के लिए इन सुपर फास्ट चिप्स के बिना काम नहीं चलता. इनके बगैर चीनी टेक कंपनियों का भविष्य अंधेरे में दिखता है, और यही वजह है कि डिमांड हर दिन नई ऊंचाई छू रही है.
दाम जो छह महीने में दोगुने हो गए
टेक कंपनियों की इसी मजबूरी का फायदा ब्लैक मार्केट के दलाल जमकर उठा रहे हैं. हालत यह है कि एनवीडिया के फ्लैगशिप DGX B300 सर्वर की कीमत महज छह महीनों में 40 लाख युआन से बढ़कर 80 लाख युआन यानी करीब 11 लाख डॉलर के पार पहुंच गई है. जबकि अमेरिका में इसी सर्वर की असली कीमत सिर्फ 4 लाख डॉलर के आसपास है.
सिर्फ बड़े सर्वर ही नहीं, छोटे स्टार्टअप्स के काम आने वाली RTX 6000 प्रो वर्कस्टेशन चिप भी इसी आग की चपेट में है. साल की शुरुआत में इसका दाम 50,000 युआन था, जो अब बढ़कर 1,30,000 युआन तक जा पहुंचा है.
चीन के पास कोई जवाब नहीं
इस बेतहाशा डिमांड के पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि चीनी कंपनियां इस वक्त AI ऐप्स और खुद से काम करने वाले एजेंट्स बनाने की होड़ में लगी हैं. इसके लिए उन्हें ऐसे इन्फ्रेंस (Inference) चिप्स चाहिए, जो एक साथ करोड़ों यूजर्स को सर्विस दे सकें. मुश्किल यह है कि इस टक्कर की अपनी कोई घरेलू तकनीक फिलहाल चीन के पास नहीं है, इसलिए हर रास्ता एनवीडिया तक ही जाकर रुक जाता है.
तस्करी का धंधा अब और जोखिमभरा
निगरानी सख्त होने के बाद ब्लैक मार्केट के रास्ते छोटे और खतरनाक हो गए हैं. हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने एक बड़े तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया, जिसमें सुपरमाइक्रो के को-फाउंडर और ताइवान के एक कर्मचारी पर चीन को 2.5 अरब डॉलर के एनवीडिया AI सर्वर स्मगल करने का आरोप लगा है. इस सख्ती पर एक चीनी चिप डीलर का कहना है, “अब चोर रास्ते छोटे हो गए हैं. कीमतें बढ़ने के साथ बिचौलियों के लिए इन चिप्स का धंधा करना बहुत ज्यादा जोखिम भरा हो गया है.”
पुरानी A100 भी मुंहमांगे दाम पर
स्मगलिंग की इसी मुश्किल के चलते अब चीनी कंपनियां पुरानी पड़ चुकी A100 चिप्स तक मनमाने दामों पर खरीद रही हैं. एक अन्य ट्रेडर ने बताया, “A100 का स्टॉक बहुत तेजी से खत्म हो रहा है. कंपनियों के पास इन पुरानी चिप्स को खरीदने के अलावा कोई दूसरा विकल्प ही नहीं बचा है.” आलम यह है कि जो A100 सर्वर पिछले साल के अंत में 2 लाख युआन का था, वह अब 6 लाख युआन में बिक रहा है.
एनवीडिया ने बताया बंद गली
दूसरी तरफ, खुद एनवीडिया ने स्मगलिंग के इस पूरे खेल को एक बंद गली यानी डेड एंड करार दिया है. कंपनी का कहना है, “AI डेटा सेंटर्स बेहद विशाल और जटिल होते हैं. स्मगल किए गए सामानों से इन्हें तैयार करना बेहद मुश्किल है. हम ऐसे प्रतिबंधित प्रोडक्ट्स के लिए कोई सपोर्ट या रिपेयरिंग नहीं देते हैं. हमारे कड़े नियमों ने कई तस्करों को रोका है, जिन्हें अब दोनों देशों में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.”













