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बिना बैंक लोन के अपनी डेयरी खोलिए, यूपी में देसी गायों के पालन पर 11.80 लाख तक का सरकारी अनुदान, आवेदन की अंतिम तारीख 30 जूनव्यापार
24 जून 2026, 5:41 pm (125 दिन पहले)· 2

बिना बैंक लोन के अपनी डेयरी खोलिए, यूपी में देसी गायों के पालन पर 11.80 लाख तक का सरकारी अनुदान, आवेदन की अंतिम तारीख 30 जून

उत्तर प्रदेश सरकार की नंदबाबा दुग्ध मिशन योजना में अब बिना बैंक कर्ज के डेयरी खोली जा सकती है. साहिवाल, थारपारकर और गिर जैसी देसी नस्ल की 10 गायें पालने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 11 लाख 80 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा, आवेदन 30 जून तक.

अगर आप गाय पालते हैं या अपना डेयरी कारोबार खड़ा करने का सपना देख रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए दरवाजे खोल दिए हैं. नंदबाबा दुग्ध मिशन के तहत अब किसान और पशुपालक अपनी खुद की डेयरी शुरू कर सकते हैं. पशुपालन विभाग ने इसके आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन लेना शुरू कर दिया है. इस बार योजना में कई बड़े और जरूरी बदलाव किए गए हैं, ताकि आम आदमी को डेयरी खोलते वक्त न तो दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें और न ही पैसे का बोझ झेलना पड़े. शुद्ध देसी नस्ल की गाय पालने वालों को लाखों रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी.

फिरोजाबाद के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के मुताबिक, पशुपालकों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए प्रदेश सरकार दो खास योजनाएं चला रही है, मिनी नंदिनी योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना. इनका फायदा उठाने के लिए किसानों को अपने फार्म पर कम से कम 10 शुद्ध देसी नस्ल की गायें रखनी होंगी. इनमें साहिवाल, थारपारकर और गिर नस्ल शामिल हैं, जिन्हें दूसरे राज्यों से खरीदकर लाना होगा. साथ ही इन गायों के रखरखाव और चारे का सही इंतजाम भी पशुपालक को ही करना होगा.

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अब बैंक से कर्ज लेने की झंझट खत्म

योजना का सबसे बड़ा बदलाव यही है कि अब इसका लाभ लेने के लिए किसानों को बैंक से मोटा कर्ज लेने की कोई जरूरत नहीं रह गई है. इतना ही नहीं, हरे चारे की पैदावार के लिए बहुत ज्यादा जमीन रखने की अनिवार्यता भी हटा दी गई है. इन नए नियमों के बाद छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से योजना से जुड़ सकते हैं और अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं.

आधी लागत सरकार उठाएगी

इस योजना में पशुपालकों को कुल प्रोजेक्ट लागत का 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जो अधिकतम 11 लाख 80 हजार रुपये तक होगा. फिरोजाबाद जिले को इस बार कुल 6 डेयरी फार्म खोलने का लक्ष्य दिया गया है. इनमें 3 महिला और 3 पुरुष लाभार्थियों को चुना जाएगा.

कैसे और कब तक करें आवेदन

इच्छुक पशुपालक 30 जून तक नंदबाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की समय सीमा खत्म होने के बाद पूरी पारदर्शिता के साथ ई-लॉटरी के जरिए लाभार्थियों का चयन होगा. जो भी किसान इस सरकारी मदद का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें सलाह है कि अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखें और जल्द से जल्द आवेदन कर दें.

सवाल-जवाब

इस योजना का नाम क्या है और इसे कौन चला रहा है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की नंदबाबा दुग्ध मिशन योजना है, जिसके तहत मिनी नंदिनी योजना और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई जा रही हैं.
अनुदान कितना मिलेगा?
कुल प्रोजेक्ट लागत का 50 प्रतिशत, यानी अधिकतम 11 लाख 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा.
कितनी और कौन सी गायें पालनी होंगी?
फार्म पर कम से कम 10 शुद्ध देसी नस्ल की गायें रखनी होंगी, जिनमें साहिवाल, थारपारकर और गिर नस्ल शामिल हैं और इन्हें दूसरे राज्यों से खरीदकर लाना होगा.
क्या बैंक से लोन लेना जरूरी है?
नहीं, नए बदलावों के बाद अब इस योजना का लाभ लेने के लिए बैंक से कर्ज लेने की कोई जरूरत नहीं है.
क्या हरे चारे के लिए ज्यादा जमीन होना अनिवार्य है?
नहीं, हरे चारे के उत्पादन के लिए बहुत अधिक जमीन रखने की अनिवार्यता हटा दी गई है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी आवेदन कर सकते हैं.
फिरोजाबाद जिले में कितने फार्म का लक्ष्य है?
इस बार फिरोजाबाद को 6 डेयरी फार्म खोलने का लक्ष्य मिला है, जिनमें 3 महिला और 3 पुरुष लाभार्थी चुने जाएंगे.
आवेदन कैसे और कब तक करें?
इच्छुक पशुपालक 30 जून तक नंदबाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
लाभार्थियों का चयन कैसे होगा?
आवेदन की समय सीमा खत्म होने के बाद पारदर्शी ई-लॉटरी के जरिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा.
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