अमेरिकी जांच एजेंसियों ने उस डिजिटल ढांचे पर सीधी चोट की है, जिसे अधिकारी इंटरनेट पर अब तक के सबसे बड़े आपराधिक बाज़ारों में से एक बता रहे हैं। इस कार्रवाई का निशाना कोई एक वेबसाइट या खाता नहीं, बल्कि वह पूरी तकनीकी मशीनरी थी, जिसके सहारे ठगी का पैसा दुनियाभर में घूमता था।
मंगलवार को अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि उसने ह्युइओन ग्रुप की सहायक कंपनियों के इस्तेमाल वाले एक क्लाउड कंप्यूटिंग अकाउंट को अपने कब्जे में ले लिया है। कंबोडिया स्थित यह कारोबारी समूह क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी और साइबर ठगी से जुड़े अरबों डॉलर की हेराफेरी में मदद करने का आरोपी है। अभियोजकों के मुताबिक यही अकाउंट इन सहायक कंपनियों के लिए "बैकएंड इन्फ्रास्ट्रक्चर" चला रहा था, जिसकी मदद से अपराधी पैसा एक जगह से दूसरी जगह ले जाते और छिपाते थे, और फिर बिना पकड़ में आए उसे बैंकिंग सिस्टम तक पहुंचा देते थे।
'दुनिया के सबसे बड़े आपराधिक बाज़ार पर करारा प्रहार'
न्याय विभाग के आपराधिक प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल ए. टायसन डुवा ने कहा, "आज की यह जब्ती दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सक्रिय आपराधिक बाज़ारों में से एक पर करारा प्रहार है।" उन्होंने बताया कि यह अकाउंट "एक तकनीकी रीढ़ की तरह काम कर रहा था, जिसके ज़रिए धोखाधड़ी से कमाए गए अरबों डॉलर ट्रांसफर किए जाते, इधर-उधर किए जाते और छिपाए जाते थे।" डुवा के मुताबिक इसमें से ज़्यादातर रकम "दक्षिण-पूर्व एशिया के स्कैम सेंटरों के ज़रिए चुराई गई थी।"
क्या था ह्युइओन गारंटी
अदालती दस्तावेज़ों के अनुसार यही अकाउंट ह्युइओन गारंटी को चलाने में मदद कर रहा था, जिसे हाओवांग गारंटी के नाम से भी जाना जाता है। यह टेलीग्राम पर चलने वाला एक बाज़ार था, जहां विक्रेता चुराए गए कार्ड और पहचान के डेटा, मैलवेयर से कमाई गई रकम और रोमांस तथा निवेश घोटालों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की सेवाओं का लेन-देन करते थे। इतना ही नहीं, यह अपराधियों और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों को क्रिप्टो में लेन-देन कराने के लिए एस्क्रो सेवाएं भी चलाता था।
ब्लॉकचेन विश्लेषकों ने ह्युइओन गारंटी को अब तक का सबसे बड़ा गैर-कानूनी ऑनलाइन बाज़ार बताया है, जिसने सिल्क रोड जैसे पुराने डार्क-वेब प्लेटफॉर्म तक को पीछे छोड़ दिया। टेलीग्राम ने मई 2025 में इसके चैनलों पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद इसे बंद होना पड़ा। हालांकि इस खाली जगह को भरने के लिए जल्द ही नए, उत्तराधिकारी बाज़ार खड़े हो गए।
एक साल से जारी शिकंजा
यह जब्ती ह्युइओन पर पूरे एक साल से चली आ रही कार्रवाई की कड़ी का हिस्सा है। पिछले अक्टूबर में अमेरिकी ट्रेजरी के फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क (FinCEN) ने एक अंतिम नियम जारी कर ह्युइओन को "प्राथमिक मनी लॉन्ड्रिंग चिंता" मानते हुए अमेरिकी वित्तीय तंत्र से काट दिया था। इसमें क्रिप्टो धोखाधड़ी की रकम और उत्तर कोरियाई साइबर डकैतियों के पैसे की हेराफेरी में इसकी भूमिका का हवाला दिया गया था। मंगलवार को FinCEN ने इसी नियम का दायरा बढ़ाकर एक उत्तराधिकारी कंपनी एच-पे सर्विस PLC तक कर दिया, ताकि यह समूह किसी और रूप में इस प्रतिबंध से बच न निकले।
तेज़ी से बढ़ रही क्रिप्टो ठगी
क्रिप्टो से जुड़ी धोखाधड़ी लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2025 में अमेरिकियों ने अकेले क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी में 7.2 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान FBI के इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर में दर्ज कराया। यह पिछले साल हुए कुल 20 अरब डॉलर से अधिक के साइबर अपराध नुकसान का हिस्सा है, जो एक साल पहले के मुकाबले 26 प्रतिशत की उछाल दिखाता है।
इस मामले की जांच FBI के सैन फ्रांसिस्को फील्ड ऑफिस और IRS क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ने की है, और यह ऑपरेशन रिपटाइड का हिस्सा है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के पीछे के ढांचे को निशाना बनाने वाला FBI का अभियान है। मदद के लिए न्याय विभाग ने ब्लॉकचेन एनालिटिक्स कंपनियों चेनालिसिस और इलिप्टिक के साथ-साथ गूगल की साइबर क्राइम टीम को श्रेय दिया।
ह्युइओन कानूनी एजेंसियों के दबाव के बीच बार-बार खुद को नए सिरे से खड़ा करने में माहिर रहा है। इसने अपना खुद का स्टेबलकॉइन USDH लॉन्च किया और जैसे-जैसे कार्रवाई सख्त होती गई, इसने अपनी गतिविधियां जुड़ी हुई दूसरी प्लेटफॉर्मों पर खिसका दीं।













