देश भर के विनिर्माण संयंत्रों में कार्यबल का ढांचा तेजी से बदल रहा है और औद्योगिक इकाइयों में महिलाओं की उपस्थिति पुरुषों के मुकाबले काफी आगे निकल चुकी है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली लाइनों पर महिला कामगारों की बढ़ती संख्या ने कार्यस्थलों की पूरी तस्वीर बदल दी है। वैश्विक स्तर पर भी विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, परंतु भारतीय कारखानों में यह बदलाव अभूतपूर्व गति से दर्ज किया जा रहा है।
फॉक्सकॉन के भारतीय संयंत्रों में आधी आबादी की अगुवाई
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण तैयार करने वाली प्रमुख अनुबंध विनिर्माता कंपनी फॉक्सकॉन के कारखानों में महिला कर्मचारियों का अनुपात 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। इसका सीधा अर्थ यह है कि कारखाने में प्रत्येक 100 कर्मचारियों में से 80 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। स्मार्टफोन निर्माण और असेंबली के जटिल कार्यों को संभालने में महिला कार्यबल की दक्षता लगातार मजबूत हो रही है। देश में उत्पादन विस्तार के साथ-साथ यह भागीदारी कारखानों के संचालन का एक मजबूत आधार बन गई है।
ऐपल के वैश्विक कार्यबल में महिलाओं की स्थिति
वैश्विक तकनीकी दिग्गज कंपनी ऐपल के स्तर पर भी कार्यबल में विविधता लाने के प्रयास लगातार जारी हैं। 27 सितंबर तक कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों की संख्या लगभग 1.66 लाख दर्ज की गई थी। इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐपल के कुल कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत के करीब है। संख्या के लिहाज से यह लगभग 58 हजार महिला कर्मचारियों के बराबर बैठती है। इन आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियां अपने संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में निरंतर काम कर रही हैं।


















