लखीसराय: देश भर में सड़कों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और आधुनिक बनाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय के स्तर पर नेटवर्क को अपग्रेड करने की बात सामने आती है, लेकिन इसके साथ ही टोल दरों में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल बिहार के लखीसराय से गुजरने वाले एनएच 80 का है, जहां सफर करने वाले वाहन चालकों को अब बढ़ी हुई दरें चुकानी होंगी। इस मार्ग पर स्थित बालगुदर टोल प्लाजा पर इस साल तीसरी बार टोल टैक्स महंगा किया गया है। यह टोल प्लाजा लखीसराय के साथ-साथ पटना, मोकामा, शेखपुरा, जमुई और मुंगेर जैसे प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ने का मुख्य माध्यम है। इसके बावजूद बालगुदर टोल प्लाजा इन दिनों साल में तीसरी बार फीस बढ़ाए जाने के कारण वाहन चालकों के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बना हुआ है। एनएच 80 पर स्थित इस टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों को लगभग 70 किलोमीटर की इस दूरी के लिए अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है, जबकि इस पूरे रूट पर कई जगह सड़क अभी भी सिंगल है, कई पुलों की हालत दयनीय बनी हुई है और आए दिन लगने वाला ट्रैफिक जाम ड्राइवरों के लिए बड़ी मुसीबत साबित होता है। इन तमाम परेशानियों के बाद भी कार से लेकर तमाम भारी व्यावसायिक वाहनों तक सभी श्रेणियों के लिए टोल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं।
बालगुदर टोल प्लाजा के स्टाफ ने दी गई जानकारी के मुताबिक, पहले कार और अन्य हल्के मोटर वाहनों के लिए सिंगल जर्नी का शुल्क ₹60 तय किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर ₹65 कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य तमाम वाहन श्रेणियों के लिए भी शुल्कों में काफी बढ़ोतरी की गई है। इस टोल प्लाजा पर वाहनों को कुल सात अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनसे टैक्स वसूला जाता है। टोल प्रबंधन से जुड़े नितिन कुमार के अनुसार, मौजूदा कैलेंडर वर्ष में टोल दरों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। उनके मुताबिक अब कार के लिए सामान्य शुल्क ₹65 हो गया है, जबकि यदि भुगतान यूपीआई के जरिए किया जाता है तो यह राशि बढ़कर लगभग ₹81.25 तक पहुंच जाती है। हालांकि हैरानी की बात यह है कि टोल प्लाजा परिसर में अभी तक नई बढ़ी हुई दरों का कोई आधिकारिक बोर्ड नहीं लगाया गया है और मौके पर अब भी पुरानी दरें ही प्रदर्शित हो रही हैं।
70 किलोमीटर के सफर में जर्जर सड़क और जाम की समस्या
जिस एनएच 80 पर बालगुदर टोल प्लाजा स्थित है, उसका यह प्रमुख हिस्सा लगभग 70 किलोमीटर लंबा है। इस रास्ते से केवल लखीसराय ही नहीं बल्कि मुंगेर प्रमंडल के कई अन्य जिलों के लोग भी रोजाना आवागमन करते हैं। यह सड़क पटना को इन तमाम इलाकों से जोड़ने का काम करती है, यही वजह है कि यहां हर दिन हजारों की संख्या में छोटे और बड़े वाहनों का भारी दबाव रहता है। लेकिन वाहन चालकों की मुश्किलें सिर्फ टोल की बढ़ती हुई कीमतों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इस मार्ग के कई खंडों में सड़क का सिंगल होना भी बड़ी समस्या है। रास्ते में कई जगहों पर पुलों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। इसके अलावा सड़क की वहन क्षमता और उस पर दौड़ने वाले वाहनों के भारी दबाव के कारण अक्सर गंभीर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है।
टोल के मुकाबले सुविधाओं का अभाव
टोल टैक्स की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच इस पूरे मार्ग और टोल प्लाजा पर मिलने वाली यात्री सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। मौके पर हालांकि क्रेन की सुविधा तो नजर आती है, लेकिन दुर्घटना की स्थिति में काम आने वाली एंबुलेंस या वाहन चालकों के लिए अन्य जरूरी आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह गायब दिखाई देती हैं। इन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भी लोगों से पूरा टोल वसूला जा रहा है, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है।
सभी श्रेणियों के वाहनों पर पड़ेगा आर्थिक असर
बालगुदर टोल प्लाजा पर लगाए गए नियमों के मुताबिक वहां सात अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। इन श्रेणियों में छोटी कारों से लेकर हल्के वाणिज्यिक वाहन, बस और भारी ट्रक जैसे बड़े वाहन भी शामिल हैं। नई बढ़ी हुई दरें लागू होने के बाद अब हर वर्ग के वाहन चालकों को पहले के मुकाबले अधिक भुगतान करना होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि लखीसराय के रास्ते एनएच 80 से गुजरने वाले लोगों के लिए अब सफर करना केवल खराब सड़कों और जाम की चुनौतियों से ही नहीं जुड़ा होगा, बल्कि बढ़ा हुआ टोल टैक्स उनकी जेब पर एक और अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में पड़ेगा।

















