वैश्विक वित्तीय बाजारों में शुक्रवार को डिजिटल संपत्तियों और पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्पों के बीच एक दिलचस्प खींचतान देखने को मिली। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन 82,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से नीचे लुढ़क गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें धीरे-धीरे 4,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर की तरफ अग्रसर होती नजर आईं। निवेशकों का ध्यान इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों और वहां जारी मुद्रास्फीति के दबावों पर टिका हुआ है। बाजार प्रतिभागी अब इस बात की अधिक संभावना मान रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के दायरे में ही स्थिर रख सकता है। इसके चलते जहां जोखिम भरी संपत्तियों में सुस्ती दर्ज की जा रही है, वहीं पारंपरिक सुरक्षित परिसंपत्तियों में निचले स्तरों पर खरीदारी का सहारा मिल रहा है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े और ब्याज दरों की स्थिति
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव सितंबर महीने में दोबारा बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है। बुधवार को जारी हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में हेडलाइन मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह स्तर बाजार विश्लेषकों द्वारा लगाए गए 3.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रहा और अगस्त महीने के 3.4 प्रतिशत के आंकड़े के मुकाबले भी स्पष्ट बढ़त दर्शाता है। इसके अलावा उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई के आंकड़ों ने भी महंगाई के व्यापक दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के गहराने के संकेत दिए हैं। जब तक मुद्रास्फीति फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के दीर्घकालिक लक्ष्य के करीब नहीं आती, तब तक नीतिगत दरों में किसी भी आक्रामक कटौती की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। यही वजह है कि जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पूंजी की सुरक्षित निकासी या मुनाफावसूली का दौर जारी है।
बिटकॉइन का तकनीकी ढांचा और 82,000 डॉलर के नीचे की स्थिति
अक्टूबर के महीने में क्रिप्टोकरेंसी बाजार लगातार दबाव का सामना कर रहा है। सप्ताह की शुरुआत में 80,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलने के बाद बिटकॉइन शुक्रवार को संभलकर करीब 82,000 डॉलर तक पहुंचा था, लेकिन बिकवाली के दबाव ने इसे 82,500 डॉलर के स्तर से नीचे और ताजा कारोबारी सत्र में करीब 81,550 डॉलर के आसपास बनाए रखा है। यह पिछले बंद स्तर 82,141 डॉलर के मुकाबले 0.72 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। हालांकि, व्यापक संरचनात्मक परिप्रेक्ष्य में बिटकॉइन अब भी 79,664 डॉलर की सुपरट्रेंड रेखा और प्रमुख ईएमए के ऊपर बना हुआ है, जिससे दीर्घकालिक तेजी का खाका अभी पूरी तरह टूटा नहीं है।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी सूचक शून्य रेखा के नीचे बना हुआ है, जहां लाइव आंकड़ों में एमएसीडी लाइन 204.16 और सिग्नल लाइन 740.76 पर दर्ज है, जिसका हिस्टोग्राम ऋणात्मक 536.60 के साथ मंदी का दबाव दर्शा रहा है। वहीं 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 47 से 48 के आसपास तटस्थ क्षेत्र में झूल रहा है, जो यह दर्शाता है कि सहायक संरचना मौजूद होने के बावजूद खरीदारों में कोई आक्रामक तेजी का रुझान नहीं है। बाजार में प्रारंभिक तकनीकी समर्थन 50-दिवसीय ईएमए के करीब 80,436 डॉलर (और लाइव आंकड़ों में 80,380 डॉलर) के आसपास मौजूद है। इसके ठीक नीचे 79,663 डॉलर पर सुपरट्रेंड बेसलाइन है, जहां खरीदार अल्पकालिक रुझान का बचाव करने की कोशिश कर सकते हैं। यदि यहां से और तेज गिरावट आती है, तो 100-दिवसीय ईएमए 76,821 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 75,801 डॉलर (लाइव 76,049 डॉलर) मध्यम अवधि के क्रमिक समर्थन स्तर बनेंगे। दैनिक आधार पर इनके नीचे बंदी होने से तेजी का मौजूदा रुझान कमजोर पड़ सकता है। ऊपर की ओर 84,000 डॉलर और 87,000 डॉलर (लाइव प्रतिरोध 87,146 डॉलर) के स्तर मजबूत आपूर्ति क्षेत्र हैं, जिससे सुधार की राह कठिन बनी हुई है।
क्रिप्टो क्वांट का 30-दिवसीय कंसेंसस इंडेक्स क्या कहता है?
कीमतों में हालिया सुस्ती के विपरीत, ब्लॉकचेन विश्लेषण फर्म क्रिप्टो क्वांट के आंकड़ों के अनुसार निवेशकों की अंतर्निहित धारणा में मजबूती दर्ज की गई है। बिटकॉइन का 30-दिवसीय कंसेंसस इंडेक्स 2 जुलाई को ऋणात्मक 18.3 के निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद 27 जुलाई को यह शून्य के पार निकल गया। वर्तमान में यह इंडेक्स धनात्मक 49.2 पर पहुंच चुका है, जिसमें वोट करने वाले 164 विश्लेषकों में से 84 प्रतिशत विश्लेषक तेजी के पक्ष में झुके हुए हैं।
क्रिप्टो क्वांट की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चक्र में बिटकॉइन का 30-दिवसीय इंडेक्स 21 नवंबर के 15,800 डॉलर के चक्र निचले स्तर के दो सप्ताह बाद कभी भी ऋणात्मक 1.3 से नीचे नहीं गिरा था। इसके बाद 103 दिन बाद 20 मार्च 2023 को यह धनात्मक 34.2 पर पहुंचा था, उस समय 113 विश्लेषकों में से 80 प्रतिशत तेजी के पक्ष में थे। ऐतिहासिक तुलनाओं से पता चलता है कि कंसेंसस इंडेक्स में तेजी की दिशा में यह बदलाव बाजार के दीर्घकालिक संचय चरण की ओर इशारा करता है, भले ही दैनिक चार्ट पर 80,000 डॉलर के स्तर के आसपास मंदड़िए दबाव बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हों।
सोने का रुख और 4,200 डॉलर की चुनौती
पारंपरिक सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना यानी एक्सएयू/यूएसडी हाल ही में 4,100 डॉलर से नीचे के स्तरों को छूने के बाद धीरे-धीरे 4,200 डॉलर की ओर अग्रसर हो रहा है। हालिया मंदी के रुझान के बाद खरीदार निचले स्तरों से सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं, और यदि यह रिकवरी जारी रहती है तो 4,200 डॉलर से ऊपर की बढ़त सर्राफा बाजार को और अधिक आकर्षक बना सकती है। हालांकि, तकनीकी आधार पर सोना अभी भी प्रमुख मूविंग एवरेज और सुपरट्रेंड के नीचे बना हुआ है, जिससे अल्पकालिक रुझान में सुस्ती के आसार बने हुए हैं। सकारात्मक पहलू यह है कि एमएसीडी संकेतक अब धनात्मक क्षेत्र में लौट आया है, जो गिरावट के दबाव में कमी का संकेत देता है, लेकिन आरएसआई 46 के आसपास 50 के मध्य स्तर से नीचे बना हुआ है, जिसका अर्थ है कि हालिया सुधार के बाद सोने के कंसोलिडेशन दौर में विक्रेताओं के पास अब भी हल्का लाभ बना हुआ है।
क्रिप्टोकरेंसी बुनियादी बातें: बिटकॉइन, ऑल्टकॉइन्स और स्थिर संपत्तियां
बाजार के इस उतार-चढ़ाव को समझने के लिए डिजिटल परिसंपत्ति वर्ग की संरचना को जानना आवश्यक है। बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के हिसाब से सबसे बड़ी आभासी मुद्रा है, जिसे सीधे भुगतान और विनिमय के माध्यम के रूप में कार्य करने के लिए तैयार किया गया था। इस भुगतान प्रणाली पर किसी एक व्यक्ति, समूह या संस्था का नियंत्रण नहीं होता, जिससे वित्तीय लेनदेन के दौरान किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
बिटकॉइन के अलावा किसी भी अन्य क्रिप्टोकरेंसी को ऑल्टकॉइन कहा जाता है, हालांकि उद्योग में कुछ लोग इथेरियम को ऑल्टकॉइन की श्रेणी से अलग मानते हैं क्योंकि इन्हीं दोनों प्रमुख प्रोटोकॉल से अन्य नेटवर्कों की शाखाएं यानी फोर्किंग की प्रक्रिया शुरू हुई। यदि इस दृष्टिकोण को माना जाए, तो लाइटकॉइन बिटकॉइन प्रोटोकॉल से फोर्क होकर अलग होने वाला पहला ऑल्टकॉइन था, जिसे उसके एक उन्नत संस्करण के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
वहीं स्टेबलकॉइन्स वे डिजिटल संपत्तियां हैं जिनका मूल्य स्थिर बनाए रखने के लिए डिजाइन किया जाता है। इनके मूल्य को अंतर्निहित संपत्ति जैसे कि अमेरिकी डॉलर या किसी वित्तीय साधन के भंडार से आंका जाता है। स्टेबलकॉइन्स का मुख्य उद्देश्य क्रिप्टो बाजार में प्रवेश करने और निकासी करने वाले निवेशकों को एक सहज जरिया प्रदान करना है, जिससे वे डिजिटल बाजार की तीव्र अस्थिरता से अपनी पूंजी को सुरक्षित रख सकें। उदाहरण के लिए, रिपल का आरएलयूएसडी संस्थागत वित्त में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, जहां एक प्रमुख बैंक कस्टडी सेवाएं शुरू कर रहा है, नया वॉलेट एकीकरण डेवलपर्स के लिए भुगतान को आसान बना रहा है और एक ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म निपटान के लिए इसका उपयोग करने की तैयारी में है। इसके अतिरिक्त, रिपल का मूल टोकन शुक्रवार को 1.34 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जो 1.40 डॉलर के आपूर्ति स्तर के नीचे अपनी मजबूती की परीक्षा ले रहा है।
बिटकॉइन डोमिनेंस और बाजार पूंजी चक्र
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन डोमिनेंस एक बेहद महत्वपूर्ण पैमाना है। यह कुल क्रिप्टोकरेंसी बाजार पूंजीकरण में अकेले बिटकॉइन की हिस्सेदारी के अनुपात को दर्शाता है। इससे स्पष्ट होता है कि निवेशकों की रुचि बाजार में किस ओर केंद्रित है। जब बाजार में किसी बड़े बुल रन की शुरुआत होती है, तो आमतौर पर बिटकॉइन डोमिनेंस काफी बढ़ जाती है, क्योंकि निवेशक अत्यधिक अस्थिर छोटी मुद्राओं के बजाय अपेक्षाकृत स्थिर और विशाल पूंजीकरण वाले बिटकॉइन में पैसा लगाना सुरक्षित मानते हैं।
इसके विपरीत, जब बिटकॉइन डोमिनेंस में गिरावट दर्ज की जाती है, तो इसका सीधा अर्थ यह होता है कि संस्थागत और खुदरा निवेशक अपने मुनाफे और नई पूंजी को ऑल्टकॉइन्स की ओर स्थानांतरित कर रहे हैं। उच्च रिटर्न की इस खोज के कारण ही बाजार में अक्सर ऑल्टकॉइन रैलियां शुरू होती हैं, जहां छोटे टोकन तेजी से बढ़त दर्ज करते हैं। वर्तमान में मैक्रो स्तर पर ब्याज दरों की अनिश्चितता के कारण बाजार सतर्क है और पूंजी मुख्य रूप से बिटकॉइन के स्तरों और सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों के बीच संतुलन तलाश रही है।



















