मऊ जिले में अपना कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से योग्य आवेदकों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही, गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवाओं को मुफ़्त में हुनर सिखाने और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था भी की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को नौकरी खोजने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है। उत्तर प्रदेश सरकार के स्तर पर इस पूरी योजना की सीधी निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री कर रहे हैं ताकि पारदर्शी और त्वरित ढंग से आवेदनों का निपटारा हो सके।
योजना की पात्रता, आयु सीमा और वित्तीय लाभ
इस योजना का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों की उम्र 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य रखी गई है। योजना में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों श्रेणियों के युवाओं को शामिल किया गया है। जिन युवाओं के पास पहले से कोई तकनीकी प्रशिक्षण या डिप्लोमा नहीं है, उन्हें उद्योग विभाग के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण दिलवाया जाता है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों को आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा जाता है, जिसके आधार पर वे अपने नए व्यावसायिक प्रस्ताव के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदकों को वित्तीय सहायता देने के लिए 5 लाख रुपये तक का बिना किसी ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। विभाग इस योजना के तहत 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दे रहा है। इसके अलावा, उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए 10 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी (पूंजीगत अनुदान) भी प्रदान की जा रही है। साथ ही ऋण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीजीटीएमएसई क्लेम सुरक्षा कवरेज की सुविधा भी इसमें जोड़ी गई है। इन वित्तीय छूटों का मकसद यह है कि नए उद्यमियों पर शुरुआती चरण में आर्थिक बोझ न पड़े और वे बिना किसी झंझट के अपनी इकाई शुरू कर सकें।
मऊ जनपद में तय लक्ष्य से आगे निकला पंजीकरण
जिला उपायुक्त उद्योग अधिकारी हरेंद्र प्रताप ने योजना की प्रगति साझा करते हुए बताया कि जनपद में इस अभियान को लेकर युवाओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मऊ जनपद के लिए पहले 2,100 औद्योगिक व व्यावसायिक इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, व्यापक प्रचार अभियान और युवाओं की रुचि के बल पर जिले में अब तक लगभग 2,500 इकाइयां सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा योजना की सफलता और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
अभियान को ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर पढ़ाई पूरी कर रहे या पास-आउट छात्रों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि गांव-देहात के युवाओं को भी अपने पास के इलाके में स्वरोजगार स्थापित करने के बारे में जानकारी मिल सके।
आवश्यक दस्तावेज़ और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का कम से कम 10वीं कक्षा (हाईस्कूल) पास होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सुलभ बनाया गया है। अभ्यर्थियों को विभागीय पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है। आवेदन के समय अभ्यर्थियों को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड (PAN), बैंक पासबुक की प्रति और अपने प्रस्तावित व्यापार की प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करनी होती है।
यदि किसी युवा को प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने में कोई कठिनाई आती है, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। विभाग की ओर से ऑनलाइन पोर्टल पर ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहां आवेदक आसानी से अपनी सहायता ले सकते हैं। इसके अलावा, जिस मशीनरी या प्लांट उपकरण की आवश्यकता व्यापार के लिए होती है, उसके लिए आवेदक पोर्टल पर सूचीबद्ध वेंडर से सीधे संपर्क करके कोटेशन प्राप्त कर सकते हैं। कोटेशन अपलोड होने के बाद विभाग द्वारा स्वीकृत ऋण राशि जारी कर दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2027 निर्धारित की गई है।



















