मेरठ जिले के वे तमाम युवा जो अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रहे हैं या अपने मौजूदा कारोबार को विस्तार देना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है। अक्सर शुरुआती दौर में सबसे बड़ी चुनौती एक बड़े बजट और पूंजी जुटाने की होती है, जिससे युवा हताश हो जाते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए शासन स्तर पर कई ऐसी महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके जरिए कारोबार शुरू करने के लिए बेहद आसानी से ऋण प्राप्त किया जा सकता है। इन सरकारी योजनाओं के तहत न केवल आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है, बल्कि ब्याज में छूट के साथ-साथ भारी सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है ताकि युवाओं को आर्थिक मोर्चे पर मजबूती मिल सके।
जिला उद्योग केंद्र के जरिए मिल रहा है योजनाओं का लाभ
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह की सहायता प्रदान की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त अमरेश कुमार ने बताया कि शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार मेरठ में विभिन्न रोजगारपरक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जो युवा पहले से ही किसी छोटे-छोटे व्यवसाय से जुड़े हैं और उसे आगे बढ़ाना चाहते हैं, या फिर जो पूरी तरह से नए विचारों के साथ अपना पहला स्टार्टअप स्थापित करना चाहते हैं, वे सभी इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पात्र हैं। विभाग की ओर से इन सभी उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय पैकेजों के तहत ऋण मुहैया कराया जा रहा है, जिससे पैसों की कमी उनके सपनों के आड़े न आए।
ओडीओपी योजना के तहत 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट यानी ओडीओपी योजना के अंतर्गत भी युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई युवा इस योजना के दायरे में आने वाला कोई उद्योग शुरू करना चाहता है, तो उसके लिए ओडीओपी मार्जिन मनी योजना बेहद उपयोगी साबित होगी। इस योजना के प्रावधानों के तहत परियोजना की कुल लागत के आधार पर लगभग 10 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी विभाग द्वारा प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी अधिकतम 20 लाख रुपये तक हो सकती है, जो सीधे तौर पर कारोबारी की लागत को कम करने और उसके व्यवसाय को वित्तीय स्थिरता देने का काम करती है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और अन्य अवसर
उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के दरवाजे भी पूरी तरह खुले हुए हैं। इस योजना के तहत यदि कोई युवा किसी औद्योगिक इकाई की स्थापना करना चाहता है, तो उसे 25 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। वहीं, यदि कोई सेवा क्षेत्र यानी सर्विस सेक्टर में अपना उद्यम खड़ा करना चाहता है, तो उसे 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में शासन के नियमों के अनुसार 25 प्रतिशत तक की मार्जिन मनी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा साढ़े छह लाख रुपये और न्यूनतम सीमा ढाई लाख रुपये तक तय की गई है। इस वित्तीय मदद का उद्देश्य यही है कि युवा अपने स्वरोजगार के सफर में सफलता की नई इबारत लिख सकें।
बिना गारंटी और बिना ब्याज के पांच लाख का लोन
छोटे स्तर पर अपने कारोबार की नींव रखने वाले युवाओं के लिए सीएम युवा उद्यमी विकास योजना किसी वरदान से कम नहीं है। इस विशेष योजना के तहत युवाओं को पूरे पांच लाख रुपये तक का कर्ज बिना किसी गारंटी और बिना किसी ब्याज के उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस लोन पर लगने वाला ब्याज और जरूरी गारंटी दोनों का जिम्मा सरकार खुद उठाती है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के अंतर्गत भी 10 प्रतिशत तक की विशेष सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। विभाग की ओर से युवाओं को बिजनेस के गुर सिखाने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि व्यवसाय के संचालन में आने वाली हर शुरुआती कठिनाई को समय रहते दूर किया जा सके। इच्छुक युवा अधिक जानकारी के लिए सीधे जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।



















