त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले रसोई के बजट पर पड़ रही प्याज की मार को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देश के खुदरा बाजारों में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू कर दिया है। दिल्ली वासियों को आज से ही 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज की बिक्री शुरू की जा रही है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में प्याज की कोई किल्लत नहीं है और आने वाले त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है।
खुदरा कीमतों में तेजी और सरकारी निगरानी
हाल के हफ्तों में खुदरा बाजारों में प्याज के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में प्याज का औसत खुदरा मूल्य 46.74 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। यह आंकड़ा एक महीने पहले की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले यह 63 प्रतिशत ज्यादा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों का समय करीब आते ही मांग बढ़ने की वजह से कीमतों में कुछ अस्थायी उछाल आना स्वाभाविक प्रक्रिया है। फिर भी, आम लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बाजार की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंची 'कांदा एक्सप्रेस'
राजधानी दिल्ली में प्याज की उपलब्धता को तत्काल बढ़ाने के लिए रेल मार्ग से बड़ी खेप भेजी गई है। इसके तहत महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी लासलगांव से एक विशेष मालगाड़ी रवाना की गई, जिसे 'कांदा एक्सप्रेस' नाम दिया गया है। 21 बोगियों वाली यह विशेष ट्रेन बुधवार दोपहर 3:10 बजे के आसपास दिल्ली के आदर्शनगर स्टेशन के लिए रवाना हुई, जिसमें लगभग 450 मीट्रिक टन प्याज लदा हुआ है। शुरुआत में इस ट्रेन के माध्यम से 840 मीट्रिक टन प्याज भेजने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन पैकेजिंग का काम पूरा न हो पाने के कारण लोडिंग में समय लगा और अंततः पहली खेप में 450 मीट्रिक टन प्याज ही भेजा जा सका।
राजधानी में बिक्री तंत्र और नेटवर्क
दिल्ली के नागरिकों तक 35 रुपये प्रति किलो का रियायती प्याज पहुंचाने के लिए एक विस्तृत बिक्री नेटवर्क तैयार किया गया है। यह वितरण एनसीसीएफ और नेफेड के रिटेल आउटलेट्स तथा मोबाइल वैन के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अलावा सफाल और केंद्रीय भंडार के स्टोर भी इस व्यवस्था में शामिल किए गए हैं। एनसीसीएफ अपने 90 स्थायी आउटलेट और 40 मोबाइल वैन के जरिए बिक्री कर रहा है, जबकि नेफेड ने 13 आउटलेट और 50 मोबाइल वैन तैनात किए हैं। साथ ही, दिल्ली भर में मौजूद केंद्रीय भंडार के लगभग 100 आउटलेट्स से भी उपभोक्ता यह प्याज खरीद सकते हैं।
देशभर के प्रमुख शहरों में आपूर्ति और कुल उत्पादन
केंद्र सरकार केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य प्रमुख शहरों में भी बफर स्टॉक से प्याज भेजा जा रहा है। इनमें चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर शामिल हैं। देश में प्याज की कुल उपलब्धता को लेकर जारी आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 के दौरान कुल उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष दर्ज किए गए 307.67 लाख टन के लगभग बराबर ही है। इसके अतिरिक्त, सरकार के पास वर्तमान में 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा हुआ है, जिससे भविष्य में भी कीमतों को नियंत्रित रखने में सहायता मिलेगी।



















