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नमो ड्रोन दीदी योजना से ग्रामीण महिलाओं की बदलेगी किस्मत, 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ मिलेगा प्रशिक्षणबेनिफिट्स
27 अग॰ 2026, 2:31 pm (62 दिन पहले)· 3

नमो ड्रोन दीदी योजना से ग्रामीण महिलाओं की बदलेगी किस्मत, 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ मिलेगा प्रशिक्षण

केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर ड्रोन दिए जा रहे हैं। 1,261 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना से महिलाएं सालाना 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

ग्रामीण भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने और पारंपरिक कृषि में आधुनिक तकनीक का समावेश करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक से जोड़कर यह पहल गांवों में रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है और खेती को अधिक आसान बना रही है।

योजना का उद्देश्य और बजटीय प्रावधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 नवंबर 2023 को नमो ड्रोन दीदी योजना का शुभारंभ किया था। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन संचालन से जोड़ना है ताकि वे किसानों को किराए पर ड्रोन सेवाएं उपलब्ध करा सकें। इस तकनीक की मदद से फसलों पर उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव अधिक तेजी से और सुरक्षा के साथ किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन मुहैया कराने के उद्देश्य से 1,261 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।

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रकम की सब्सिडी, कम ब्याज पर कर्ज और प्रशिक्षण

ड्रोन उपकरण खरीदने की लागत को कम करने के लिए सरकार वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। योजना के तहत ड्रोन और उससे जुड़े सामान की कुल कीमत का 80 प्रतिशत यानी अधिकतम 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। बाकी बची रकम का इंतजाम करने के लिए लाभार्थियों को कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के जरिए केवल 3 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, महिलाओं को दक्ष ड्रोन ऑपरेटर बनाने के लिए 15 दिनों का विशेष और गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। खेतों में ड्रोन से छिड़काव की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए प्रति हेक्टेयर 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान भी रखा गया है।

वार्षिक आय में बढ़ोतरी और अन्य सशक्तिकरण पहल

इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रत्येक लाभार्थी स्वयं सहायता समूह को हर साल कम से कम 1 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद जताई गई है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसी दिशा में सरकार सोलर दीदी पहल भी चला रही है, जिसके अंतर्गत 25,000 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौर ऊर्जा और हरित तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन संयुक्त प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

सवाल-जवाब

नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए कितना बजट मंजूर किया गया है?
केंद्र सरकार ने 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए 1,261 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
इस योजना के तहत ड्रोन खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
लाभार्थियों को ड्रोन और सहायक उपकरणों की लागत पर 80 प्रतिशत की केंद्रीय सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 8 लाख रुपये है।
शेष राशि के लिए दिए जाने वाले लोन पर कितना ब्याज लगता है?
बाकी बची राशि के लिए कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाता है।
ड्रोन संचालन के लिए कितने दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है?
चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को कुशल ड्रोन पायलट बनाने के लिए 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस योजना के साथ बताई गई सोलर दीदी पहल क्या है?
सोलर दीदी पहल के तहत 25,000 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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