देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी कही जाने वाली महाराष्ट्र की लासलगांव एपीएमसी में पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान प्याज के औसत थोक भाव में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। आपूर्ति में भारी कमी और बाजार में लगातार बनी मांग के कारण कीमतों में यह उछाल आया है। जहां शुक्रवार को लासलगांव में प्याज का औसत थोक भाव 3,700 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार को यह करीब 15 प्रतिशत की छलांग लगाकर 4,251 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इसके अलावा, सोमवार को थोक बाजार में अधिकतम भाव 4,545 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया।
नासिक से दिल्ली के लिए रवाना हुई कांदा एक्सप्रेस
थोक बाजारों में आई इस तेजी का असर अब देश की राजधानी समेत आम खुदरा बाजारों में साफ नजर आने लगा है। नासिक में सोमवार के कारोबार के दौरान अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 50 रुपये प्रति किलो तक के भाव पर बिका। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि यदि आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर, एपीएमसी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले तीन-चार हफ्तों के भीतर बाजार में प्याज की आवक करीब 15,000 क्विंटल से लुढ़ककर मात्र 9,000 क्विंटल पर आ गई है।
खुदरा बाजार पर पड़ रहा है महंगाई का असर
राजधानी दिल्ली के बाजारों की बात करें तो स्थिति काफी चिंताजनक हो चुकी है। दिल्ली में महज दो हफ्ते पहले तक जो प्याज मंडी में 15 रुपये से 20 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा था, उसकी कीमत आज बढ़कर सीधे 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो दिल्ली में प्याज के दामों में सीधे तौर पर 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि जब वे पहले मंडी से 20 से 25 रुपये या कभी-कभी 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर प्याज खरीदते थे, तो उसी हिसाब से बेचते थे। लेकिन अब जब उन्हें खुद ही मंडी से 50 रुपये किलो के भाव पर प्याज खरीदना पड़ रहा है, तो उन्हें मजबूरी में इसे 60 से 62 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचना होगा। यदि समय रहते आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो आम आदमी की थाली से यह जरूरी सब्जी और दूर हो सकती है और दाम आसमान छू सकते हैं।
क्यों आ रही है प्याज की कीमतों में यह तेजी
राजधानी की प्रमुख आजादपुर मंडी में स्थिति यह है कि जहां पहले रोजाना प्याज से भरे करीब 100 ट्रक पहुंचते थे, वहीं अब घटकर केवल 40 ट्रक ही आ पा रहे हैं। मंडी में माल की आवक बहुत कम है और धीरे-धीरे पुराना स्टॉक भी पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर है। आपूर्ति में इसी भारी कमी के कारण कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। खरीदारों और जानकारों के अनुसार, लगातार हुई भारी बारिश की वजह से प्याज की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसानों के पास बाजार में बेचने के लिए पर्याप्त प्याज बचा ही नहीं है। फसल खराब होने के कारण पर्याप्त मात्रा में प्याज मंडियों तक पहुंच ही नहीं पा रहा है और इस समय केवल पुराने स्टॉक के सहारे ही काम चलाया जा रहा है।
सरकार का बड़ा कदम, ट्रेन से भेजी जा रही है राहत
इस विकट परिस्थिति से निपटने और खुदरा कीमतों पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय एजेंसियों ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार के बफर स्टॉक से करीब 800 मीट्रिक टन प्याज रेल के माध्यम से आज नासिक से दिल्ली भेजा जा रहा है, जिसे कांदा एक्सप्रेस नाम दिया गया है। प्याज की यह विशेष खेप आज राजधानी दिल्ली पहुंचेगी ताकि बाजार में सप्लाई को सुचारू रूप से चलाया जा सके और बढ़ती कीमतों पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सके।



















