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बासुकीनाथ मेले में बड़ा खुलासा, छापेमारी के दौरान फंगस लगे पेड़े और मेवे बरामदझारखंड
25 अग॰ 2026, 10:51 am (1 घंटे पहले)· 2

बासुकीनाथ मेले में बड़ा खुलासा, छापेमारी के दौरान फंगस लगे पेड़े और मेवे बरामद

श्रावणी मेले के दौरान बासुकीनाथ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी कर भारी मात्रा में फंगस लगे पेड़े और मेवे जब्त किए हैं। खराब सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है ताकि श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ न हो सके।

श्रावणी मेले के दौरान यदि आप बासुकीनाथ जा रहे हैं और वहां से पेड़े या अन्य मिठाइयां खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से की गई एक सख्त कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे बाजार में बिकने वाली खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन द्वारा की गई इस औचक छापेमारी के दौरान एक पेड़ा विक्रेता के प्रतिष्ठान से भारी मात्रा में फंगस लगे हुए मेवे और पेड़े बरामद किए गए हैं। इस तरह की फंगस लगी दूषित मिठाइयों का सेवन करना इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

मेले के इस सीजन में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं और बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद प्रसाद के रूप में अपने साथ पेड़े व अन्य मिठाइयां खरीदते हैं। कई लोग तो इन मिठाइयों को अपने परिजनों के लिए घर भी ले जाते हैं। ऐसे में यदि खुलेआम इस तरह की सड़ी-गली और फंगस लगी सामग्री बेची जाएगी, तो बाहर से आने वाले भक्तों के बीमार होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी खरीदारी के वक्त अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

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किचन में मिले पैकेट बंद सड़े हुए खाद्य पदार्थ

खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रिय टीम ने जब संबंधित पेड़ा दुकानदार के किचन की बारीकी से तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। उस रसोई के अंदर पैकेटों के भीतर भारी मात्रा में मेवे और पेड़े रखे हुए थे। जब अधिकारियों ने उन पैकेटों की जांच की, तो साफ तौर पर उनमें फंगस लगा हुआ दिखाई दिया जो कि पूरी तरह से खाने के अयोग्य हो चुके थे। टीम ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तमाम संदिग्ध और दूषित खाद्य पदार्थों को अपने कब्जे में लेकर तुरंत जब्त कर लिया।

इसके बाद विभाग ने बिना वक्त गंवाए उस खराब सामग्री को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट करवा दिया। इस मुस्तैद कार्रवाई के चलते एक बहुत बड़ा खतरा टल गया, क्योंकि यदि यह सामग्री समय रहते पकड़ी न जाती, तो यह सीधे श्रद्धालुओं की थाली तक पहुंच जाती और उनकी सेहत बिगाड़ सकती थी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने दुकानदारों के बीच भी हड़कंप मचा दिया है, जो नियमों को ताक पर रखकर इस तरह का घटिया सामान बेच रहे थे।

मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ख्याल

बासुकीनाथ के इस पावन मेले में हर साल भारी भीड़ उमड़ती है, जिसका फायदा कई बार मुनाफाखोर किस्म के दुकानदार उठाने की कोशिश करते हैं। भक्तगण मंदिर में माथा टेकने के बाद प्रसाद के रूप में पेड़ा खरीदना अपनी आस्था का हिस्सा मानते हैं। परंतु यह जरूरी है कि आप किसी भी दुकान से मिठाई खरीदते वक्त अपनी आंखें खुली रखें और उसकी गुणवत्ता की जांच स्वयं भी करें। थोड़ी सी भी लापरवाही आपके धार्मिक सफर को अस्पताल के चक्कर में बदल सकती है।

बाजार में कोई भी खाद्य वस्तु खरीदते समय हमेशा उसका रंग, उसकी गंध और उसकी पैकिंग का तरीका जरूर परख लें। यदि मिठाई से किसी भी तरह की अजीब या खट्टी गंध आ रही है, उसका रंग सामान्य से बदला हुआ प्रतीत होता है, या फिर उस पर किसी भी प्रकार का फंगस नजर आता है, तो ऐसी सामग्री को भूलकर भी न खरीदें। आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपको और आपके परिवार को गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बचा सकती है।

होटल और अन्य दुकानों पर भी प्रशासन की पैनी नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सुबीर रंजन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि श्रावणी मेले के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके में लगातार ताबड़तोड़ जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत केवल पेड़े की दुकानें ही नहीं, बल्कि तमाम होटलों, अचार की दुकानों और सामान्य मिठाई विक्रेताओं के यहां भी औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। जांच दल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को परोसा जाने वाला हर एक खाद्य पदार्थ उच्च गुणवत्ता का हो और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट न हो।

इन तमाम दुकानों पर केवल खाने-पीने की चीजों की शुद्धता ही नहीं परखी जा रही, बल्कि वहां बरती जाने वाली साफ-सफाई के मानकों की भी कड़ाई से जांच हो रही है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि दुकानदार खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी तय नियमों का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं या नहीं।

सैंपल जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

इस छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने जितनी भी संदिग्ध सामग्री जब्त की थी, उन सभी के आधिकारिक सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं। अब उन सैंपल्स की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, और रिपोर्ट के आते ही दोषियों के खिलाफ आगे की कड़ी विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यदि प्रयोगशाला की जांच में खाद्य सामग्री मिलावटी साबित होती है या फिर तय मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना भी वसूला जा सकता है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने क्षेत्र के सभी दुकानदारों को बहुत स्पष्ट शब्दों में चेतावनी जारी कर दी है कि वे किसी भी सूरत में खराब, मिलावटी या अशुद्ध खाद्य सामग्री न बेचें। इसके साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि तोल-माप या वजन में भी किसी भी प्रकार की बेईमानी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

श्रद्धालुओं के लिए बेहद जरूरी चेतावनी

बासुकीनाथ धाम में हुई इस हालिया कार्रवाई ने एक बार फिर से मेले के दौरान बिकने वाले खान-पान के सामानों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की इस रेड से यह बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि मेले की हर एक दुकान की मिठाई पर आंख मूंदकर भरोसा करना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। श्रद्धालुओं को अपनी सेहत के प्रति खुद भी बेहद जागरूक और सावधान रहना होगा।

यदि आपको किसी भी दुकान पर रखी मिठाई से खराब गंध आती है, उसका रंगसंदिग्ध लगता है या उस पर फंगस के निशान दिखाई देते हैं, तो उस दुकान से किसी भी कीमत पर प्रसाद न खरीदें। दुकानदारों का भी यह नैतिक और कानूनी दायित्व बनता है कि वे श्रद्धालुओं की आस्था और सेहत का सम्मान करते हुए खाद्य सामग्री को पूरी स्वच्छता और सही तरीके से सुरक्षित रखें।

सवाल-जवाब

बासुकीनाथ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक पेड़ा दुकानदार के यहां छापेमारी कर फंगस लगे मेवे और पेड़े जब्त किए और उन्हें मौके पर नष्ट कराया।
फंगस लगी मिठाई खाने से क्या हो सकता है?
फंगस लगी और दूषित मिठाई का सेवन करने से सेहत को भारी नुकसान पहुंच सकता है और लोग बीमार हो सकते हैं।
बासुकीनाथ में यह छापेमारी क्यों की जा रही है?
श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यह जांच अभियान चलाया जा रहा है।
दुकानदारों को प्रशासन ने क्या निर्देश दिए हैं?
प्रशासन ने दुकानदारों को खराब, मिलावटी या अशुद्ध खाद्य सामग्री न बेचने और वजन में गड़बड़ी न करने की सख्त चेतावनी दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·33 मिनट पहले

श्रावणी मेले जैसे बड़े आयोजनों में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई दर्शाती है कि भीड़ का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी करने वाले किस हद तक श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ करते हैं। प्रशासन को ऐसी औचक छापेमारी पूरे मेला क्षेत्र में लगातार जारी रखनी चाहिए और दोषियों के लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में कोई भी दुकानदार इस तरह की लापरवाही करने की हिम्मत न जुटा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 मिनट पहले

श्रावणी मेले में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह औचक कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। केवल मौके पर सामग्री नष्ट करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी रूप से इन मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त आपराधिक मुकदमे दर्ज होने चाहिए। इस तरह के मामलों में यदि अदालतों से तेज गति से कड़े दंड और भारी जुर्माने तय किए जाएं, तो यह मुनाफाखोरों के लिए एक बड़ा सबक बनेगा और भविष्य में बड़े आयोजनों के दौरान इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा।

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