धौलपुर और गढ़ी सांधरा के बीच बिछाई गई नई रेल लाइन पर परिचालन शुरू करने की दिशा में तैयारियां अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं। इस पूरे रेल मार्ग पर कल रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का आधिकारिक निरीक्षण प्रस्तावित है। इस निरीक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत नए बिछाए गए ट्रैक की क्षमता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी मजबूती को बारीकी से परखने के लिए एक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। इस विशेष ट्रेन का ट्रायल रन 121 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से किया जाएगा। हाई-स्पीड ट्रायल और सघन जांच को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने क्षेत्र के निवासियों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए पटरी से पूरी तरह दूर रहने का निर्देश दिया है।
हाई-स्पीड स्पीड ट्रायल और संरक्षा जांच की विस्तृत रूपरेखा
धौलपुर-गढ़ी सांधरा रेल खंड पर सीआरएस का यह निरीक्षण समूची परियोजना के लिए बेहद महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। जांच प्रक्रिया के दौरान 121 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से विशेष ट्रेन दौड़ाकर यह परखा जाएगा कि ट्रैक इतनी तेज रफ्तार में स्थिरता और सुरक्षा के तय पैमानों पर खरा उतरता है या नहीं। नई लाइन पर जब यह तकनीकी और संरक्षा प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, तब आगे की नियमित रेल व्यवस्था और ट्रेनों के संचालन से जुड़े कार्यों में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।
तेज रफ्तार ट्रायल के कारण रेलवे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तेज गति से गुजरने वाली ट्रेन के दौरान ट्रैक के इर्द-गिर्द खड़ा होना या किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतना बेहद घातक साबित हो सकता है। इसलिए रेलवे ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे पटरियों को पार करने के लिए अनाधिकृत जगहों के बजाय सिर्फ अधिकृत समपार फाटकों अथवा तय किए गए रास्तों का ही सहारा लें।
स्टेशन परिसर और सबवे निर्माण कार्यों को दिया जा रहा अंतिम रूप
सीआरएस के प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए धौलपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में निर्माण कार्यों की गति काफी बढ़ा दी गई है। रेलवे का पूरा फोकस इस समय परियोजना से जुड़े उन सभी आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करने पर है, जो सीधे तौर पर संरक्षा और परिचालन से जुड़े हैं। इसी कड़ी में पुलिस लाइन फाटक तथा जिरौली के निकट बनाए जा रहे लिमिटेड हाइट सबवे का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
इन दोनों महत्वपूर्ण स्थलों पर सबवे का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को पटरी पार करने के लिए एक सुरक्षित और सुगम विकल्प मिल जाएगा। इससे लोगों को खतरनाक तरीके से रेल लाइन पार करने से मुक्ति मिलेगी और वे प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए अंडरपास का सुरक्षित उपयोग कर सकेंगे।
आम नागरिकों और ग्रामीणों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश
हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेलवे ने ट्रैक के निकट रहने वाले लोगों और वहां से आवागमन करने वाले राहगीरों के लिए विस्तृत हिदायतें जारी की हैं। रेलवे प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि ट्रायल के वक्त लोग पटरियों के नजदीक बिल्कुल न जाएं और न ही मवेशियों को ट्रैक के आसपास भटकने दें। विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, ताकि कोई भी बच्चा उत्सुकतावश रेल लाइन के करीब न पहुंचे।
चूंकि ट्रेन 121 किलोमीटर प्रति घंटे जैसी अत्यधिक रफ्तार से गुजरेगी, इसलिए पलक झपकते ही ट्रेन के सामने आ जाने का जोखिम बना रहता है। ऐसी स्थिति में की गई कोई भी छोटी सी अनदेखी जानलेवा हो सकती है। रेलवे ने सभी क्षेत्रीय नागरिकों से संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने का आग्रह किया है।
















