बैंक नेगारा मलेशिया अपनी वर्ष 2026 की अंतिम नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए ओवरनाइट पॉलिसी रेट को 2.75 प्रतिशत पर ही बरकरार रख सकता है। मलेशियाई अर्थव्यवस्था में जीडीपी और निर्यात के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद महंगाई दर आधिकारिक 1.5 से 2.5 प्रतिशत के दायरे में सिमटी हुई है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर ईंधन सब्सिडी के प्रभावी बने रहने से लागत का दबाव सीधे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच सका है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए तत्काल दरों में बढ़ोतरी का दबाव कम हुआ है। ऐसे आर्थिक समीकरणों को देखते हुए मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की प्रक्रिया वर्ष 2027 की पहली छमाही तक खिंच सकती है।
5 नवंबर की नीतिगत बैठक और केंद्रीय बैंक का रुख
बैंक नेगारा मलेशिया की वर्ष 2026 की अंतिम मौद्रिक नीति बैठक 5 नवंबर को निर्धारित है। सितंबर की नीतिगत समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक सामान्यीकरण की संभावनाओं के संकेत दिए थे, जिसके बाद 5 नवंबर की इस बैठक पर सभी की करीबी नजर बनी हुई है। हालांकि, मौजूदा आर्थिक संकेतक यह दर्शाते हैं कि बैंक के पास सख्त कदम उठाने से पहले रुकने और आंकड़ों का और अध्ययन करने की पर्याप्त गुंजाइश है।
बैंक नेगारा मलेशिया के गवर्नर अब्दुल रशीद गफूर ने 15 अक्टूबर को ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार में दोहराया था कि मजबूत आर्थिक वृद्धि के बीच नीति निर्माता संभावित मुद्रास्फीति दबावों पर सतर्क हैं और जरूरत पड़ने पर नीतिगत समायोजन की पूरी गुंजाइश मौजूद है। गवर्नर ने स्पष्ट किया था कि भविष्य के सभी नीतिगत फैसले पूरी तरह से आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेंगे। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर के ताजा आंकड़े केंद्रीय बैंक को 2027 के पहले छह महीनों तक धैर्य बरतने और दर को 2.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने की सहूलियत प्रदान करते हैं।
मुद्रास्फीति और घरेलू मांग के ताजा आंकड़े
मलेशिया में उपभोक्ता महंगाई के ताजा आंकड़े नीति निर्माताओं को राहत देने वाले रहे हैं। सितंबर 2026 में हेडलाइन मुद्रास्फीति सालाना आधार पर मामूली रूप से घटकर 1.8 प्रतिशत पर आ गई, जो कि अगस्त के महीने में 1.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसी तरह मुख्य मुद्रास्फीति भी सालाना आधार पर 1.7 प्रतिशत के स्तर पर पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।
घरेलू स्तर पर ईंधन सब्सिडी की मौजूदगी ने उत्पादन और कच्चे माल की बढ़ी लागत को सीधे खुदरा स्तर पर स्थानांतरित होने से रोका है। स्थिर घरेलू मांग और नियंत्रित मूल्य वृद्धि के इस संयोजन ने नीतिगत दरों को बिना हिलाए अर्थव्यवस्था को विस्तार देने में मदद की है, जिससे तत्काल दर वृद्धि का जोखिम फिलहाल टलता दिख रहा है।
वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल
मलेशियाई मौद्रिक परिदृश्य के समानांतर वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी प्रमुख परिसंपत्तियों में अहम बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं। शुक्रवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 0.7035 के करीब पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अप्रत्याशित रूप से ऊंचे आंकड़ों ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को हवा दी है, जिससे इस मुद्रा जोड़ी को बल मिला।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखी गई और यह 157.00 के दायरे में पहुंच गया। बैंक ऑफ़ जापान की हालिया नीतिगत बैठक के बाद निवेशक स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं, जहां जापानी केंद्रीय बैंक ने बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा था। इसके बाद मुद्रा में कुछ सुधार के प्रयास देखे गए।
सोने की कीमतों पर फेडरल रिजर्व का दबाव
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में सोने के भाव में कमजोरी का दौर गहराया है। शुक्रवार को सोना फिसलकर अपने साल के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने के सामान्य माहौल के बावजूद सोने की मांग कमजोर बनी रही।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे भी वृद्धि किए जाने की प्रबल आशंकाएं सोने की कीमतों पर भारी पड़ रही हैं। उच्च ब्याज दरों की इन अपेक्षाओं के कारण पीली धातु पर लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है, जिससे सोना इस महीने के कारोबार को नकारात्मक दायरे में समाप्त करने की कगार पर पहुंच गया है।



















