सिलिकॉन वैली में अरबों डॉलर के मेडिकल घोटाले की पोल खोलने वाले टायलर शुल्त्स ने मौजूदा कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्रांति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका मानना है कि जब तकनीक को लेकर भारी उत्साह होता है, तब निवेशकों और आम लोगों की आंखों में धूल झोंकना सबसे आसान हो जाता है। थेरानोस के बहुचर्चित पतन के कई वर्षों बाद, स्टार्टअप जगत में अत्यधिक वैल्यूएशन और बिना ठोस जांच-पड़ताल के पूंजी लगाने का वही पुराना दौर एक नए रूप में दोबारा लौटता दिखाई दे रहा है। शुल्त्स के अनुसार, आधुनिक कंप्यूटर एल्गोरिदम और बड़े भाषा मॉडलों की जटिलता धोखाधड़ी करने वालों के लिए एक आदर्श आवरण तैयार कर रही है।
थेरानोस का फर्जीवाड़ा और शुरुआती संकेत
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद टायलर शुल्त्स ने रक्त परीक्षण का दावा करने वाली कंपनी थेरानोस में काम करना शुरू किया था। वहां काम करते हुए उन्होंने पाया कि जिस क्रांतिकारी मशीन का प्रचार किया जा रहा था, वह हकीकत में सटीक परिणाम देने में पूरी तरह नाकाम थी। मरीजों के नमूनों की जांच करने के लिए कंपनी गुप्त रूप से अन्य व्यावसायिक उपकरणों का सहारा लेती थी और अपने खुद के यंत्रों पर केवल कुछ गिने-चुने परीक्षण ही करती थी। इसके बावजूद, कंपनी का मूल्यांकन कागज पर लगभग $10 बिलियन के शीर्ष स्तर तक पहुंचा दिया गया था।
कंपनी के भीतर इस खतरनाक सच को भांपकर शुल्त्स ने अपनी आवाज उठाई। उस समय वॉलग्रीन्स के मेडिकल स्टोर्स में ये उपकरण स्थापित किए जा चुके थे, जिससे सामान्य मरीजों को गलत स्वास्थ्य आंकड़े दिए जा रहे थे। जब शुल्त्स ने गड़बड़ियों को उजागर करने की कोशिश की, तो उन्हें भारी दबाव, कानूनी मुकदमों की धमकियों और निजी स्तर पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। उनके अपने दादा जॉर्ज शुल्त्स, जो पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री और ट्रेजरी सचिव रह चुके थे, वे भी उस समय इस कंपनी के प्रमुख बोर्ड सदस्य और निवेशकों में शामिल थे। पारिवारिक तनाव के बावजूद टायलर सच्चाई के रास्ते पर डटे रहे।
जांच-पड़ताल के बिना पूंजी लुटाने की पुरानी आदत
थेरानोस को खड़ा करने में पारंपरिक वेंचर कैपिटल फर्मों की तुलना में बड़े निजी परिवारों और व्यक्तिगत निवेशकों के पैसे का बड़ा हाथ था। डिवॉस और वॉल्टन परिवारों जैसे बड़े नामों ने कंपनी के खोखले दावों पर भरोसा करके भारी रकम लगा दी थी। उस दौरान कंपनी ने व्यापारिक गोपनीयता का बहाना बनाकर किसी भी बाहरी विशेषज्ञ या निवेशक को अपनी मशीनों की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली देखने की अनुमति नहीं दी थी। इसी गोपनीयता के पर्दे ने कई सतर्क वेंचर फंड्स को दूर रखा, लेकिन अमीर व्यक्तियों को लुभाने में संस्थापक कामयाब रहीं।
शुल्त्स का तर्क है कि आधे घंटे की अनौपचारिक बातचीत के बाद किसी को लाखों डॉलर का चेक थमा देने की परिपाटी अब पूरी तरह बंद होनी चाहिए। थेरानोस की संस्थापक ने इसी ढीले रवैये का फायदा उठाकर सैकड़ों मिलियन डॉलर जुटाए थे। जब किसी उद्यमी को बिना कठिन सवाल पूछे इतनी बड़ी पूंजी दे दी जाती है, तो उसे एक अनियंत्रित शक्ति मिल जाती है। वही गलती आज तकनीकी उद्योग के नए क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर दोहराई जा रही है, जहां बिना मुनाफा कमाने वाली कंपनियां भी अकल्पनीय वैल्यूएशन हासिल कर रही हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता में वास्तविक बनाम दिखावे का फर्क
आज के बाजार में नई कंपनियों का मूल्यांकन असाधारण ऊंचाइयों को छू रहा है। कई संस्थाएं खरबों डॉलर की वैल्यूएशन की उम्मीद में बड़ा पूंजी निवेश आकर्षित कर रही हैं, भले ही उनकी बैलेंस शीट पर कोई वास्तविक लाभ न दिखता हो। शुल्त्स इस नए चलन को थेरानोस के दिनों से भी अधिक जोखिम भरा मानते हैं, क्योंकि किसी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मौलिकता को परखना रक्त परीक्षण की तुलना में और भी पेचीदा काम है।
इस तकनीकी लहर पर चेतावनी देते हुए शुल्त्स ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दूसरों को धोखा देना चाहता है, तो यह उसके लिए सबसे मुफीद अवसर बन चुका है। उनका कहना है कि किसी उन्नत एआई प्रणाली में यह पहचानना बेहद मुश्किल काम है कि क्या वाकई कोई अभूतपूर्व तकनीक बनाई गई है या फिर मौजूदा चैटजीपीटी जैसे स्थापित प्लेटफॉर्म के ऊपर सिर्फ एक नया इंटरफेस चिपका दिया गया है। पारदर्शी ऑडिट के अभाव में सामान्य निवेशकों के लिए असली नवोन्मेष और सुनियोजित प्रचार के बीच अंतर कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
एलिजाबेथ होम्स की नई शुरुआत और वृत्तचित्र का असर
इस बीच, थेरानोस की संस्थापक एलिजाबेथ होम्स के जेल जाने से ठीक पहले के दिनों पर केंद्रित एक नई डॉक्यूमेंट्री फिल्म चर्चा के केंद्र में आ गई है। नाथन फील्डर और लांस ओपेनहाइम के निर्देशन में बनी इस परियोजना ने दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता जगाई है। शुल्त्स का मानना है कि मीडिया में होम्स की यह निरंतर मौजूदगी कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह सहानुभूति बटोरने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। कानूनी तौर पर ग्यारह साल से अधिक की सजा भुगतने के बावजूद उनका सार्वजनिक प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इस वृत्तचित्र में यह भी सामने आया है कि होम्स और उनके साथी बिली इवांस ने जेल की सजा शुरू होने से पहले ही हेमेंथस नाम से एक नया डायग्नोस्टिक उद्यम शुरू कर दिया था। थेरानोस 2.0 कहे जाने वाले इस नए प्रोजेक्ट के लिए लगभग $20 मिलियन जुटाने की बात कही गई है। शुल्त्स इस बात से असहज हैं कि पुरानी गंभीर गलतियों, मरीजों की जान जोखिम में डालने और व्हिसलब्लोअर्स को प्रताड़ित करने की घटनाओं को भुलाकर मुख्यधारा की संस्कृति उन्हें एक सामान्य किरदार की तरह पेश करने लगी है। उनका स्पष्ट मानना है कि इतिहास से सबक न लेना निवेशकों को फिर से उसी अंधेरे मोड़ पर लाकर खड़ा कर सकता है।


















