सुनने में भले ही यह बात थोड़ी हैरान करने वाली लगे, लेकिन यह पूरी तरह से सच है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दुबई के मुकाबले कम हैं। दुनिया भर में तेल आपूर्ति के बड़े केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के निवासियों को अपनी गाड़ियों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। भारतीय बाज़ार और दुबई के बीच ईंधन के दामों में इतना बड़ा अंतर है कि एक बार गाड़ी की टंकी फुल कराने पर उपभोक्ता सैकड़ों रुपये बचा सकते हैं। हालांकि देश के अलग-अलग राज्यों में वैट और स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतें भिन्न होती हैं, लेकिन यदि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आंकड़ों से तुलना की जाए तो दुबई में ईंधन काफी महंगा साबित होता है।
स्पेशल 95 पेट्रोल और डीजल की कीमतों का तुलनात्मक अंतर
दुबई में कई तरह के पेट्रोल ग्रेड उपलब्ध हैं, लेकिन यदि उस ग्रेड की तुलना की जाए जो भारत में भी इस्तेमाल होता है, तो स्थिति साफ हो जाती है। दुबई में स्पेशल 95 ग्रेड के पेट्रोल का भाव 4.28 दिरहम प्रति लीटर है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से एक दिरहम की कीमत लगभग 25.80 रुपये बैठती है, जिसके आधार पर वहां एक लीटर पेट्रोल 110.42 रुपये का पड़ता है। इसके विपरीत, दिल्ली में इसी श्रेणी का पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि दुबई में मिलने वाला स्पेशल 95 पेट्रोल दिल्ली की तुलना में करीब 8 रुपये प्रति लीटर महंगा है। यदि किसी गाड़ी की ईंधन टंकी 40 लीटर की है, तो दिल्ली में टैंक फुल कराने पर दुबई की अपेक्षा लगभग 320 रुपये की बचत हो जाती है।
डीजल के दामों में सबसे बड़ा अंतर और हजारों की बचत
पेट्रोल के मुकाबले डीजल के मोर्चे पर स्थिति और भी ज्यादा हैरान करने वाली है क्योंकि दुबई में डीजल का केवल एक ही ग्रेड उपलब्ध है जिसकी कीमत 4.80 दिरहम प्रति लीटर है। भारतीय मुद्रा में यह मूल्य 123.84 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाता है। दूसरी ओर, दिल्ली में डीजल की खुदरा कीमत अभी 95.20 रुपये प्रति लीटर है। इस प्रकार, दुबई की तुलना में दिल्ली में एक लीटर डीजल 28.50 रुपये सस्ता मिल रहा है। यदि 40 लीटर क्षमता वाली गाड़ी की टंकी को पूरा भरा जाए, तो दिल्ली में दुबई के मुकाबले करीब 1,140 रुपये की बड़ी बचत होती है, जो कार चालकों के लिए एक बहुत बड़ा अंतर है।
यूएई में क्यों महंगे हैं ईंधन और क्या है भारत की स्थिति
संयुक्त अरब अमीरात में डीजल के महंगे होने के पीछे कई वजहें हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में आपूर्ति का कम होना सबसे बड़ा कारण है। किसी देश में भारी मात्रा में कच्चे तेल का उत्पादन होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वहां ईंधन कम दाम पर मिलेगा। यूएई में क्रूड ऑयल का बड़े पैमाने पर खनन तो होता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे रिफाइन करने की क्षमता सीमित है। यूएई खुद दूसरे देशों से रिफाइंड तेल का आयात करता है और मौजूदा समय में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के कारण वहां डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं। इसके उलट, भारत के पास अपनी बहुत बड़ी रिफाइनिंग क्षमता मौजूद है और सरकार भी ईंधन की कीमतों पर एक नियंत्रण बनाए रखती है।
अन्य खाड़ी देशों में क्या हैं पेट्रोल और डीजल के दाम
खाड़ी क्षेत्र के दूसरे देशों की बात करें तो ओमान में सामान्य ग्रेड का पेट्रोल 56 रुपये और डीजल 63 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। बहरीन में भी सामान्य ग्रेड का पेट्रोल 56 रुपये और डीजल 61 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। सऊदी अरब की बात की जाए तो वहां सामान्य ग्रेड वाले पेट्रोल की कीमत 52 रुपये और डीजल की 43 रुपये प्रति लीटर है। कुवैत में ईंधन के दाम और भी कम हैं जहां पेट्रोल 27 रुपये प्रति लीटर और डीजल 36 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इसके अलावा कतर में तो पेट्रोल मात्र 14 रुपये और डीजल 15 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

















