चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप डीपसीक ने लगभग 15 अरब डॉलर (करीब 100 अरब युआन) का भारी-भरकम फंड जुटाया है। यह फंडिंग राउंड अमेरिकी सरकार द्वारा सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने संघीय नागरिक निकायों से डीपसीक तकनीक को हटाने के आदेश के ठीक दो दिन बाद सामने आया है। इस निवेश से पता चलता है कि वाशिंगटन के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद चीनी तकनीक में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
दिग्गज निवेशकों का समर्थन और बड़ा निवेश
इस ऐतिहासिक फंडिंग राउंड में चीन के प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी दिग्गजों ने हिस्सा लिया है। संभावित निवेशकों में दुनिया की बड़ी बैटरी निर्माता कंपनी सीएटीएल और वीचैट ऐप की पैरेंट कंपनी टेनसेंट शामिल हैं। यह राशि चीन के टेक इतिहास में जुटाए गए सबसे बड़े प्राइवेट फंडिंग राउंड्स में से एक बन गई है।
वैल्यूएशन में उछाल और IPO की तैयारी
हांगझोउ स्थित यह एआई स्टार्टअप पिछले कुछ महीनों से तेजी से फंड जुटा रहा है। जून में कंपनी ने 50 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 7 अरब डॉलर से अधिक जुटाए थे। इसके बाद जुलाई में कंपनी 71 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 1.5 अरब डॉलर अतिरिक्त जुटाने की बातचीत कर रही थी। इसके अलावा, कंपनी अगले साल की शुरुआत में चीन के शेयर बाजार में अपना IPO लाने की योजना भी बना रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और एआई क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा
डीपसीक इस पूंजी का इस्तेमाल अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए ओपन-सोर्स एआई मॉडल विकसित करने में करेगा। इस फंडिंग के साथ ही चीन के घरेलू टेक क्षेत्र में भी होड़ तेज हो गई है। उदाहरण के लिए, मई में किमी मॉडल बनाने वाली कंपनी मूनशॉट एआई ने 20 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 2 अरब डॉलर जुटाए थे। मानुस एआई ने इस महीने की शुरुआत में 500 मिलियन डॉलर से अधिक जुटाए। वहीं, हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध झिपू एआई (Z.ai) और मिनीमैक्स का बाजार पूंजीकरण क्रमशः लगभग 29 अरब डॉलर और 7.2 अरब डॉलर है।
कंपनी की शुरुआत और संस्थापक की हिस्सेदारी
डीपसीक की स्थापना 2023 में लीयांग वेनफेंग ने की थी। लीयांग ने इससे पहले क्वांटिटेटिव हेज फंड हाई-फ्लायर की सह-स्थापना की थी, जिसने डीपसीक के शुरुआती विकास में वित्तीय मदद दी थी। साल 2025 की शुरुआत में कंपनी ने अपने मुफ्त ओपन-वेट R1 रीज़निंग मॉडल को जारी करके वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं, जिसने प्रमुख अमरीकी एआई कंपनियों को सीधी चुनौती दी थी। कॉरपोरेट स्वामित्व डेटा का विश्लेषण करने वाली संस्था वायरस्क्रीन के अनुसार, लीयांग के पास अभी भी डीपसीक की चीनी ऑपरेटिंग इकाई में लगभग 81.6% की बहुमत हिस्सेदारी है।



















