मणिपुर में पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने लोकतैक दिवस को आधिकारिक तौर पर राजकीय उत्सव घोषित कर दिया है। इस संबंध में मुख्य मंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत अब हर साल इस विशेष दिन को धूमधाम से मनाया जाएगा।
तय हो चुकी है इस साल के उत्सव की तारीख
आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, इस वर्ष लोकतैक दिवस का भव्य आयोजन आगामी 26 अक्टूबर से शुरू होगा। यह उत्सव मुख्य रूप से थांगा स्थित लोकतैक लैरेम्बी ग्राउंड और कोमलाकहोंग में आयोजित किया जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा लोकतैक डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा स्थानीय क्लबों के साथ मिलकर तैयार की जा रही है, ताकि क्षेत्र की संस्कृति को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित किया जा सके।
कब मनाया जाएगा हर साल यह पर्व
तय कार्यक्रम के अनुसार, लोकतैक दिवस हर साल मेरा महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाएगा, जो आमतौर पर अंग्रेजी कैलेंडर के अक्टूबर महीने में आती है। पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की यह झील सिर्फ एक भौगोलिक पहचान नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों लोगों की आजीविका का मुख्य साधन और सांस्कृतिक धरोहर भी है।
मंत्रिपुक्री में हुई उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक
राजधानी इम्फाल के मंत्रिपुक्री स्थित मुख्य मंत्री कार्यालय में गुरुवार शाम को मंत्रिमंडल की यह बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में लोकतैक उत्सव को राजकीय दर्जा देने के अलावा कई अन्य अहम प्रशासनिक फैसलों पर भी मुहर लगाई गई, जिनका सीधा असर राज्य के आम नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की व्यवस्था पर पड़ेगा।
दूरदराज के इलाकों के लिए फिर शुरू होंगी हेलीकॉप्टर सेवाएं
कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य प्रमुख निर्णयों में राज्य के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को दोबारा बहाल करना भी शामिल है। यह सेवाएं बीते 1 अक्टूबर से पूरी तरह बंद थीं, जिससे पहाड़ी और संकीर्ण इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
पवन हंस लिमिटेड के साथ हुई है साझेदारी
इन सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने भारत सरकार के उपक्रम पवन हंस लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी है, जो इम्फाल को राज्य के दूरदराज के हिस्सों से जोड़ेगी। इस व्यवस्था के शुरू होने से न केवल आम यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट करने जैसी परिवहन सहायता भी मिल सकेगी।
खर्च को लेकर केंद्र और राज्य का तालमेल
हेलीकॉप्टर संचालन पर आने वाले कुल खर्च को गृह मंत्रालय की उत्तर पूर्व हेलीकॉप्टर योजना के तहत साझा किया जाएगा। हालांकि, यदि किसी कारणवश केंद्र की तरफ से वित्तीय सहायता नहीं मिलती है, तो राज्य सरकार खुद अपने खर्चे पर इस सेवा को बिना किसी रुकावट के जारी रखेगी ताकि जनता को कोई परेशानी न हो।
प्रेस और समाचार पत्रों से जुड़ा बड़ा संशोधन
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने मणिपुर कंजर्वेशन ऑफ पैडी लैंड एंड वेटलैंड एक्ट, 2014 के नियमों में एक बड़ा संशोधन मंजूर किया है। इसके तहत अब वेब ऑफसेट मशीनों से लैस पंजीकृत और लाइसेंस प्राप्त समाचार पत्र मुद्रण प्रेस को पब्लिक पर्पस श्रेणी के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाहर जा सकेंगी प्रेस
इस नई अनुमति के दायरे में आने वाले योग्य प्रेस अधिनियम के सभी सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए 0.62 एकड़ तक की धान की भूमि का उपयोग करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य बड़े प्रिंटिंग प्रेस को घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर स्थानांतरित करना और रात के समय होने वाले शोर-शराबे से स्थानीय लोगों को राहत दिलाना है।



















