दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में गुरुवार देर रात दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के आमने-सामने आ जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान हुई खूनी झड़प में ताबड़तोड़ फायरिंग और चाकूबाजी की वारदात को अंजाम दिया गया, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती तफ्तीश के आधार पर पुलिस को यह अंदेशा है कि इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश जुड़ी हो सकती है। पीड़ित पक्षों में से एक को गोली लगने की पुष्टि हुई है जबकि दूसरे को धारदार हथियार से जख्मी किया गया। घटनास्थल से दो खाली कारतूस और दो चाकू बरामद कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
पुरानी रंजिश पर केंद्रित है पुलिस की तफ्तीश
पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में गुरुवार रात लगभग एक बजे दो समूहों के बीच अचानक हिंसक टकराव हुआ। टकराव के दौरान ही स्थिति बेकाबू हो गई और गोलियां तथा चाकू चलने लगे। पुलिस थाने में इस गोलीबारी और हंगामे की सूचना मिलने पर पीसीआर कॉल दर्ज की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह पुरानी रंजिश हो सकती है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
अस्पताल में भर्ती हैं तीनों पीड़ित
इस हिंसक घटना में घायल हुए तीनों व्यक्तियों की पहचान संजू भेषधारी उर्फ कुमार भेषधारी, मंसूर आलम और नितिन के तौर पर हुई है। इनमें से संजू को गोली लगी है जिन्हें गंभीर हालत में सरिता विहार स्थित अपोलो अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं दूसरे घायल नितिन को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मंसूर आलम को भी चोटें आईं लेकिन प्राथमिक उपचार और मामूली जख्म होने के कारण उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जांच के घेरे में घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज
वारदात की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से दो खाली कारतूस तथा दो चाकू अपने कब्जे में ले लिए। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस दल फरार और शामिल आरोपियों की शिनाख्त करने के साथ ही उन्हें दबोचने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि पूरी घटना की सही कड़ी जोड़ी जा सके।
घायल नितिन की मां ने बयां किया दर्दनाक मंजर
घायल युवक नितिन की मां सुमन ने विस्तार से बताया कि घटना के वक्त उनका बेटा घर पर आराम से खाना खा रहा था। खाना खाते ही वह अचानक उठकर घर से कहीं जाने के लिए निकल पड़ा। जब मां ने उससे टोकते हुए पूछा कि वह इस वक्त कहां जा रहा है, तो नितिन ने जवाब दिया कि वह कुछ ही देर में वापस लौट आएगा। सुमन के मुताबिक, कुछ देर बाद ही उन्हें मोहल्ले के लोगों से सूचना मिली कि उनके बेटे पर चाकू से हमला हुआ है और उसे गोली भी लगी है। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद लोग उनसे कोई मजाक कर रहे हैं, लेकिन बाद में वास्तविकता सामने आई कि नितिन वाकई बुरी तरह जख्मी हो चुका है। किसी अनजान भले व्यक्ति ने उसे ऑटो में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया था।
मूर्ति विसर्जन के दौरान गरमाया माहौल
सुमन ने आगे जानकारी दी कि इलाके में चल रहे धार्मिक उत्सव और मूर्ति विसर्जन के सिलसिले में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर एकत्र हुए थे। उन्होंने बताया कि वह अभी तक अपने घायल बेटे से अस्पताल में मिल नहीं पाई हैं। उनके कुल दो बेटे हैं जिनमें नितिन बड़ा है। नितिन एक निजी क्षेत्र की कंपनी में नौकरी करता है और इस समय अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। परिवार को अभी तक यह स्पष्ट रूप से समझ नहीं आया है कि आखिर उसके बेटे को यह खौफनाक चोटें कैसे लगीं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की गहन जांच लगातार जारी है।



















