उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में उसाइनी स्थित आरसेटी केंद्र इन दिनों ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक नई राह खोल रहा है। यहां अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने और ब्यूटी पार्लर जैसे व्यावहारिक कोर्स बिना किसी शुल्क के कराए जा रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद खुद का कारोबार खड़ा करने के लिए महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का लोन भी मिल सकता है।
कैसे जुड़ सकती हैं महिलाएं इस योजना से?
फिरोजाबाद में यह सुविधा स्वयं सहायता समूहों के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। जो महिला इस ट्रेनिंग में हिस्सा लेना चाहती है, उसे पहले अपने इलाके के किसी समूह से जुड़ना होगा। इसके बाद वह आरसेटी विभाग में जाकर संपर्क कर सकती है और अपनी पसंद का कोर्स शुरू कर सकती है। केंद्र पर अगरबत्ती-धूपबत्ती बनाने से लेकर ब्यूटी पार्लर तक के कोर्स उपलब्ध हैं और अलग-अलग मौसम में नए कोर्स भी चलाए जाते हैं।
किरण की कहानी: गांव से सेंटर तक का सफर
टूंडला के एक गांव में रहने वाली किरण ने बताया कि घर का काम-काज निपटाने के बाद उन्हें एक स्थानीय समूह की जानकारी मिली। उन्होंने उस समूह से जुड़ने का फैसला किया और आरसेटी केंद्र पर धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। उनका इरादा है कि यह हुनर सीखकर वे घर से ही अपना छोटा कारोबार शुरू करेंगी।
कमला देवी ने भी थामी आत्मनिर्भरता की राह
एक अन्य प्रशिक्षणार्थी कमला देवी का कहना है कि पहले वे किसी भी काम से नहीं जुड़ी थीं और पूरा दिन घर पर ही बिताती थीं। अब वे भी इसी सेंटर पर अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाना सीख रही हैं। उनका मानना है कि यह ट्रेनिंग उन्हें घर बैठे स्वरोजगार की राह दिखाएगी। सेंटर पर उनके साथ और भी कई महिलाएं यही हुनर सीख रही हैं।
केंद्र पर ट्रेनिंग देने वाली रानी ने बताया कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से महिलाएं नियमित रूप से प्रशिक्षण लेने यहां आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में पहला कदम स्थानीय समूह से जुड़ना है, जिसके बाद सेंटर पर ट्रेनिंग और स्वरोजगार में मदद दोनों एक साथ मिलती हैं।
5 लाख रुपये का लोन: आर्थिक स्वतंत्रता की बुनियाद
ट्रेनिंग के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी इस पूरी योजना का एक जरूरी हिस्सा है। ट्रेनर रानी ने जानकारी दी कि जो महिलाएं यहां अपना प्रशिक्षण पूरा करती हैं, उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन दिलाने की व्यवस्था है। इस आर्थिक सहारे का मकसद यह है कि महिलाएं सही मायनों में आत्मनिर्भर बन सकें और अपने घर से ही अच्छी कमाई कर सकें।
ब्यूटी पार्लर कोर्स: नई शुरुआत की तैयारी
ब्यूटी पार्लर कोर्स में दाखिला लेने वाली नीहारिका शर्मा ने कहा कि वे यहां मुफ्त ट्रेनिंग लेने के मकसद से आई हैं। उन्हें यहां ब्यूटी पार्लर से जुड़ी सभी जरूरी बातें सिखाई जा रही हैं और वे इन्हें पूरी लगन से सीख रही हैं। कोर्स पूरा होते ही वे अपना खुद का ब्यूटी पार्लर खोलने की योजना बना रही हैं।
एक और महिला हेमलता ने बताया कि इस केंद्र पर समय-समय पर अलग-अलग तरह के कोर्स चलाए जाते हैं। इस गर्मी के मौसम में ब्यूटी पार्लर कोर्स चल रहा है और वे इसे सीखने के लिए रोजाना यहां आती हैं। कोर्स खत्म होते ही वे अपना ब्यूटी पार्लर खोलकर कमाई शुरू करना चाहती हैं ताकि वे पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकें।













