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ग्रेटर नोएडा के मॉडल पर तैयार होगा कानपुर का नया शहर, 16 हजार करोड़ से 5 हजार एकड़ में बसेगा ग्रेटर कानपुरव्यापार
24 जून 2026, 11:59 pm (125 दिन पहले)· 5

ग्रेटर नोएडा के मॉडल पर तैयार होगा कानपुर का नया शहर, 16 हजार करोड़ से 5 हजार एकड़ में बसेगा ग्रेटर कानपुर

कानपुर विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर कानपुर परियोजना पर काम तेज कर दिया है, जिसमें 5 हजार एकड़ में मेडि सिटी, नॉलेज सिटी और ईवी पार्क जैसे प्रोजेक्ट बसाए जाएंगे और करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

कानपुर को एक सुनियोजित और आधुनिक शहर की शक्ल देने की तैयारी अब रफ्तार पकड़ चुकी है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने अपनी बहुप्रतीक्षित ग्रेटर कानपुर योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस बड़ी परियोजना के लिए कंसलटेंट तय कर लिया गया है और अब जमीन खरीदने की प्रक्रिया की रूपरेखा बनाई जा रही है। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि अगले एक साल के अंदर ही मेडि सिटी, नॉलेज सिटी और ईवी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट जमीन पर आकार लेते दिखने लगेंगे।

केडीए के चीफ टाउन प्लानर मनोज कुमार के मुताबिक, ग्रेटर कानपुर को भविष्य के एक आधुनिक शहर की तरह बसाने की योजना है। यह नया शहर कानपुर नगर और कानपुर देहात के बीच चुने गए गांवों में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सात गांवों को चिन्हित किया गया है, जिनमें भैरमपुर, गढ़ी, इटरा, कैंधा, रामपुर भीमसेन, सोना और रामपुर खास शामिल हैं।

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सिर्फ कॉलोनी नहीं, पूरा शहर बसाने की तैयारी

यह योजना केवल आवासीय कॉलोनी बनाने तक सीमित नहीं रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यहां रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग, सबको एक साथ जोड़कर एक भरा-पूरा आधुनिक शहर खड़ा किया जाएगा। जिस तरह ग्रेटर नोएडा ने दिल्ली-एनसीआर के विकास को नई दिशा दी, ठीक उसी तरह ग्रेटर कानपुर भी आने वाले समय में प्रदेश का एक अहम विकास केंद्र बनकर उभर सकता है।

हाल ही में केडीए के उपाध्यक्ष, चीफ टाउन प्लानर और दूसरे अधिकारियों ने इन चुने हुए गांवों का दौरा किया। इस दौरे में जमीन की मौजूदा स्थिति, कनेक्टिविटी और विकास की संभावनाओं को परखा गया। इसी सर्वे के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि किस इलाके में कौन सा प्रोजेक्ट सबसे ज्यादा कारगर साबित होगा।

पहले चरण में चार गांवों की जमीन

मनोज कुमार ने बताया कि अगले दो से तीन महीनों में पहले चरण के लिए तीन से चार गांवों की जमीन खरीदने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जमीन का अधिग्रहण और खरीद पूरी होते ही विकास कार्य भी रफ्तार पकड़ लेंगे। ग्रेटर कानपुर योजना के तहत कुल 5 हजार एकड़ क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। यहां आधुनिक सड़कें, पार्क, व्यावसायिक इलाके, संस्थान और दूसरी बुनियादी सुविधाएं तैयार होंगी। इससे कानपुर पर लगातार बढ़ रहे शहरी दबाव को कम करने में भी काफी मदद मिलेगी।

10 से 12 हजार भूखंड, 16 हजार करोड़ का खर्च

योजना के मुताबिक ग्रेटर कानपुर में आम लोगों के लिए 10 से 12 हजार आवासीय और व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इन भूखंडों का आकार 112 वर्गमीटर से लेकर 300 वर्गमीटर तक रखा जाएगा, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोग यहां अपना घर बना सकें या कारोबार जमा सकें। पूरी परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

यह योजना केडीए के मास्टर प्लान का हिस्सा है और इसे कानपुर के भविष्य की सबसे बड़ी विकास परियोजनाओं में गिना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि ग्रेटर कानपुर के बस जाने के बाद न सिर्फ कानपुर बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी बेहतर आवास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का फायदा मिलेगा। आने वाले बरसों में यह इलाका प्रदेश के सबसे आधुनिक शहरी केंद्रों में अपनी जगह बना सकता है।

सवाल-जवाब

ग्रेटर कानपुर कितने क्षेत्र में बसाया जाएगा?
ग्रेटर कानपुर योजना के तहत कुल 5 हजार एकड़ क्षेत्र में विकास किया जाएगा।
इस परियोजना पर कुल कितना खर्च आएगा?
पूरी परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रेटर कानपुर के लिए कौन से गांव चुने गए हैं?
इसके लिए भैरमपुर, गढ़ी, इटरा, कैंधा, रामपुर भीमसेन, सोना और रामपुर खास समेत सात गांवों को चिन्हित किया गया है।
यहां कितने और किस आकार के भूखंड मिलेंगे?
यहां 10 से 12 हजार आवासीय और व्यावसायिक भूखंड विकसित होंगे, जिनका आकार 112 वर्गमीटर से 300 वर्गमीटर तक होगा।
कौन से बड़े प्रोजेक्ट यहां बनेंगे?
यहां मेडि सिटी, नॉलेज सिटी और ईवी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे।
जमीन खरीदने का काम कब शुरू होगा?
अगले दो से तीन महीनों में पहले चरण के लिए तीन से चार गांवों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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