हरियाणा के बिजली बाजार में एक नया खिलाड़ी उतरने जा रहा है। स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे कई कारोबार में सक्रिय समूह इलेवन ने सोमवार को बताया कि वह गुरुग्राम और नूंह जिलों में नवीकरणीय ऊर्जा वाला नया बिजली वितरण ढांचा खड़ा करने के लिए 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा पूंजी लगाने वाला है। मेदांता के सह-संस्थापक सुनील सचदेवा इस समूह की अगुआई करते हैं, और कंपनी इसे हरियाणा के बिजली क्षेत्र में अब तक सामने आए सबसे बड़े निजी निवेश प्रस्तावों में गिन रही है।
पहले चरण के लिए पैसा तैयार
कंपनी के बयान के हवाले से बताया गया कि पहले चरण की फंडिंग का बंदोबस्त हो चुका है, जिसमें इक्विटी यानी हिस्सेदारी और कर्ज दोनों शामिल रहेंगे। दिलचस्प यह है कि हरियाणा के अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले नूंह को इसी पहले चरण में जोड़ा गया है, जबकि गुरुग्राम पहले से राज्य के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शुमार है। समूह चाहता है कि दोनों जिलों को साथ लेकर एक ऐसा वितरण तंत्र खड़ा किया जाए जो पूरी तरह नवीकरणीय स्रोतों की बिजली पर चले।
नियामक की मंजूरी पर टिकी योजना
इस योजना को धरातल पर उतारने का जिम्मा इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड नाम की इकाई को दिया गया है, जिसने गुरुग्राम और नूंह, दोनों जिलों के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस पाने की अर्जी हरियाणा के बिजली नियामक के सामने दाखिल कर दी है। जब तक नियामक की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक यह प्रोजेक्ट अमल में नहीं आ सकेगा, यानी पूरा मामला फिलहाल मंजूरी के इंतजार में अटका है। समानांतर लाइसेंस के तहत काम करने का तरीका सीधा है, पुरानी बिजली कंपनी का अपना नेटवर्क और उसके उपभोक्ता जस के तस बने रहते हैं, सिर्फ वे ग्राहक ही नई कंपनी से जुड़ेंगे जो खुद यह विकल्प चुनेंगे। मतलब गुरुग्राम और नूंह के उपभोक्ताओं पर किसी तरह की जबरदस्ती नहीं थोपी जाएगी, फैसला उन्हीं के हाथ में रहेगा।
चेयरमैन का बयान
इलेवन के चेयरमैन सुनील सचदेवा ने कहा, "हम भविष्य के लिए तैयार, वैश्विक स्तर की बिजली वितरण व्यवस्था बनाना चाहते हैं।" उनका कहना था कि यह ढांचा इस तरह तैयार किया जा रहा है कि आने वाले लंबे समय तक नूंह और गुरुग्राम के निवासियों को बेहतर सेवा मिलती रहे। इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समूह ने खासतौर पर बिजली वितरण के कारोबार के लिए खड़ा किया है, और इसी कंपनी के जरिए गुरुग्राम व नूंह में नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ा यह वितरण ढांचा तैयार करने के लिए 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम झोंकी जाएगी।


















