पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाते हुए असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर 'द टर्मिनल' नामक कमर्शियल और मनोरंजन परिसर का उद्घाटन किया है। 23 अक्टूबर को शुरू किए गए इस केंद्र के माध्यम से रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली पारंपरिक सुविधाओं का कायाकल्प किया गया है। पानबाजार के स्टेशन रोड स्थित पुरानी यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) इमारत वाले स्थान पर बने इस कॉम्प्लेक्स में यात्रियों, उनके परिजनों और अन्य आगंतुकों के लिए खान-पान, खरीदारी और मनोरंजन के आधुनिक इंतजाम किए गए हैं।
खान-पान, शॉपिंग और बच्चों के लिए प्ले एरिया
'द टर्मिनल' परिसर में एक ही जगह पर कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों का इंतजार का समय सुविधाजनक और आरामदायक बन सके। इस केंद्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध 'क्विक-सर्विस' रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) ब्रांड्स के आउटलेट स्थापित किए गए हैं, जहाँ लोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं। इसके साथ ही यहाँ एक समर्पित मार्केट विकसित किया गया है, जिसमें स्थानीय हस्तशिल्प, यादगारी वस्तुएं और खुदरा उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यह बाजार असम के स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बड़े पैमाने पर ग्राहकों तक पहुँचने का एक सशक्त मंच भी प्रदान करता है।
बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों की सुविधा के लिए इस परिसर में एक इनडोर 'सॉफ्ट प्ले एरिया' तैयार किया गया है। यहाँ ट्रेन के प्रस्थान या आगमन के दौरान बच्चे आराम से खेल-कूद सकते हैं। इस केंद्र को आकर्षक लाइटिंग, सुंदर लैंडस्केपिंग, विशेष बैठने की व्यवस्था और इंटीरियर डिजाइन से सजाया गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने परिसर में रेलवे मानकों के अनुरूप सुरक्षा, स्वच्छता, अग्निशमन और अन्य आवश्यक इंतज़ाम पूरे किए हैं।
2.27 करोड़ रुपये का कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट और राजस्व मॉडल
इस प्रोजेक्ट को लामडिंग मंडल द्वारा न्यू इनोवेटिव नॉन-फेयर रेवेन्यू आइडियाज स्कीम (NINFRIS) के तहत तैयार किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे की पुरानी और अप्रयुक्त संपत्तियों का व्यावसायिक रूप से बेहतर इस्तेमाल करना है। 27,381 वर्ग फुट के बड़े क्षेत्र में फैले 'द टर्मिनल' को संचालित करने के लिए फ्यूजन एज सॉल्यूशन के साथ 5 साल की अवधि के लिए 2.27 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट किया गया है।
इस पहल से जहां एक तरफ यात्रियों के अनुभव में बड़ा सुधार होगा, वहीं दूसरी तरफ भारतीय रेलवे को टिकट बिक्री के अलावा अन्य व्यावसायिक स्रोतों से नियमित राजस्व प्राप्त होगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का यह मॉडल स्टेशन प्रबंधन और यात्री सुविधाओं के आधुनिक विकास के लिए एक अहम कदम है।

















