बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की सोच रहे माता-पिता के लिए सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना एक भरोसेमंद रास्ता बनकर उभरी है। थोड़ी-थोड़ी रोजाना की बचत किस तरह दो दशक में एक बड़ी रकम में बदल जाती है, इसका सीधा उदाहरण इसी स्कीम में देखने को मिलता है। आइए, पहले इसकी खूबियां समझते हैं और फिर वह गणित जिससे आपकी बिटिया के नाम पूरे ₹72 लाख जुड़ सकते हैं।
क्यों खास है यह योजना
इस स्कीम में जमा रकम पर सरकार फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज दे रही है, जो ज्यादातर सरकारी बचत योजनाओं की तुलना में ऊंचा है। इसमें ब्याज पर भी ब्याज, यानी चक्रवृद्धि का फायदा मिलता है। हर तीन महीने में जमा राशि पर बना ब्याज वापस मूलधन में जोड़ दिया जाता है, और यही प्रक्रिया लंबी अवधि में पैसे को कई गुना रफ्तार से बढ़ा देती है। ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तिमाही करती है और जरूरत के मुताबिक उनमें बदलाव भी कर सकती है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह योजना पूरी तरह सरकारी गारंटी के साथ आती है, इसलिए इसमें लगाया पैसा डूबने का कोई डर नहीं रहता।
किसके लिए और कैसे खुलवाएं खाता
यह स्कीम सिर्फ बेटियों के लिए है। एक परिवार अपनी दस साल तक की उम्र वाली दो बेटियों के नाम खाता खुलवा सकता है। खाता बेटी के जन्म से लेकर उसकी 10 साल की उम्र पूरी होने से पहले कभी भी खोला जा सकता है। इसके लिए बेटी के माता-पिता या उनके कानूनी अभिभावक नजदीकी Post Office या देश के किसी भी अधिकृत सरकारी और निजी बैंक में जाकर आसानी से यह खाता खुलवा सकते हैं।
₹72 लाख का गणित
अब बात उस हिसाब की जिससे यह बड़ी रकम बनती है। इसके लिए हर महीने बेटी के खाते में ₹12,500 जमा करने होंगे, यानी रोजाना के हिसाब से करीब ₹416। इस तरह हर महीने ₹12,500 जमा करते हुए आप सालाना अधिकतम निवेश सीमा ₹1.5 लाख तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
अगर यह अनुशासित निवेश लगातार 15 साल तक जारी रहता है, तो आपकी जेब से जमा हुई असल पूंजी करीब ₹22.50 लाख बैठती है। खास बात यह है कि पैसा पूरे 21 साल तक नहीं डालना पड़ता। निवेश सिर्फ शुरुआती 15 साल का होता है, और उसके बाद के अगले 6 साल तक भी सरकार जमा रकम पर ब्याज देती रहती है।
योजना का मैच्योरिटी पीरियड 21 साल का है। जब यह खाता पूरी अवधि के बाद मैच्योर होता है, तो 8.2% की स्थिर ब्याज दर के हिसाब से यह रकम बढ़कर लगभग ₹71.82 लाख हो जाती है। इसमें से करीब ₹49.32 लाख की मोटी रकम सिर्फ सरकार की ओर से मिलने वाला शुद्ध ब्याज होती है, यानी आपकी जमा पूंजी से दोगुने से भी ज्यादा।
टैक्स का पूरा फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना ‘ट्रिपल ई’ (EEE) कैटेगरी में आती है। इसका सीधा मतलब यह है कि इसमें सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पूरी टैक्स छूट मिलती है। इतना ही नहीं, हर साल मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर हाथ आने वाली पूरी ₹72 लाख की रकम पर भी सरकार एक रुपया टैक्स नहीं वसूलती। इसी वजह से लंबी अवधि में यह स्कीम बेटियों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं मानी जाती।













