घरेलू इक्विटी निवेशकों और वित्तीय बाजार के प्रतिभागियों के लिए अगस्त 2026 का महीना बिना किसी रुकावट के कारोबार करने का अवसर लेकर आ रहा है, क्योंकि देश के दोनों प्रमुख राष्ट्रीय एक्सचेंज बिना किसी मिड-वीक त्योहार अवकाश के कार्य करेंगे। महीने के लिए जारी आधिकारिक कारोबारी कैलेंडर के अनुसार, भारतीय इक्विटी, ऋण और डेरिवेटिव बाजारों में ट्रेडिंग गतिविधियां केवल नियमित वीकेंड के दौरान ही निलंबित रहेंगी। एक्सचेंज अधिकारियों द्वारा कोई अतिरिक्त अवकाश घोषित न किए जाने के कारण, पूरा महीना सामान्य व्यावसायिक दिनों की तरह चलेगा और निवेशकों को हर सप्ताह 5 पूरे कारोबारी दिन मिलेंगे।
अगस्त 2026 में छुट्टियों का पूरा विवरण
अगस्त 2026 के ट्रेडिंग शेड्यूल में कुल मिलाकर 10 गैर-ट्रेडिंग दिन शामिल हैं, और ये सभी शनिवार या रविवार के नियमित वीकेंड पर पड़ रहे हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबार 1, 2, 8, 9, 15, 16, 22, 23, 29 और 30 अगस्त को पूरी तरह बंद रहेगा। इन 10 तारीखों के दौरान कैश इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटीज लैंडिंग एंड बरोइंग (SLB) प्रणाली सहित सभी बाजार सेगमेंट में नियमित लेनदेन स्थगित रहेंगे।
आमतौर पर 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहता है और पूरे देश में ट्रेडिंग स्थगित रहती है। हालांकि वर्ष 2026 में 15 अगस्त शनिवार के दिन पड़ रहा है। चूंकि शनिवार को भारतीय बाजारों में पहले से ही वीकेंड की छुट्टी होती है, इसलिए एक्सचेंज प्रबंधन ने इस अवसर के लिए कोई अलग से अतिरिक्त अवकाश घोषित नहीं किया है। इस कारण निवेशकों को बिना किसी अप्रत्याशित कारोबारी रुकावट के सामान्य वीकेंड शेड्यूल ही देखने को मिलेगा।
आगामी त्योहारी कैलेंडर और विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग
चूंकि अगस्त के महीने में सप्ताह के दौरान कोई भी एक्सचेंज-अधिसूचित छुट्टी नहीं है, इसलिए त्योहारों पर बाजार बंद रहने का इंतजार कर रहे निवेशकों को थोड़ा इंतजार करना होगा। अगली प्रमुख बाजार छुट्टियां सितंबर और अक्टूबर के महीनों में पड़ेंगी, जब गणेश चतुर्थी और दशहरा जैसे बड़े राष्ट्रीय व क्षेत्रीय त्योहारों के अवसर पर व्यावसायिक दिनों में ट्रेडिंग बंद रखी जाएगी।
वित्तीय कैलेंडर में आगे देखें तो दिवाली लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर 2026 को रविवार के दिन आयोजित होगा। स्वतंत्रता दिवस की तरह ही दिवाली भी रविवार को होने के कारण सोमवार से शुक्रवार की नियमित ट्रेडिंग प्रभावित नहीं होगी। इसके बावजूद पुरानी परंपराओं का सम्मान करते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज रविवार की शाम को 1 घंटे का विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेंगे। यह प्रतीकात्मक कारोबारी सत्र निवेशकों को नए संवत वर्ष की शुभ शुरुआत के लिए टोकन ऑर्डर देने का अवसर प्रदान करता है।
बाजार का हाल: हरे निशान पर बंद हुए मुख्य सूचकांक
अगस्त महीने की शुरुआत से ठीक पहले वाले कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार के मुख्य सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। इस दौरान बाजारों ने महीने के शुरुआती दौर में दिखी सुस्ती से उबरते हुए अच्छी वापसी की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 166 अंक यानी 0.2 प्रतिशत बढ़कर 78,000 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 66 अंक यानी 0.2 प्रतिशत चढ़कर 24,350 के स्तर के पार बंद होने में सफल रहा। दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए यह लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में दर्ज की गई बढ़त थी।
दैनिक चाल, FII की खरीदारी और सेक्टोरल ट्रेंड
सप्ताह के दौरान बाजार की चाल में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हफ्ते की शुरुआत 27 जुलाई को एक जोरदार वापसी के साथ हुई, जिसने पिछले पांच दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया। इस रिकवरी को मजबूत तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से बड़ा समर्थन मिला। हालांकि 28 जुलाई को मामूली मुनाफावसूली के कारण बाजार में हल्की गिरावट आई, लेकिन 29 जुलाई को वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद बाजार संभलने में कामयाब रहा। इस दौरान जियो फाइनेंशियल, एचयूएल और इन्फोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया।
सप्ताह के आखिरी सत्रों में संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखा गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार तीन कारोबारी सत्रों में शुद्ध खरीदारी की, जिससे घरेलू इक्विटी में नई पूंजी आई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने सतर्क रुख अपनाते हुए इसी अवधि के दौरान बिकवाली की।
सेक्टर के लिहाज से ऑटोमोबाइल और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयर सूचकांकों में बढ़त के मुख्य चालक रहे। बजाज फाइनेंस जैसी प्रमुख वित्तीय कंपनियों और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी दिग्गज ऑटो कंपनी के शेयर हफ्ते के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इसके उलट सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की बड़ी कंपनियों, विशेषकर टीसीएस और इन्फोसिस में बिकवाली का दबाव देखा गया और वे बाजार की रफ्तार पर लगाम लगाने वाले मुख्य शेयर साबित हुए।



















