स्वाती नक्षत्र में बुध का गोचर, 6 राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ और नई तरक्कीबालोद के सियनमरा में महिला सरपंच अंजू साहू ने जहर खाकर की खुदकुशी की कोशिश, वित्तीय दबाव और दुर्व्यवहार के आरोपअवैध दवा सिंडिकेट पर शिकंजा: 20 करोड़ से अधिक की 25 अचल संपत्तियों पर कानूनी तालादिल्ली से गुवाहाटी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, केंद्र सरकार ने दी नॉर्दर्न हाई-स्पीड कॉरिडोर विस्तार को मंजूरीनेपाल के डोल्पा में भीषण बर्फबारी के बीच दो महिलाओं सहित 6 भारतीय नागरिक फंसे, सेना का हेलीकॉप्टर राहत अभियान में जुटाकार्तिक मास की कालाष्टमी पर इन अचूक उपायों से करें संकटों का निवारण, व्यापार और परिवार में लौटेगी शांतिरास्तों के किनारे उगने वाला अपामार्ग छिपाए है कई औषधीय गुण, वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने दी सही इस्तेमाल की सलाहविदेश जाने वाले यात्रियों के लिए डिजी यात्रा का परीक्षण शुरू, सात बड़े हवाई अड्डों पर ई-पासपोर्ट से मिलेगी डिजिटल एंट्रीजर्मनी में पीवी सिंधू का जलवा, लाइन कजर्सफेल्ट को सीधे गेम में हराकर हाइलो ओपन की ट्रॉफी जीतीदिल्ली रैली कूच के दौरान मुरादाबाद में सपा नेता इकबाल इंजीनियर के विवादित नारे, विधायक कमाल अख्तर ने रोका
आईडीबीआई बैंक में दो दिन का कामकाज ठप, निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का देशव्यापी प्रदर्शनव्यापार
1 नव॰ 2026, 8:58 pm (16 मिनट पहले)· 0

आईडीबीआई बैंक में दो दिन का कामकाज ठप, निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का देशव्यापी प्रदर्शन

आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने 2 और 3 नवंबर को 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे शाखाओं में सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

आईडीबीआई बैंक के खाताधारकों को आने वाले दो दिनों में बैंकिंग कार्यों को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के आह्वान पर बैंक के 10,000 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी 2 नवंबर और 3 नवंबर को 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार और प्रबंधन द्वारा बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ आयोजित किया गया है। दो दिवसीय कार्य बहिष्कार की वजह से देशभर में बैंक की शाखाओं का सामान्य परिचालन, काउंटर सेवाएं, नकदी लेन-देन और चेक क्लियरेंस प्रक्रिया बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।

निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग

कर्मचारी यूनियनों ने सरकार और बैंक प्रबंधन से निजीकरण की पूरी योजना को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग उठाई है। कर्मचारी संगठनों का स्पष्ट तर्क है कि आईडीबीआई बैंक की वर्तमान सुदृढ़ स्थिति किसी निजी पूंजी या निवेश का परिणाम नहीं है। बैंक संकट के दौर से निकलकर आज जिस मजबूत मुकाम पर पहुंचा है, वह भारत सरकार, भारतीय जीवन बीमा निगम और बैंक कर्मियों के अनवरत परिश्रम तथा सामूहिक प्रयासों की बदौलत संभव हुआ है। जब संस्थान गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा था, उस नाजुक दौर में कर्मचारियों ने ग्राहकों का अटूट विश्वास कायम रखा और बैंकिंग सेवाओं को सुचारू बनाए रखकर इसे दोबारा मजबूती से खड़ा किया। इसके साथ ही सरकार और जीवन बीमा निगम ने पुनर्गठन के लिए जरूरी वित्तीय मदद भी उपलब्ध कराई थी।

ये भी पढ़ें

संकट के दौर से मजबूत वित्तीय स्थिति तक का सफर

बैंक का वित्तीय इतिहास बताता है कि वर्ष 2016 से लेकर 2020 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा की गई एसेट क्वालिटी रिव्यू प्रक्रिया के बाद भारी मात्रा में फंसे हुए कर्जों यानी एनपीए की पहचान हुई थी। इसके चलते बैंक को उस वक्त बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा था। उस संकटपूर्ण स्थिति से बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम ने मिलकर 46,000 करोड़ रुपए से अधिक की पूंजीगत सहायता बैंक को प्रदान की थी।

रिकॉर्ड मुनाफा और सुधरे वित्तीय अनुपात

यूनियन के अनुसार इस बड़े वित्तीय सहयोग और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के दम पर बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त सुधार दर्ज किया है। पिछले छह वर्षों के भीतर बैंक ने 30,100 करोड़ रुपए से अधिक का संचयी शुद्ध मुनाफा हासिल किया है। इसके अलावा, संपत्ति गुणवत्ता में भी भारी सुधार दर्ज हुआ है। वर्ष 2018 में जहां बैंक का सकल एनपीए अनुपात 31.78 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, वह अब घटकर मात्र 2.30 प्रतिशत रह गया है।

संगठन द्वारा साझा किए गए वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक बैंक का नेट एनपीए घटकर सिर्फ 0.16 प्रतिशत पर आ चुका है। इसके साथ ही पूंजी पर्याप्तता अनुपात 26.38 प्रतिशत और प्रोविजन कवरेज अनुपात 99.31 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर को छू चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि यह सभी आंकड़े इस बात का ठोस प्रमाण हैं कि बैंक अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर, सुरक्षित और मुनाफे में चल रहा है, इसलिए इसे निजी हाथों में सौंपने का कोई औचित्य नहीं बनता।

सवाल-जवाब

आईडीबीआई बैंक में हड़ताल किस तारीख को रखी गई है?
आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी 2 नवंबर और 3 नवंबर को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
इस हड़ताल का आह्वान किस संगठन ने किया है?
यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज द्वारा बुलाई गई है।
कर्मचारी हड़ताल क्यों कर रहे हैं?
कर्मचारी केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन द्वारा आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
हड़ताल के दौरान बैंक की किन सेवाओं पर असर पड़ेगा?
शाखाओं में सामान्य कामकाज, काउंटर सेवाएं, नकदी लेन-देन और चेक क्लियरेंस पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
संकट के समय बैंक को कितनी वित्तीय मदद मिली थी?
वर्ष 2016 से 2020 के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम ने बैंक को उबारने के लिए 46,000 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी थी।
पिछले छह वर्षों में बैंक ने कितना शुद्ध लाभ कमाया है?
बैंक ने पिछले छह वर्षों में 30,100 करोड़ रुपए से अधिक का संचयी शुद्ध मुनाफा हासिल किया है।
वर्तमान में बैंक का सकल और नेट एनपीए अनुपात कितना है?
बैंक का सकल एनपीए अनुपात घटकर 2.30 प्रतिशत और नेट एनपीए अनुपात मात्र 0.16 प्रतिशत पर आ गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp