नेपाल के उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज ने पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शे-फोक्सुंडो राष्ट्रीय उद्यान इलाके में 31 अक्टूबर की दोपहर से लगातार हो रही भीषण बर्फबारी के कारण भारत के छह पर्यटक वहां फंस गए हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल अब प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं, जिसकी पुष्टि अधिकारियों ने 1 नवंबर को की।
धो क्षेत्र में मोटी बर्फ की चादर, ऊंचाई पर फंसे पर्यटक
डोल्पा के मुख्य जिला अधिकारी जुनु ढकाल ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह समूह शे-फोक्सुंडो ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 8 में पड़ने वाले धो इलाके की ओर गया था। निरंतर जारी बर्फबारी के चलते धो और उसके आसपास का पूरा भूभाग बर्फ की मोटी चादर से ढक चुका है, जिससे जमीनी आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। इसी ग्रामीण नगरपालिका की सीमा में प्राकृतिक आकर्षण का केंद्र शे-फोक्सुंडो झील स्थित है, जो समुद्र तल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। लगभग 145 मीटर की गहराई वाली यह झील नेपाल की सबसे गहरी झील मानी जाती है।
सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, लोकेशन की हुई पहचान
राहत और बचाव के प्रयासों पर बात करते हुए जुनु ढकाल ने स्पष्ट किया कि बचाव दल उस सटीक जगह का पता लगाने में सफल रहा है जहां पर्यटक इस समय फंसे हुए हैं। ढकाल के अनुसार,
"हमने उस इलाके का पता लगा लिया है, जहां पर्यटक फंसे हुए हैं।"उन्होंने आगे बताया कि दुर्गम पहाड़ी इलाके से पर्यटकों को एयरलिफ्ट करने के लिए सेना का एक हेलीकॉप्टर रवाना किया जा रहा है और पूरी उम्मीद है कि जल्द ही सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
गाइड की चेतावनी की अनदेखी और संपर्क टूटने का घटनाक्रम
अधिकारियों ने यह भी साझा किया कि सुरक्षा कर्मियों तथा दल के साथ मौजूद नेपाली गाइड ने मौसम की नजाकत को देखते हुए आगे न बढ़ने की सख्त चेतावनी दी थी। इसके बावजूद भारतीय पर्यटक चेतावनी की अनदेखी करते हुए अपने गाइड को पीछे छोड़कर झील की ओर बढ़ गए। 31 अक्टूबर की शाम गाइड ने डोल्पा जिला प्रशासन कार्यालय को फोन कर सूचित किया था कि भयंकर बर्फबारी के चलते पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए होंगे। शनिवार रात के बाद उनसे संपर्क टूटना शुरू हुआ और 1 नवंबर की सुबह पर्यटकों से संपर्क पूरी तरह कट गया, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने खोजबीन और बचाव अभियान तेज कर दिया।



















