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दिल्ली से गुवाहाटी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, केंद्र सरकार ने दी नॉर्दर्न हाई-स्पीड कॉरिडोर विस्तार को मंजूरीअसम
1 नव॰ 2026, 8:23 pm (1 घंटे पहले)· 1

दिल्ली से गुवाहाटी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, केंद्र सरकार ने दी नॉर्दर्न हाई-स्पीड कॉरिडोर विस्तार को मंजूरी

केंद्र सरकार ने दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को असम के गुवाहाटी तक बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर घटकर आठ घंटे से भी कम रह जाएगा।

असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत के रेल नेटवर्क में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने पहले से प्रस्तावित दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का विस्तार असम के प्रमुख शहर गुवाहाटी तक करने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद असम देश के उच्च गति वाले बुलेट ट्रेन नेटवर्क के मानचित्र पर सीधे तौर पर शामिल हो जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को इस फैसले की जानकारी सार्वजनिक करते हुए केंद्र के इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया।

सफर का समय घटकर रह जाएगा आठ घंटे से कम

परियोजना के अमल में आने के बाद दिल्ली और गुवाहाटी के बीच यात्रा के समय में अभूतपूर्व कमी आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नए हाई-स्पीड रेल संपर्क से दोनों शहरों के बीच का सफर सिमटकर आठ घंटे से भी कम का रह सकता है। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में सामान्य और प्रीमियम ट्रेनों को चौबीस घंटे से भी अधिक का समय लग जाता है। ऐसे में यह तीव्र गति वाली रेल सेवा यात्रियों को हवाई यात्रा जैसी गति और सुविधा बेहद किफायती स्तर पर मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री ने इस बड़े निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस कदम को पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में समग्र कनेक्टिविटी को आधुनिक रूप देने वाला ऐतिहासिक मोड़ करार दिया।

जुलाई में रखी गई थी गुवाहाटी तक विस्तार की मांग

इस हाई-स्पीड रेल गलियारे की मूल योजना इसे केवल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक सीमित रखने की थी। मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि उन्होंने जुलाई में रेल मंत्री को एक औपचारिक लिखित अनुरोध भेजा था और व्यक्तिगत बैठक कर इस नेटवर्क को पूर्वोत्तर तक बढ़ाने का पुरजोर आग्रह किया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, रेल मंत्रालय ने इस मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए असम को राष्ट्रीय बुलेट ट्रेन ग्रिड से जोड़ना उचित पाया। X पर लिखा गया कि इस कॉरिडोर को पहले सिलीगुड़ी पर ही समाप्त होना था, लेकिन जुलाई में रेल मंत्री से मुलाकात और पत्राचार के बाद केंद्र ने असम के प्रस्ताव के महत्व को समझा और पूर्वोत्तर तक इसके विस्तार को हरी झंडी दे दी।

असम में नए उद्योगों और आजीविका के बढ़ेंगे अवसर

बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ने का प्रभाव केवल सफर आसान होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती देगा। असम इस समय उभरते हुए उच्च तकनीक उद्योगों और आधुनिक विनिर्माण में बड़े निवेश आकर्षित करने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राजधानी दिल्ली के साथ-साथ दो अन्य राज्यों की राजधानियों से तेज और सुगम संपर्क मिलने से व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। आधुनिक परिवहन सुविधा होने से देश-विदेश की कंपनियां असम में अपनी इकाइयां स्थापित करने को प्रेरित होंगी, जिसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को रोजगार और आजीविका के नए अवसरों के रूप में मिलेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कभी असम के लिए बुलेट ट्रेन की कल्पना करना भी असंभव लगता था, लेकिन अब यह सपना वास्तविक धरातल पर उतरने जा रहा है।

कई बड़े शहरों को जोड़ेगा नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

दूसरी ओर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह महत्वाकांक्षी रेल नेटवर्क देश के कई प्रमुख ऐतिहासिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्रों को एक सूत्र में पिरोएगा। योजना के मुताबिक, यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक विस्तृत यह रूट लाखों यात्रियों को अत्याधुनिक, सुरक्षित और तीव्र आवागमन का विकल्प प्रदान करेगा।
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सवाल-जवाब

दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के विस्तार की घोषणा किसने की?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के गुवाहाटी तक विस्तार को मंजूरी दे दी है।
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन से दिल्ली और गुवाहाटी के बीच कितना समय लगेगा?
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर आठ घंटे से भी कम रह जाएगा।
शुरुआती योजना में यह कॉरिडोर कहां तक बनने वाला था?
शुरुआती योजना में नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को केवल पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ही सीमित रखा गया था।
नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर कौन-कौन से प्रमुख शहर शामिल होंगे?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह रूट दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, पटना और गुवाहाटी को आपस में जोड़ेगा।
इस विस्तार के लिए असम सरकार ने केंद्र से कब संपर्क किया था?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जुलाई में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखित अनुरोध सौंपा था और व्यक्तिगत बैठक कर यह मांग उठाई थी।
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टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·अभी

अमेरिका में एम्ट्रैक से सफर करते हुए हमेशा सोचता था कि भारत में भी ऐसी तेज ट्रेनें कब आएंगी। गुवाहाटी तक बुलेट ट्रेन जाना वाकई गजब है!

Ravikash Gupta@ravikash·19 मिनट पहले

दिल्ली से गुवाहाटी का सफर सिर्फ आठ घंटे में! सोचकर ही अजीब लगता है कि जो रास्ता तय करने में पूरा एक दिन निकल जाता था, वह अब सुबह चढ़ो और शाम को पहुंच जाओ वाला हो जाएगा। पूर्वोत्तर के लिए सच में बड़ा बदलाव है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·18 मिनट पहले

रविकेश जी, सच में आठ घंटे तो फ्लाइट से भी कम लगते हैं जब एयरपोर्ट की चेकिंग का झंझट सोचो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 मिनट पहले

चौबीस घंटे का सफर अब आठ घंटे में सिमट जाएगा, ये वाकई कमाल का बदलाव होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·39 मिनट पहले

बिल्कुल सही कहा करण, चौबीस घंटे का सफर अगर आठ घंटे में होने लगे तो पूर्वोत्तर आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा।

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