उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से समाजवादी पार्टी के एक नेता का अमर्यादित भाषा में नारेबाजी करते हुए वीडियो सामने आया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। यह मामला भगतपुर टांडा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र से संभावित सपा प्रत्याशी इकबाल इंजीनियर से जुड़ा है। वे राजधानी दिल्ली में आयोजित विपक्षी गठबंधन की रैली में शिरकत करने के लिए समर्थकों के साथ रवाना हो रहे थे, तभी उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए नारे लगाने शुरू कर दिए।
सहयोगी विधायक ने बीच में टोका, पर साथ चल रहे लोग हंसते रहे
वायरल फुटेज के अनुसार, जब इकबाल इंजीनियर आपत्तिजनक बयानबाजी और नारेबाजी कर रहे थे, ठीक उसी समय उनके साथ कांठ विधानसभा सीट से सपा विधायक कमाल अख्तर भी चल रहे थे। विधायक कमाल अख्तर ने तुरंत हाथ उठाकर उन्हें टोकने का प्रयास किया और इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से साफ मना किया। हालांकि, विधायक के हस्तक्षेप के बावजूद आसपास मौजूद कई कार्यकर्ता और समर्थक इस हरकत पर हंसते हुए नजर आए। इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग अब विभिन्न मंचों पर तेजी से फैल रही है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने उठाए वोट कटने के सवाल
यह विवादित घटना उस समय सामने आई जब रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन की एक बड़ी सभा आयोजित की गई थी। मंच से जनसमूह को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। अपने भाषण में उन्होंने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी गठबंधन के मत प्रतिशत में महज 3 प्रतिशत का फासला दर्ज किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस चुनाव के बाद से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने और वोट काटने की रफ्तार काफी तेज कर दी गई है।
अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के भी तीखे तेवर
रामलीला मैदान के मंच पर गठबंधन के तमाम प्रमुख चेहरे एकजुट दिखाई दिए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला और कहा कि राज्य में स्वयं हिंदुओं के वोट काटे गए हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐसी राजनीतिक विदाई तय है जिसके बाद वह 2029 के आम चुनाव में भी वापसी नहीं कर पाएगी। उन्होंने सीधे तौर पर वोट चोरी के आरोप मढ़ते हुए कहा कि सत्ताधारी दल संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रहा है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बंगाल चुनाव को लेकर ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां भाजपा ने हेरफेर के जरिए जीत हासिल की, जिसका लोकतांत्रिक बदला लिया जाएगा।



















