भारत के एविएशन सेक्टर में जल्द ही एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार नई एयरलाइन शुरू करने के नियमों को आसान बनाने पर विचार कर रही है। इस नीतिगत बदलाव से अदाणी एयरपोर्ट्स और जीएमआर ग्रुप जैसी कंपनियों के लिए अपनी खुद की कमर्शियल एयरलाइन शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा, जो अब तक सिर्फ एयरपोर्ट्स का ही संचालन करती आई हैं।
एयरपोर्ट संचालक बनेंगे एयरलाइन मालिक
मौजूदा नियमों के तहत, एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनियों को एयरलाइन व्यवसाय में उतरने से रोका जाता है। लेकिन प्रस्तावित बदलावों के लागू होने पर यह रुकावट दूर हो जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि देश के बड़े एविएशन हब को संभालने वाले कॉरपोरेट घराने अब आसमान में भी अपने विमान उड़ा सकेंगे। यह कदम न सिर्फ कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि पायलटों, कर्मचारियों और हवाई यात्रा करने वाले आम यात्रियों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।
अदाणी का बढ़ता एविएशन साम्राज्य
अदाणी ग्रुप पहले से ही एविएशन सेक्टर में अपना दबदबा तेजी से बढ़ा रहा है। हाल ही में मुंद्रा एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हुई है, जिसे लेकर जीत अदाणी ने कहा था कि इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, बहुप्रतीक्षित नवी मुंबई एयरपोर्ट से भी रोजाना 25 उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है, जिससे यात्रियों का सफर काफी आसान हो गया है।
सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, गौतम अदाणी का फोकस अब हॉस्पिटैलिटी पर भी है। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने आईएचजी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के साथ एक अहम समझौता किया है, जो बताता है कि कंपनी हवाई यात्रा से लेकर ठहरने तक का पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रही है। ऐसे में अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करना इस रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा साबित हो सकता है।
इंडिगो और एयर इंडिया से सीधी टक्कर
अगर अदाणी ग्रुप को एयरलाइन शुरू करने की हरी झंडी मिलती है, तो भारतीय बाजार में एयर इंडिया और इंडिगो जैसी स्थापित कंपनियों को सीधी और कड़ी टक्कर मिलेगी। आसमान का राजा बनने की इस तैयारी से अदाणी ग्रुप अपने मौजूदा एयरपोर्ट नेटवर्क का फायदा उठाकर सस्ते और बेहतर विकल्प दे सकता है। यात्रियों के लिए इसका मतलब होगा ज्यादा उड़ानें, बेहतर सुविधाएं और टिकटों की कीमतों में भारी प्रतिस्पर्धा।

















