मुद्रा बाजार में इन दिनों ब्रिटिश पाउंड को लेकर विशेष चर्चाएं चल रही हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड की अत्यधिक सख्त नीतियों और अपेक्षाओं के चलते आने वाले समय में यूरो के मुकाबले पाउंड पर दबाव बढ़ सकता है और इसमें कमजोरी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद, हाल के सत्रों में पाउंड की चाल में कुछ स्थिरता नजर आई है।
जॉन हीली के भाषण और राजकोषीय अनुशासन का असर
ब्रिटेन के चांसलर जॉन हीली द्वारा दिए गए उनके पहले बड़े भाषण का पाउंड की स्थिति पर सकारात्मक असर देखने को मिला। इस भाषण के दौरान उन्होंने राजकोषीय अनुशासन पर कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि देश की आर्थिक नीतियों में संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उनके इस रुख से दीर्घकालिक गिल्ट यील्ड में होने वाली बढ़ोतरी को वैश्विक बॉंड बिकवाली के दायरे में ही सीमित रखने में मदद मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांसलर का यह कड़ा संदेश आगामी अक्टूबर के बजट से पहले बाजारों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से दिया गया था। आने वाले हफ्तों में बजट से जुड़ी कई तरह की खबरें और सुर्खियां सामने आ सकती हैं, ऐसे में बाजार में किसी भी तरह की घबराहट को रोकने के लिए यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
अक्टूबर बजट और बाजार की संवेदनशीलता
फिलहाल ब्रिटिश पाउंड में किसी भी तरह के राजकोषीय जोखिम प्रीमियम का आकलन नहीं किया गया है, जिसके कारण बाजार में चिंताएं उभरने की गुंजाइश बनी हुई है। यह देखना अभी बाकी है कि बजट से जुड़ी खबरें बाजार की परीक्षाओं पर कितनी खरी उतरती हैं और निवेशक इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।
इसके बावजूद, ब्रिटिश सरकार बाजार की इन बारीकियों और संवेदनशीलता को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आती है। बॉंड बाजार के साथ किसी भी तरह के गंभीर टकराव में पड़ने से बचने की कोशिश की जा रही है, खासकर इसलिए क्योंकि यील्ड में होने वाली तेज बढ़ोतरी सरकार के पास उपलब्ध किसी भी राजकोषीय गुंजाइश या हेडरूम को तुरंत समाप्त कर सकती है।
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अन्य हलचलें
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों की बात करें तो AUD/USD जोड़ी मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान 0.7200 के स्तर से ऊपर बनी हुई है, जो 14 मई के बाद से इसके सबसे ऊंचे स्तरों के करीब है। अमेरिकी डॉलर पर लगातार दबाव बना हुआ है, क्योंकि जापानी येन में आई तेजी फेडरल रिजर्व की सख्त उम्मीदों और भू-राजनीतिक तनावों से मिलने वाले समर्थन पर भारी पड़ रही है। इसके अलावा, इस महीने के अंत में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा एक और ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूत किया है, हालांकि चीन के मिश्रित व्यापार संतुलन के आंकड़ों ने इस जोड़े की बढ़त को कुछ हद तक सीमित रखा है।
दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी मंगलवार को यूरोपीय कारोबार के दौरान छह महीने के निचले स्तर 152.89 से उबरकर 154.00 के स्तर का पुनः परीक्षण कर रही है। हालांकि, जापान के मजबूत मजदूरी वृद्धि आंकड़ों और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के संशोधित आंकड़ों ने अगले हफ्ते बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदों को पक्का कर दिया है, जिससे जापानी येन लगातार मजबूत हो रहा है और इस जोड़ी की ऊपर की ओर बढ़ने की कोशिशें सीमित दिख रही हैं। इस बीच, अमेरिकी डॉलर की बिकवाली बिना थके जारी है।
सोना और तेल बाजार की स्थिति
यूरोपीय सत्र की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई है और यह अपने दैनिक दायरे के निचले स्तर की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, कमजोर अमेरिकी डॉलर के सहारे यह 4,400 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सख्त नीतियों की उम्मीदें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को समर्थन दे रही हैं, जिससे गैर-उपज वाली इस कीमती धातु की तेजी पर कुछ हद तक अंकुश लगा हुआ है।
दूसरी तरफ, तेल बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल बाजार से बिल्कुल अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और इसने intraday रिकॉर्ड बनाते हुए 102.00 डॉलर के आंकड़े को छू लिया है।



















