8 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को तगड़ा झटका लगा। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में लगातार बिकवाली के चलते सुबह से शुरू हुआ दबाव कारोबार बंद होने तक कम नहीं हुआ और दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारी हलकों में आज का दिन जोखिम भरे सेक्टरों से निकलकर सुरक्षित सेक्टरों की ओर पैसा शिफ्ट होने के तौर पर देखा गया।
सेंसेक्स-निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए
बीएसई का सेंसेक्स कारोबार खत्म होने तक 555.23 अंक गिरकर 75,577.58 के स्तर पर आ टिका। दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 144.05 अंक की कमजोरी के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ, यानी यह अपने अहम 23,650 के सपोर्ट लेवल से भी नीचे फिसल गया, जिसे लेकर कारोबारी पहले से सतर्क थे। बाजार में जोरदार बिकवाली के बावजूद कुल मिलाकर करीब 2025 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि 2174 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इसके अलावा 178 शेयरों की कीमतों में दिनभर कोई हलचल नहीं हुई, जिससे साफ है कि गिरावट पूरे बाजार में बराबर नहीं फैली बल्कि कुछ बड़े शेयरों में ज्यादा केंद्रित रही।
किन शेयरों ने डुबाया, किसने थामा बाजार
निफ्टी पर सबसे ज्यादा चोट प्राइवेट बैंकिंग शेयरों को लगी। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस 2.04% और आईसीआईसीआई बैंक 1.97% टूटकर सबसे बड़े लूजर बने। एक्सिस बैंक भी 1.67% फिसला, जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.49%, लार्सन एंड टुब्रो में 1.32%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.11%, एचडीएफसी बैंक में 1.06%, मारुति सुजुकी में 0.93% और टाटा स्टील में 0.79% की गिरावट दर्ज हुई।
इस मंदी के माहौल में भी कुछ शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) का शेयर 1.62% चढ़कर 410.55 रुपये पर बंद हुआ और दिन का सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.02%, आइशर मोटर्स में 0.98%, ओएनजीसी में 0.98%, अडानी पोर्ट्स में 0.93% और अपोलो हॉस्पिटल्स में 0.88% तक की तेजी दर्ज हुई।
सेक्टर के आंकड़ों में कहां दबाव, कहां मजबूती
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा नुकसान निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स को हुआ, जो 1% टूटा। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.67% की कमजोरी रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स 0.5% और आईटी इंडेक्स 0.37% के नुकसान के साथ बंद हुए। हालांकि डिफेंसिव सेक्टरों ने बाजार को और गिरने से रोक लिया। मीडिया इंडेक्स 1.3%, फार्मा इंडेक्स 0.7% और एफएमसीजी इंडेक्स 0.35% की मजबूती के साथ बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट में भी राहत रही, क्योंकि निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों हल्की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
कुल मिलाकर बैंकिंग और आईटी शेयरों में हुई भारी बिकवाली गंभीर रही, लेकिन डिफेंसिव सेक्टरों और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों की मजबूती ने सेंसेक्स-निफ्टी की गिरावट को कुछ हद तक थाम लिया, जिससे बाजार पूरी तरह बिखरने से बच गया।



















