जुलाई महीने के आखिर से मैक्सिकन पेसो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त वापसी की है। USD/MXN एक्सचेंज रेट, जो हफ्तों से 17 के ऊपर टिका था, अब फिर से इस अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया है। यह मजबूती एक कमजोर डॉलर और मेक्सिको की अपनी अर्थव्यवस्था में सुधार, दोनों की मिली-जुली वजह से आई है।
प्रमुख करेंसी में सबसे मजबूत प्रदर्शन
कॉमर्जबैंक के रणनीतिकार माइकल फ़िस्टर बताते हैं कि यह तेजी जुलाई के अंत से बन रही है और इसने पेसो को हाल के हफ्तों की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रमुख करेंसी बना दिया है। फ़िस्टर के शब्दों में, \"Since the end of July, the Mexican peso has strengthened significantly against the US dollar, with USD/MXN now trading below 17 once again.\" उनका कहना है कि इसमें कुछ हिस्सा वैश्विक स्तर पर कमजोर होते डॉलर का है, लेकिन दो ऐसी वजहें भी हैं जो सीधे मेक्सिको से जुड़ी हैं और जिन्होंने इस मजबूती में बड़ी भूमिका निभाई है।
ईरान संघर्ष के बावजूद मजबूत ग्रोथ
पहली वजह है घरेलू आर्थिक रफ्तार। फ़िस्टर के मुताबिक मेक्सिको की असली अर्थव्यवस्था एक बार फिर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है, भले ही ईरान में जारी संघर्ष वैश्विक बाजारों के माहौल पर दबाव बना रहा हो। किसी करेंसी के लिए बेहतर ग्रोथ आंकड़ों का मतलब होता है कि निवेशकों को भरोसा मिलता है कि अर्थव्यवस्था बेहतर रिटर्न और कम जोखिम दे सकती है, जिससे पेसो में लगे निवेश की तरफ पूंजी खिंचती है। ईरान संघर्ष की वजह से जब कई उभरते बाजारों की करेंसी दबाव में हैं, ऐसे माहौल में मेक्सिको का यह प्रदर्शन और भी अलग दिखता है।
अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता बिना रुकावट
दूसरी वजह व्यापार कूटनीति है। USMCA, यानी अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के बीच का व्यापार समझौता, को लेकर बातचीत चल रही है और फ़िस्टर के मुताबिक यह अब तक बिना किसी बड़ी अड़चन के आगे बढ़ी है। उन्होंने इसकी तुलना अमेरिका और कनाडा के बीच चल रही बातचीत से की, जिसमें कहीं ज्यादा दिक्कतें सामने आई हैं। मेक्सिको जैसी व्यापार पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए इन वार्ताओं का लहजा बहुत मायने रखता है। बातचीत जितनी सुचारू रहेगी, अमेरिका को होने वाले निर्यात में टैरिफ या दूसरी रुकावटों का खतरा उतना ही कम रहेगा, और यह घटी हुई अनिश्चितता पेसो को सहारा देती है।
महंगाई में नरमी और बैंक्सिको का ठहराव
महंगाई के मोर्चे पर फ़िस्टर बताते हैं कि महीने-दर-महीने कोर महंगाई धीरे-धीरे केंद्रीय बैंक के लक्ष्य दायरे के बीच की ओर बढ़ रही है, यानी कीमतों का दबाव अचानक नहीं बल्कि नियंत्रित तरीके से कम हो रहा है। साथ ही मेक्सिको के केंद्रीय बैंक, बैंक्सिको ने अपनी ब्याज दरों में कटौती के सिलसिले पर फिलहाल रोक लगा दी है। जब महंगाई कम हो रही हो और नीतिगत दर स्थिर रखी जाए, तो इसका सीधा असर रियल इंटरेस्ट रेट, यानी महंगाई घटाने के बाद निवेशकों को मिलने वाले असली रिटर्न, पर पड़ता है और यह ऊंचा बना रहता है। ऊंचा रियल इंटरेस्ट रेट पेसो में निवेश को यील्ड की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाता है, जिससे करेंसी की मौजूदा मजबूती को बल मिलता है।
डॉलर की व्यापक कमजोरी की भी भूमिका
पेसो की यह मजबूती सिर्फ मेक्सिको की कहानी नहीं है। डॉलर पूरी दुनिया की करेंसी के मुकाबले कमजोर हुआ है, और इसका फायदा कई उभरते बाजारों की करेंसी को मिला है। लेकिन इस पूरे समूह में भी पेसो का प्रदर्शन अलग से दिखता है, क्योंकि इसके पीछे सिर्फ डॉलर की कमजोरी नहीं बल्कि मेक्सिको की अपनी ग्रोथ, व्यापार वार्ता और महंगाई से जुड़े ठोस कारण भी हैं।
आगे क्या
मजबूत ग्रोथ, शांत व्यापार वार्ता और दरों में और कटौती की जल्दबाजी न दिखाने वाला केंद्रीय बैंक, इन तीनों ने मिलकर पेसो को फिलहाल एक मजबूत जमीन दी है, भले ही ईरान संघर्ष जैसे वैश्विक जोखिम अब भी बने हुए हों। USD/MXN आगे 17 के स्तर से नीचे टिका रहेगा या नहीं, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि USMCA वार्ता किस दिशा में बढ़ती है और मेक्सिको की ग्रोथ व महंगाई का रुझान आगे भी इसी तरह बना रहता है या नहीं।



















