घरेलू शेयर बाजारों में अपनी शुरुआत करने जा रही डिजिटल और टेलीकॉम दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स को लेकर निवेशकों और विश्लेषकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और BSE पर सूचीबद्ध होने जा रहे हैं। बाजार में दस्तक देने से ठीक पहले वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कंपनी के शेयरों पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए 'Buy' (खरीदारी) की सलाह दी है। इसके साथ ही ब्रोकरेज ने प्रति शेयर 1,340 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो कंपनी के आगामी कारोबारी प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
ग्रे मार्केट से 22 फीसदी से अधिक प्रीमियम के संकेत
दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडिंग की आधिकारिक शुरुआत से पहले अनऑफिशियल मार्केट यानी ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों की जोरदार मांग देखी गई। 28 अक्टूबर की सुबह 9:02 बजे तक जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 248 रुपये दर्ज किया गया। कंपनी के आईपीओ का अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। इस आधार पर ग्रे मार्केट के संकेतों को जोड़कर देखें तो अनुमानित लिस्टिंग भाव 1,367 रुपये के करीब निकलकर आता है। यह आंकड़ा आईपीओ के इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 22.16 प्रतिशत का संभावित लिस्टिंग गेन दर्शाता है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू होने के बाद वास्तविक ओपनिंग प्राइस केवल एक्सचेंज पर खरीदारों और बिकवालों की मांग और आपूर्ति के संतुलन पर ही निर्भर करेगा।
आईपीओ के आंकड़े और जरूरी वित्तीय ब्योरा
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने इस विशाल पब्लिक ऑफरिंग के जरिए कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस पूरे निर्गम में कंपनी ने 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया था, जिसके बाद अंतिम इश्यू प्राइस 1,119 रुपये पर तय किया गया। यह निर्गम 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और 23 अक्टूबर, 2026 को बंद हुआ। शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया लिस्टिंग से पूर्व 26 अक्टूबर को पूरी करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। खुदरा निवेशकों के लिए 12 शेयरों का एक लॉट तय किया गया था, जिसका अर्थ है कि अपर प्राइस बैंड के हिसाब से आवेदन करने वाले निवेशकों को प्रति लॉट न्यूनतम 13,428 रुपये का निवेश करना पड़ा। अब 28 अक्टूबर को दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर कंपनी का कारोबार शुरू हो रहा है।
नोमुरा की रिपोर्ट और भविष्य की विकास रणनीति
वैश्विक वित्तीय संस्था नोमुरा ने अपनी विस्तृत शोध रिपोर्ट में जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबारी मॉडल में आ रहे रणनीतिक बदलावों को रेखांकित किया है। ब्रोकरेज ने बताया कि कंपनी अब केवल ग्राहकों की संख्या बढ़ाने की होड़ से आगे निकलकर बेहतर मुद्रीकरण और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रही है। संस्था का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के दौरान जियो के एबिटा (EBITDA) में 13.5 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की जाएगी। यह निरंतर कैश फ्लो और संचालन क्षमता में सुधार का संकेत है।
होम ब्रॉडबैंड और 5G निवेश का असर
ब्रोकरेज हाउस ने अपनी रिपोर्ट में होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट को कंपनी की वृद्धि का दूसरा सबसे बड़ा इंजन बताया है। कंपनी द्वारा 5G नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में किए गए बड़े पैमाने के पूंजीगत खर्च (Capex) का दौर अब धीरे-धीरे अपने चरम से नीचे आ रहा है। जैसे-जैसे इस बुनियादी ढांचे पर पूंजीगत व्यय में कमी आएगी, जियो के फ्री कैश फ्लो में आने वाले वर्षों के दौरान उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। दूरसंचार बुनियादी ढांचे की स्थापना के बाद डिजिटल सेवाओं, इंटरनेट पहुंच और ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार से मिलने वाला राजस्व कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को पूंजीगत लाभ मिलने की उम्मीद है।



















