मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) बुधवार, 28 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में औपचारिक तौर पर सूचीबद्ध होने के लिए तैयार है। कंपनी ने 1119 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की प्रक्रिया पूरी की है। 10.3 लाख करोड़ रुपये के विशाल मूल्यांकन पर यह सार्वजनिक निर्गम देश के इतिहास के सबसे सफल आईपीओ में शामिल हो गया है। बुधवार, 28 अक्टूबर को कंपनी के शेयर दोनों प्रमुख एक्सचेंजों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे।
मूल्यांकन के आधार पर देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी
पब्लिक इश्यू के आधार पर तय हुए 10.3 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन ने जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड को बाजार पूंजीकरण के पैमाने पर देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी की पायदान पर स्थापित कर दिया है। इस सूची में शीर्ष पर पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.2 लाख करोड़ रुपये के साथ काबिज है, जबकि दूसरे स्थान पर भारती एयरटेल 12.2 लाख करोड़ रुपये और तीसरे स्थान पर एचडीएफसी बैंक 10.6 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ मौजूद हैं। घरेलू पूंजी बाजार में यह पहली बार हुआ है जब किसी कंपनी ने 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर अपना आईपीओ पेश किया हो।
लिस्टिंग पर 20 फीसदी प्रीमियम मिलने के आसार
ग्रे मार्केट प्रीमियम और बोली लगाने वालों की भारी मांग के आधार पर विश्लेषकों का मानना है कि शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस के मुकाबले प्रीमियम पर हो सकती है। यदि कंपनी के शेयर निर्गम मूल्य से 20 प्रतिशत प्रीमियम यानी 1340 रुपये प्रति शेयर पर सूचीबद्ध होते हैं, तो कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 12.3 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। इस मूल्य स्तर पर शुरुआत करते ही जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड सीधे भारती एयरटेल को पीछे छोड़कर देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी के पायदान पर आ जाएगी।
रिलायंस ग्रुप 30 लाख करोड़ के करीब
जियो प्लेटफॉर्म्स की सूचीबद्धता मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले समूह को कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे ऊंचे शिखर पर ले जा रही है। केवल निर्गम मूल्यांकन के आधार पर भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के 16.2 लाख करोड़ रुपये और जियो प्लेटफॉर्म्स के 10.3 लाख करोड़ रुपये को मिलाकर समूह का कुल मूल्यांकन 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। यदि 20 प्रतिशत का अनुमानित प्रीमियम लिस्टिंग पर हासिल होता है, तो पूरे समूह का बाजार पूंजीकरण 30 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंच जाएगा, जो भारतीय कॉरपोरेट जगत में अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त मूल्यांकन होगा।



















