घरेलू सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी तेज उछाल के बाद अब कीमती धातुओं के दामों में नरमी का रुख देखने को मिल रहा है। 21 सितंबर को स्थानीय खरीदारों और निवेशकों की ओर से खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पिछले कारोबारी हफ्ते के दौरान 24 कैरेट सोने के भाव में प्रति 100 ग्राम 30,000 रुपये की भारी बढ़त दर्ज की गई थी। इस तेज उछाल के बाद बाजार में सीमित सुधार देखने को मिला है, जिससे खरीदारी करने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत बनी है। वर्तमान में सोने के दाम जनवरी 2026 में बने अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर से प्रति 10 ग्राम 23,170 रुपये नीचे आ चुके हैं।
वायदा बाजार में कीमती धातुओं का कारोबार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोने और चांदी के अनुबंधों में बिकवाली का दबाव देखा गया। 5 अक्टूबर को परिपक्व होने वाले सोने के वायदा अनुबंध 0.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,53,296 रुपये के स्तर पर कारोबार करते पाए गए। इसी प्रकार 4 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाले चांदी के वायदा सौदों में 0.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह अनुबंध 21 सितंबर को 2,39,555 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। वायदा कारोबार में आई यह नरमी सीधे तौर पर हाजिर बाजार में मांग घटने और मुनाफावसूली हावी होने की ओर संकेत करती है।
तकनीकी स्तर और आगामी रुझान पर रिपोर्ट
आईसीआईसीआई कमोडिटी रिपोर्ट के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, MCX पर अक्टूबर माह का सोना जब तक 1,52,000 रुपये के स्तर से ऊपर बना रहता है, तब तक इसके 1,56,500 रुपये तक बढ़ने की संभावना बनी हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यदि भाव 1,56,500 रुपये के आंकड़े को पार कर जाते हैं, तो अगला लक्ष्य 1,58,000 रुपये का स्तर हो सकता है। दूसरी तरफ दिसंबर अनुबंध वाली MCX चांदी को लेकर अनुमान लगाया गया है कि जब तक यह धातु 2,38,000 रुपये के ऊपर टिकती है, तब तक भाव 2,45,000 रुपये से लेकर 2,46,000 रुपये तक पहुंच सकते हैं। इन प्रमुख समर्थन और प्रतिरोध स्तरों पर बाजार विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।
दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की स्थिति
भौतिक बाजार की बात करें तो दक्षिण भारत के महानगरों में मिलाजुला असर दर्ज किया गया। चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें स्थिर बनी रहीं, जबकि बेंगलुरु के स्थानीय बाजार में चांदी के भाव में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद बेंगलुरु में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत घटकर 2,50,000 रुपये के स्तर पर आ गई। वहीं 100 ग्राम चांदी की दर 25,000 रुपये दर्ज की गई। चेन्नई और हैदराबाद में स्थिरता के मुकाबले बेंगलुरु में आई यह कमजोरी स्थानीय स्तर पर औद्योगिक और आभूषण मांग में आए अंतर को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिसले दाम
ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक हाजिर बाजार में भी कीमती धातुओं में सुस्ती दर्ज की गई। हाजिर सोना 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,353.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह हाजिर चांदी के दाम 0.36 प्रतिशत गिरकर 65.9 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किए गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट ने घरेलू बाजार पर भी सीधा असर डाला है, जिसके कारण वायदा और हाजिर दोनों खंडों में कीमतों में ठहराव और कमजोरी का माहौल बना हुआ है।



















