केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए त्योहारी सीजन से पहले महंगाई भत्ते यानी डीए में बढ़ोतरी का रास्ता साफ होता दिख रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने यह मांग रखी है कि इस बार डीए और महंगाई राहत के ऐलान के साथ-साथ इसका भुगतान भी त्योहारों के शुरू होने से पहले ही कर दिया जाए, ताकि कर्मियों को समय पर आर्थिक लाभ मिल सके।
चार प्रतिशत तक हो सकती है वृद्धि
मौजूदा समय में कर्मचारियों को उनकी मूल वेतन का साठ प्रतिशत डीए मिल रहा है। श्रमिक संगठनों और जानकारों का अनुमान है कि इस बार सरकार महंगाई भत्ते में तीन से चार प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है। यदि यह वृद्धि चार प्रतिशत तक होती है, तो कुल महंगाई भत्ता बढ़कर चौंसठ प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जिससे कर्मचारियों की मासिक आय में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
वित्त मंत्रालय को भेजा गया पत्र
इस सिलसिले में केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और कामगार संघ की ओर से वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में स्पष्ट रूप से आग्रह किया गया है कि एक जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले डीए और डीआर की फाइल पर प्रशासनिक प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू की जानी चाहिए। संघ का कहना है कि समय पर फॉर्मूला तय होने से फाइल सक्षम प्राधिकारी तक जल्दी पहुंचेगी।
महंगाई भत्ते का पिछला सफर
बीते कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2026 में संशोधन के बाद डीए साठ प्रतिशत के आंकड़े को छू गया था। यदि पिछले तीन वर्षों का आकलन किया जाए, तो इस अवधि के दौरान महंगाई भत्ते में कुल अट्ठारह प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई 2023 में इसे चार प्रतिशत बढ़ाकर पचास प्रतिशत किया गया था, जिसके बाद जुलाई 2024 में यह तरेपन प्रतिशत हो गया। इसके बाद जनवरी 2025 में यह बढ़कर पचपन प्रतिशत और जुलाई 2025 में अठावन प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया था।
















