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खगड़िया से पूर्णिया तक फोर-लेन हाईवे को हरी झंडी, बिहार के केला और मखाना किसानों की राह होगी आसानव्यापार
21 घंटे पहले· 1

खगड़िया से पूर्णिया तक फोर-लेन हाईवे को हरी झंडी, बिहार के केला और मखाना किसानों की राह होगी आसान

केंद्र सरकार ने बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया हिस्से को टू-लेन से फोर-लेन बनाने को मंजूरी दे दी है, जिस पर करीब 3936 करोड़ रुपये खर्च होंगे और किसानों की फसल अब जल्दी मंडी तक पहुंच सकेगी।

बिहार के केला और मखाना उगाने वाले किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3936 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क चौड़ी होने का सबसे ज्यादा फायदा खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया के किसानों को मिलने वाला है, क्योंकि इन्हीं इलाकों में मखाना और केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है। यहां से यह उपज सिर्फ बिहार में ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों तक भेजी जाती है।

अब रास्ते में नहीं सड़ेगी फसल

अब तक सबसे बड़ी दिक्कत यही थी कि सड़कें तंग और टूटी होने के कारण फसल कई बार मंडी तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती थी। इसका सीधा नुकसान किसानों की जेब पर पड़ता था। सबसे ज्यादा परेशानी खगड़िया के केला किसानों को झेलनी पड़ती थी, क्योंकि केला ऐसा फल है जो बहुत तेजी से खराब होता है और इसके लिए एक-एक घंटे की देरी भारी पड़ती है। चार लेन की सड़क बन जाने के बाद यह सफर 3 से 4 घंटे की जगह घटकर सिर्फ डेढ़ से दो घंटे का रह जाएगा। तेज ढुलाई का मतलब है कि केला और मखाना जल्दी बाजार पहुंचेगा और किसानों को उनकी फसल की बेहतर कीमत मिल पाएगी।

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बाढ़ में भी नहीं टूटेगा संपर्क

इस इलाके की एक और बड़ी मुसीबत हर साल आने वाली बाढ़ है। कोसी और गंगा नदी के उफान पर आने से यहां की सड़कें पानी में डूब जाती हैं और आवाजाही ठप हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई सड़क पर मजबूत ढांचा और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा, ताकि बाढ़ के दिनों में भी रास्ता चालू रहे। यानी अब बारिश और बाढ़ भी किसानों की फसल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने से नहीं रोक पाएगी।

पड़ोसी राज्यों तक आसान पहुंच

इस हाईवे के नए रूप में तैयार होने के बाद सीमांचल से पटना की दूरी तो कम होगी ही, साथ ही पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों तक आना-जाना भी सरल हो जाएगा। घुमावदार और खराब मोड़, तंग बॉटलनेक और घनी आबादी वाले शहरी तथा अर्ध-शहरी इलाकों में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।

बिहार को मिलेगा नया इकोनॉमिक कॉरिडोर

यह सड़क कुल पांच आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगी, जिनमें एक टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क और दो फिशिंग व सीफूड पार्क शामिल हैं। इसके अलावा चार बड़े रेलवे स्टेशन, एक हवाई अड्डा, चार नेशनल हाईवे और दो राज्यों को मिलाकर कुल 11 लॉजिस्टिक्स केंद्र एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। इस तरह बिहार को जल्द ही एक बड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर मिलने जा रहा है, जो खेती से लेकर उद्योग तक को नई रफ्तार देगा।

सवाल-जवाब

कैबिनेट ने किस सड़क को फोर-लेन बनाने की मंजूरी दी है?
बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की मंजूरी दी गई है।
इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च आएगा?
इस प्रोजेक्ट पर करीब 3936 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसका सबसे ज्यादा फायदा किन जिलों को होगा?
खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, जहां मखाना और केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
सफर का समय कितना घटेगा?
यह सफर अभी के 3 से 4 घंटे की जगह घटकर सिर्फ डेढ़ से दो घंटे का रह जाएगा।
बाढ़ की समस्या से कैसे निपटा जाएगा?
नई सड़क पर मजबूत ढांचा और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा, ताकि कोसी और गंगा की बाढ़ के दौरान भी रास्ता चालू रहे।
यह हाईवे कितने आर्थिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को जोड़ेगा?
यह पांच आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा और कुल मिलाकर 11 लॉजिस्टिक्स केंद्र आपस में जुड़ जाएंगे।
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