मशहूर क्रिप्टो इन्फ्लुएंसर का नकली चेहरा बनाकर निवेशकों को लूटने वाले न्यूयॉर्क के एक शख्स को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी। 39 साल के नोमन सलीम को वायर फ्रॉड के एक मामले में 15 महीने की जेल और उसके बाद तीन साल की निगरानी में रिहाई की सजा सुनाई गई है। यह सजा अमेरिकी जिला जज डेबोरा के. चासानो ने सुनाई। मैरीलैंड जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
नोमन सलीम क्वींस और लेविटटाउन का रहने वाला है। उसने ठगी का यह पूरा खेल इंटरनेट पर लोकप्रिय क्रिप्टो इन्फ्लुएंसर की नकल करके खेला और निवेशकों का भरोसा जीतकर उन्हें अपने जाल में फंसाया।
कैसे रची गई ठगी की पूरी साजिश
यह सिलसिला दिसंबर 2020 में शुरू हुआ। सलीम ने ऑनलाइन दुनिया के दो जाने-माने क्रिप्टो इन्फ्लुएंसर के नाम और पहचान की हूबहू नकल करते हुए टेलीग्राम पर हैंडल बना लिए। देखते ही देखते उसके एक पब्लिक चैनल से हजारों फॉलोअर जुड़ गए। लोगों को लगा कि वे असली इन्फ्लुएंसर से ही जुड़े हुए हैं।
इसके बाद उसने एक खास वीआईपी चैनल का लालच दिया। इस वीआईपी चैनल तक पहुंचने के लिए वह लगभग 500 से 600 डॉलर तक की क्रिप्टो वसूलता था। यहां सदस्य सीधे उससे बात कर सकते थे और उन्हें भरोसा था कि वे असली इन्फ्लुएंसर से ही बातचीत कर रहे हैं।
स्टेकिंग के नाम पर झूठा मुनाफे का जाल
इसी वीआईपी चैनल पर सलीम ने 30 से 90 दिनों की अवधि वाले स्टेकिंग रिवॉर्ड का झांसा देना शुरू किया। वह निवेशकों से कहता था कि जितना ज्यादा पैसा लगाओगे, उतनी ही ज्यादा कमाई होगी। हकीकत में उसने कभी कुछ स्टेक किया ही नहीं। क्रिप्टो स्टेकिंग में आमतौर पर टोकन को लॉक करके किसी ब्लॉकचेन को सुरक्षित रखने में मदद की जाती है और बदले में मुनाफा मिलता है, जो आमतौर पर 5% से 20% के बीच होता है।
भरोसा जीतने के बाद उसने निवेशकों को मनाया कि वे अपनी क्रिप्टो उन वॉलेट में भेज दें जिन पर उसका नियंत्रण था। जैसे ही पैसा हाथ आता, वह संपर्क काटकर गायब हो जाता था।
14 लाख डॉलर की कमाई, एक पीड़ित मैरीलैंड से
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, सलीम ने कुल मिलाकर कम से कम 14 लाख डॉलर की क्रिप्टो और नकदी अपने पास जमा कर ली, जिसमें मैरीलैंड का एक पीड़ित भी शामिल था। पिछले सितंबर में उसके गुनाह कबूल करने के बाद सरकार ने इसमें से काफी रकम वापस हासिल कर ली। इस मामले की जांच FBI के बाल्टीमोर फील्ड ऑफिस ने की।
यह अमेरिका में क्रिप्टो की शब्दावली की आड़ में होने वाली ठगी के खिलाफ हुई ताजा कार्रवाई है, जहां ठग भरोसेमंद चेहरों के नाम और पैसिव इनकम के लालच का सहारा लेकर निवेशकों को उनके सिक्कों से अलग कर देते हैं।













