पिछले काफी समय से क्रिप्टो बाजार में सबसे तेज बहस यही रही है कि बिटकॉइन अब अपने तेजी और मंदी वाले पुराने ढर्रे से बाहर निकल चुका है। क्रिप्टो निवेश फर्म और ETF जारी करने वाली कंपनी 21शेयर्स भी इसी खेमे में खड़ी थी और बीते साल के आखिर में उसने निवेशकों से कहा था कि 2026 वह साल हो सकता है जब बिटकॉइन का चर्चित चार साल वाला साइकिल खत्म हो जाएगा। लेकिन अब, जब बिटकॉइन इस महीने दूसरी बार $60,000 के नीचे फिसल गया है, फर्म अपनी इस भविष्यवाणी से पीछे हट गई है।
अपनी ताजा 'स्टेट ऑफ द मार्केट' रिपोर्ट में फर्म ने लिखा, '2026 में कदम रखते वक्त हमें लगा था कि बिटकॉइन का चार साल वाला साइकिल अब पूरा हो चुका है। छह महीने बाद हमें ईमानदारी से मानना होगा कि कीमतों की चाल अब भी जानी पहचानी लग रही है।'
पैटर्न टूटा नहीं, बस मुड़ा है
यह चार साल वाला साइकिल एक पुराना ट्रेडिंग पैटर्न है, जिसमें बिटकॉइन की माइनिंग रिवॉर्ड के हर चार साल पर होने वाले हाफिंग के बाद कीमत पहले शिखर पर पहुंचती है और फिर तली तक गिरती है। फर्म का कहना है कि भले ही यह पैटर्न पूरी तरह टूटा न हो, बाजार का ढांचा जरूर बदल गया है और इस लिहाज से उसकी 'थीसिस पूरी तरह गलत भी नहीं है।'
21शेयर्स ने आगे लिखा, 'बाजार का स्ट्रक्चर साफ तौर पर बदला है। ETF का मालिकाना हक तेजी से संस्थागत निवेशकों के हाथ जा रहा है और मौजूदा करीब 50% की गिरावट पिछले साइकिलों के 80% से ज्यादा वाले मंदी बाजारों के मुकाबले कहीं हल्की है।'
बिटकॉइन कितना नीचे आया
फिलहाल बिटकॉइन अपने सर्वकालिक उच्च स्तर $126,080 से 52% गिर चुका है और बुधवार को यह $59,781 के आसपास कारोबार कर रहा था। ग्लासनोड के आंकड़ों के मुताबिक इस स्तर पर भी यह अपने $54,000 के ऑन-चेन कॉस्ट बेसिस से ऊपर टिका हुआ है, जो इशारा करता है कि बाजार पूरी तरह घबराहट भरी बिकवाली यानी आउटराइट कैपिचुलेशन में नहीं फिसला है। बिटकॉइन के $60,000 की ओर लुढ़कने के बीच स्ट्रैटेजी के शेयर भी टूटकर $100 के नीचे आ गए।
ETF में नहीं आया उम्मीद वाला पैसा
बिटकॉइन ETF ने साइकिल की चाल को थामने में मदद जरूर की है, लेकिन इनमें वह निवेश नहीं आया जिसकी उम्मीद फर्म ने इस साल की थी। साइकिल टूटने की भविष्यवाणी के अलावा फर्म ने यह भी अंदाजा लगाया था कि इस साल क्रिप्टो ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट 400 बिलियन डॉलर की ओर बढ़ेगा। लेकिन छह महीने के कारोबार के बाद हालत यह है कि इस साल क्रिप्टो ETF में जितना पैसा आया उससे ज्यादा बाहर निकल गया, जिसने बिटकॉइन और एथेरियम दोनों को सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे खींचा।
कॉइनग्लास के आंकड़े बताते हैं कि पिछली तिमाही में क्रिप्टो ETF से करीब 3 बिलियन डॉलर निकल गए, और साल की शुरुआत से अब तक क्रिप्टो ETF कुल मिलाकर करीब 5 बिलियन डॉलर घट चुके हैं।
कौन सी भविष्यवाणियां चूकीं, कौन सी निशाने पर
फर्म की कई और बड़ी भविष्यवाणियां भी कमजोर पड़ गईं। इनमें स्टेबलकॉइन मार्केट कैप के 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने, डेफाई में कुल लॉक वैल्यू (TVL) के 300 बिलियन डॉलर होने और क्रिप्टो ट्रेजरी कंपनियों (DATs) के 250 बिलियन डॉलर एसेट अंडर मैनेजमेंट तक पहुंचने का अनुमान शामिल था। इन तीनों को रेगुलेटरी अनिश्चितता, डेफाई में लगातार हो रहे एक्सप्लॉइट और गिरती क्रिप्टो कीमतों ने पीछे धकेल दिया।
हालांकि एक भविष्यवाणी अब भी रफ्तार में है। फर्म को भरोसा था कि इस साल प्रिडिक्शन मार्केट का ट्रेडिंग वॉल्यूम 100 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगा। पॉलीमार्केट और कैल्शी की अगुवाई में यह लक्ष्य आसान पहुंच में दिख रहा है, क्योंकि आंकड़ों के मुताबिक मई के आखिर तक प्रिडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म 57.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा का वॉल्यूम कर चुके थे, जो इस आंकड़े को पार करने की जरूरी रफ्तार से कहीं आगे है।













