उभरते बाजारों पर नजर रखने वाले सोसाइटी जेनरल के रणनीतिकारों का मानना है कि ब्राजील के केंद्रीय बैंक (बैंको सेंट्रल डो ब्राजील) की हालिया बैठक के ब्योरे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि देश में ब्याज दर घटाने का सिलसिला लगातार नहीं, बल्कि बीच-बीच में ठहराव के साथ आगे बढ़ेगा। इस पूरी कवायद का मकसद 1Q28 यानी 2028 की पहली तिमाही तक महंगाई को 3% के लक्ष्य तक वापस लाना है। ठीक इसी माहौल में डॉलर के मुकाबले ब्राजीली रियल (USD/BRL) अपने 200-दिन के मूविंग एवरेज 5.25 के बेहद करीब पहुंच गया है।
रुक-रुक कर कटौती की रणनीति
सोसाइटी जेनरल के विश्लेषकों के अनुसार, बैठक के ब्योरे उनके इस आकलन से मेल खाते हैं कि नरमी का यह दौर एकतरफा नहीं रहेगा। बीच-बीच में दरों को थामकर नीति-निर्माता यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि महंगाई धीरे-धीरे और टिकाऊ तरीके से 3% के दायरे में लौटे। यही वजह है कि बाजार को एक सीधी और तेज कटौती के बजाय संतुलित और मापी-तुली राह की उम्मीद रखनी चाहिए।
बाजार की अपेक्षाओं के करीब चलने की मंशा
रणनीतिकारों का कहना है कि नीति-निर्माता ऐसी राह पर चलना पसंद कर रहे हैं जो बाजार और विश्लेषकों के अनुमानों के ज्यादा करीब हो। इसके पीछे सोच साफ है, ताकि वित्तीय और व्यापक आर्थिक स्तर पर उतार-चढ़ाव को सीमित रखा जा सके। यानी केंद्रीय बैंक चौंकाने वाले कदमों से बचते हुए अनुमान के मुताबिक चलना चाहता है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता न बढ़े।
आगे की तस्वीर पर तिमाही रिपोर्ट से मिलेगी स्पष्टता
विश्लेषकों के मुताबिक नीति की आगे की दिशा को लेकर तस्वीर अगले दिन आने वाली तिमाही महंगाई रिपोर्ट से और साफ होगी। यही रिपोर्ट यह संकेत देगी कि आने वाले महीनों में दरों को लेकर रुख कैसा रहेगा और 3% के लक्ष्य तक पहुंचने की समयसीमा कितनी यथार्थवादी है।
डॉलर की मजबूती और तकनीकी स्तर
USD/BRL के 200-दिन के मूविंग एवरेज 5.25 के नजदीक पहुंचने के पीछे डॉलर की मौजूदा ताकत भी एक बड़ी वजह है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक डॉलर इंडेक्स (DXY) 101.59 पर है, जो पिछले बंद स्तर से 0.18% ऊपर है और 52-हफ्ते के दायरे की ऊपरी सीमा के पास कारोबार कर रहा है। तकनीकी संकेतक भी मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं, इंडेक्स का RSI 77 पर है जो ओवरबॉट क्षेत्र में है, EMA50 का EMA200 के ऊपर रहना (गोल्डन क्रॉस) दीर्घकालिक तेजी को दर्शाता है, और कीमत बॉलिंगर बैंड की ऊपरी रेखा से भी बाहर निकल चुकी है। मजबूत डॉलर आमतौर पर उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बनाता है, और ब्राजीली रियल भी इससे अछूता नहीं है।
कुल मिलाकर, ब्राजील की सोच-समझकर चलने वाली ब्याज दर नीति और दूसरी तरफ डॉलर की मजबूती, दोनों मिलकर रियल को एक अहम तकनीकी मोड़ पर ले आए हैं। आने वाली तिमाही रिपोर्ट और 200-दिन के मूविंग एवरेज के पास का यह स्तर तय करेंगे कि मुद्रा की अगली चाल किस दिशा में होगी।













