क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक युग का अंत होने जा रहा है। डिजिटल एसेट्स की ट्रेडिंग का तरीका पूरी तरह से बदलने वाले सबसे पुराने डेरिवेटिव्स प्लेटफॉर्म बिटमेक्स ने हमेशा के लिए अपना कारोबार बंद करने का ऐलान किया है। एक्सचेंज की मूल कंपनी, एचडीआर ग्लोबल ट्रेडिंग लिमिटेड ने गुरुवार को घोषणा की कि 23 सितंबर 2026 को सुबह 04:00 बजे (UTC) से प्लेटफॉर्म की सभी सेवाएं आधिकारिक तौर पर रोक दी जाएंगी। कंपनी ने इस बड़े फैसले के पीछे "बिजनेस और व्यापक इंडस्ट्री की रणनीतिक समीक्षा" का हवाला दिया है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर नए अकाउंट बनाने की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यह कदम उठाना उनके लिए "बहुत भारी मन" वाला फैसला था।
चरणबद्ध तरीके से बंद होगा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म
कंपनी ने बताया है कि एक्सचेंज को अचानक रातों-रात बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि यूजर्स को अपना पैसा और निवेश निकालने के लिए पूरे दो महीने का समय दिया गया है। फिलहाल मौजूद यूजर्स के लिए ट्रेडिंग 26 अगस्त तक बिल्कुल सामान्य रूप से जारी रहेगी। इसके बाद, प्लेटफॉर्म पर नई पाबंदियां लागू हो जाएंगी, जिसके तहत कोई भी ट्रेडर नई पोजीशन नहीं ले सकेगा। 26 अगस्त के बाद यूजर्स को केवल अपनी मौजूदा पोजीशन को घटाने की इजाजत होगी।
बाजार को सुरक्षित और पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से समेटने के लिए, कंपनी धीरे-धीरे ओपन पोजीशन को खुद ही बंद करना शुरू करेगी। अगर 23 सितंबर की डेडलाइन तक किसी भी यूजर का ट्रेड ओपन रह जाता है, तो सिस्टम उसे अपने आप क्लोज कर देगा। बिटमेक्स ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि प्लेटफॉर्म के पूरी तरह बंद होने के बाद भी, यूजर्स सिस्टम में लॉग इन कर सकेंगे और अपना बचा हुआ फंड आसानी से निकाल सकेंगे। हालांकि, कंपनी ने यह चेतावनी भी दी है कि जो यूजर्स अपने फंड को बिना निकाले लंबे समय तक ऐसे ही पड़ा रहने देंगे, उनसे अंततः हर महीने एक अकाउंट फीस वसूली जाएगी।
परपेचुअल स्वैप की शुरुआत और एक लंबा सफर
क्रिप्टो डेरिवेटिव्स बाजार को खड़ा करने में बिटमेक्स का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। आर्थर हेस, बेंजामिन डेलो और सैमुअल रीड द्वारा साल 2014 में स्थापित इस एक्सचेंज ने ऐसे कई फीचर्स पेश किए, जो आज पूरी इंडस्ट्री के लिए एक मानक बन चुके हैं। एक्सचेंज की सबसे बड़ी कामयाबी मई 2016 में आई, जब इसने 'परपेचुअल स्वैप' लॉन्च किया। यह एक ऐसा फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट था जिसकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती थी और इसमें 100 गुना तक का लीवरेज मिलता था। यह टूल इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी क्रिप्टो बाजार का एक बड़ा हिस्सा इसी के दम पर चलता है। क्रिप्टोक्वांट के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में क्रिप्टो परपेचुअल ट्रेडिंग का वॉल्यूम 61.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, जो कि पिछले साल के मुकाबले 13.8 ट्रिलियन डॉलर ज्यादा था। इसके अलावा, कंपनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि अपने 11 साल से ज्यादा के इतिहास में उसने कभी भी हैकिंग के कारण यूजर्स का पैसा नहीं खोया, जो कि करोड़ों डॉलर के साइबर हमलों वाले इस साल में एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
कानूनी विवाद और अंतिम विदाई
शुरुआती सफलताओं और मजबूत सुरक्षा के बावजूद, बिटमेक्स का बाद का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। साल 2024 में, ढीले एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों के कारण बैंक सीक्रेसी एक्ट के उल्लंघन के मामले में कंपनी ने अपना जुर्म कबूल किया था। इसके लिए एक्सचेंज को 100 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना भी चुकाना पड़ा था। इसके बाद मार्च 2025 में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्थर हेस और उनके साथी संस्थापकों को माफी दे दी थी, जिससे उनके ऊपर चल रहे आपराधिक मामले पूरी तरह से खत्म हो गए थे।
अपने अंतिम बयान में, इस अग्रणी एक्सचेंज ने ग्राहकों से कहा कि वे अब ट्रेडिंग के लिए उन "कई बेहतरीन प्लेटफॉर्म्स का रुख करें जो हमारे नक्शेकदम पर चले हैं।"

















